अम्बेडकरनगर जिले के हंसवर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरहिया की निवासी चंदा कुमारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर पड़ोसी युवक और हंसवर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने बिना किसी राजस्व पैमाइश के उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। जब इसका विरोध किया गया तो उसके साथ मारपीट की गई, जातिसूचक शब्द कहे गए और हाथ मरोड़कर उसे घायल कर दिया गया। मामले की सूचना देने पर हंसवर थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक पर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा और जबरन समझौता कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि समझौते से इनकार करने पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने और जेसीबी से घर गिरवाने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से हंसवर थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पूरे मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
अम्बेडकरनगर जिले के हंसवर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरहिया की निवासी चंदा कुमारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर पड़ोसी युवक और हंसवर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने बिना किसी राजस्व पैमाइश के उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। जब इसका विरोध किया गया तो उसके साथ मारपीट की गई, जातिसूचक शब्द कहे गए और हाथ मरोड़कर उसे घायल कर दिया गया। मामले की सूचना देने पर हंसवर थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक पर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा और जबरन समझौता कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि समझौते से इनकार करने पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने और जेसीबी से घर गिरवाने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से हंसवर थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पूरे मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
- अम्बेडकरनगर जिले के हंसवर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरहिया की निवासी चंदा कुमारी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर पड़ोसी युवक और हंसवर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने बिना किसी राजस्व पैमाइश के उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया। जब इसका विरोध किया गया तो उसके साथ मारपीट की गई, जातिसूचक शब्द कहे गए और हाथ मरोड़कर उसे घायल कर दिया गया। मामले की सूचना देने पर हंसवर थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक पर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा और जबरन समझौता कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि समझौते से इनकार करने पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने और जेसीबी से घर गिरवाने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से हंसवर थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पूरे मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।1
- अम्बेडकरनगर के थाना कटका क्षेत्र अंतर्गत गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर 26 जुलाई 2026 को एक पिकअप और ट्रक के बीच दुर्घटना हो गई। इस सड़क भिड़ंत के संबंध में जलालपुर के क्षेत्राधिकारी श्री अनूप कुमार सिंह द्वारा बयान दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर स्थित बसखारी में एक अस्पताल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां ऑपरेशन कराए जाने के बाद एक महिला की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना से आक्रोशित और दुखी पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में अकबरपुर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम के संयुक्त ऑपरेशन के तहत शिव बाबा धाम से 11 टप्पेबाजों को धर दबोचा गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पकड़े गए आरोपी मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के रहने वाले हैं। इनका कारोबार टप्पेबाजी करके महिलाओं के जेवर उड़ाना था। शिव बाबा धाम से इन टप्पेबाजों की गिरफ्तारी को अंबेडकर नगर पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- सुल्तानपुर के अमहट मंडी में यातायात व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। मंडी के गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे व्यापारियों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि सड़क पर हर समय धक्का-मुक्की और रेंगते वाहनों का नजारा देखने को मिलता है। व्यापारियों का आरोप है कि जाम की समस्या दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम होने के कारण यातायात नियंत्रण प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है और कभी-कभार गश्त बढ़ाने या औपचारिक कार्रवाई करने से स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आ रहा है। मंडी के व्यापारियों ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लें तथा सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उच्च अधिकारियों की नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मंडी में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।1
- अम्बेडकरनगर में पुलिस ने पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने का झांसा देकर सोने-चांदी के जेवरात ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को झांसे में लेकर उनके कीमती गहनों की ठगी को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लगभग 10 ग्राम सोना, चांदी के आभूषण तथा ₹47,100 नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आरोपियों से की जा रही पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।1
- पेपर लीक के खिलाफ आज नया बिल लाया जा रहा है। दूसरी ओर, राहुल ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई थी। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का ऐलान किया गया है।1
- सुल्तानपुर की अमहट मंडी में यातायात व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। मंडी के गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे व्यापारियों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर हर समय धक्का-मुक्की और रेंगते वाहनों का नजारा देखने को मिलता है। व्यापारियों का आरोप है कि जाम की समस्या दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था 'ऊंट के मुंह में जीरा' साबित हो रही है। मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम होने के कारण यातायात नियंत्रण प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। कभी-कभार गश्त बढ़ाने या औपचारिक कार्रवाई करने से स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आता और जाम जस का तस बना रहता है। मंडी के व्यापारियों ने मांग की है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लें तथा सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि जब तक उच्च अधिकारियों की नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। व्यापारियों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मंडी में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।1