देशभर के कई ट्रक ड्राइवरों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि विभिन्न बॉर्डर चेकिंग प्वाइंट्स पर उन्हें बार-बार रोका जाता है, जिससे बेवजह की परेशानी उठानी पड़ती है। ड्राइवरों के अनुसार, इन चेकिंग प्वाइंट्स पर उनके दस्तावेज़ों की लंबी और बार-बार जाँच होती है, उनसे घंटों पूछताछ की जाती है, और उन्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ता है। ड्राइवरों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि माल की डिलीवरी में भी अनावश्यक देरी होती है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ता है। यह स्थिति एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि क्या इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि ईमानदार ट्रक ड्राइवरों को ऐसी अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके। जस्ट जयपुर लाइव 24×7 ने इस मुद्दे पर एक खास ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई है और लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भी ऐसे अनुभव या वीडियो हैं, तो वे उन्हें साझा करें। साथ ही, यह भी नोट किया गया है कि किसी भी विशेष घटना के दावे को संबंधित तथ्यों और पक्षों के साथ सत्यापित करना आवश्यक है।
देशभर के कई ट्रक ड्राइवरों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि विभिन्न बॉर्डर चेकिंग प्वाइंट्स पर उन्हें बार-बार रोका जाता है, जिससे बेवजह की परेशानी उठानी पड़ती है। ड्राइवरों के अनुसार, इन चेकिंग प्वाइंट्स पर उनके दस्तावेज़ों की लंबी और बार-बार जाँच होती है, उनसे घंटों पूछताछ की जाती है, और उन्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ता है। ड्राइवरों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि माल की डिलीवरी में भी अनावश्यक देरी होती है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ता है। यह स्थिति एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि क्या इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि ईमानदार ट्रक ड्राइवरों को ऐसी अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके। जस्ट जयपुर लाइव 24×7 ने इस मुद्दे पर एक खास ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई है और लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भी ऐसे अनुभव या वीडियो हैं, तो वे उन्हें साझा करें। साथ ही, यह भी नोट किया गया है कि किसी भी विशेष घटना के दावे को संबंधित तथ्यों और पक्षों के साथ सत्यापित करना आवश्यक है।
- देशभर के कई ट्रक ड्राइवरों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि विभिन्न बॉर्डर चेकिंग प्वाइंट्स पर उन्हें बार-बार रोका जाता है, जिससे बेवजह की परेशानी उठानी पड़ती है। ड्राइवरों के अनुसार, इन चेकिंग प्वाइंट्स पर उनके दस्तावेज़ों की लंबी और बार-बार जाँच होती है, उनसे घंटों पूछताछ की जाती है, और उन्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ता है। ड्राइवरों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि माल की डिलीवरी में भी अनावश्यक देरी होती है, जिसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ता है। यह स्थिति एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि क्या इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि ईमानदार ट्रक ड्राइवरों को ऐसी अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके। जस्ट जयपुर लाइव 24×7 ने इस मुद्दे पर एक खास ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई है और लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास भी ऐसे अनुभव या वीडियो हैं, तो वे उन्हें साझा करें। साथ ही, यह भी नोट किया गया है कि किसी भी विशेष घटना के दावे को संबंधित तथ्यों और पक्षों के साथ सत्यापित करना आवश्यक है।1
- यमुना जल समझौते के बाद, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके एक पुराने बयान की याद दिलाई। राठौड़ ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग कल तक किसी काम को 'मुमकिन नहीं' बताते थे और पानी के मुद्दे पर राजनीति करते थे, आज वही इतिहास की गवाही और किए गए वादों की सच्चाई को देख रहे हैं। राठौड़ ने गहलोत के उस सार्वजनिक बयान को दोहराया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि यमुना जल समझौता हो जाता है, तो वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को माला पहनाकर उनका अभिनंदन करेंगे। इस बयान को याद दिलाकर राठौड़ ने एक तरह से गहलोत को अपने कहे पर अमल करने की चुनौती दी है।1
- पुलिस ने एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें परीक्षाओं को पैसों में बेचा जा रहा था। इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा 45 छात्रों की एक सूची, लाखों रुपये के लेनदेन के हिसाब और व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से हुआ, जिसने नकल के इस काले खेल की पूरी सच्चाई सामने ला दी।1
- Post by Sonu Pawar1
- मोदी जी ने सर शोभा सिंह की संपत्ति पर एक बड़ा एक्शन लिया है, जिन्हें मूल पाठ में 'आधी दिल्ली का मालिक', 'अंग्रेज़ों का दलाल' और 'भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी चढ़वाने में सहायता करने वाला' बताया गया है। इस महत्त्वपूर्ण कार्रवाई के बावजूद, यह सवाल उठाया जा रहा है कि फिर भी लोग कहते हैं कि मोदी जी ने आखिर क्या किया है।1
- जयपुर पुलिस ने जैपुर के मुहाना इलाके में एक मासूम नाबालिग बच्चे के खौफनाक 'ब्लाइंड मर्डर' का महज 48 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। यह मामला तब सामने आया जब 25 जून 2026 को ग्राम कैश्यावाला में पानी की टंकी के पास, एक नाले के अंदर सिर कटे धड़ वाली लाश मिलने से हड़कंप मच गया; कटी हुई खोपड़ी भी शव के पास ही पड़ी हुई थी। इस सनसनीखेज वारदात की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस ने शिनाख्त शुरू की, तो पता चला कि यह शव मुकदमा नंबर 547/2026 BNS के तहत अपहृत बालक का था। कातिलों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन में एक बड़ी घेराबंदी की गई। इसमें साइबर सेल, जिला विशेष टीम (DST) और मुहाना थाने की दो विशेष टीमों ने मैदान संभाला। पुलिस ने इलाके में सादा वस्त्रों में तैनाती की, मुखबिरों का जाल बिछाया, और वारदात के रूट पर आने वाले करीब 200 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला। घेराबंदी इतनी तगड़ी थी कि पुलिस ने लगभग 150 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की। आखिरकार, जिला विशेष टीम के कांस्टेबल राजवीर नंबर बेल्ट नंबर 10220 की सटीक और पुख्ता सूचना पर पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को निरुद्ध कर लिया है। उनके पास से कत्ल में इस्तेमाल किया गया खूनी चाकू भी बरामद कर लिया गया है।1
- जयपुर के तलामोड़ स्थित अरावली पैलेस रिसॉर्ट में एक दुखद हादसा हो गया, जहां सीवर पिट के निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक दीवार ढह गई। इस भीषण दुर्घटना से निर्माणाधीन रिसॉर्ट मौत के मंजर में तब्दील हो गया। दीवार गिरने के कारण तीन मजदूरों की जीवन लीला समाप्त हो गई।1