चित्रकूट में भू-माफियाओं ने एक बड़ी साजिश के तहत वन विभाग और मेला कंट्रोल रूम की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह पूरा मामला रजौला हल्का मौजा राजौरा के खसरा नंबर 14 की आराजी से जुड़ा हुआ है। साल 1958 में हुए भूमि हस्तांतरण यानी अदला-बदली के बाद से यह जमीन वन विभाग के पास थी। इस बेशकीमती जमीन पर पिछले 70 वर्षों से वन परिक्षेत्र कार्यालय, कर्मचारियों के निवास स्थान, वन विश्राम गृह और पुलिस-मेला कंट्रोल रूम का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। इस सरकारी जमीन को हड़पने के लिए भू-माफियाओं ने दस्तावेजों में गलत चौहद्दी दर्शाकर रजिस्ट्रार को धोखे में रखा और रजिस्ट्री के नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए रजिस्ट्री करा ली। यहां सरकारी निर्माण और सार्वजनिक उपयोग की जमीन होने के बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इसके साथ ही, यह जमीन पुण्य मंदाकिनी नदी से महज 100 मीटर के दायरे में आती है, जिसकी वजह से यह रजिस्ट्री नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और हाईकोर्ट के आदेशों की भी सीधे तौर पर अवहेलना करती है। करोड़ों की इस मूल्यवान सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने और इसे बचाने के लिए अब कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेजी से उठने लगी है।
चित्रकूट में भू-माफियाओं ने एक बड़ी साजिश के तहत वन विभाग और मेला कंट्रोल रूम की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह पूरा मामला रजौला हल्का मौजा राजौरा के खसरा नंबर 14 की आराजी से जुड़ा हुआ है। साल 1958 में हुए भूमि हस्तांतरण यानी अदला-बदली के बाद से यह जमीन वन विभाग के पास थी। इस बेशकीमती जमीन पर पिछले 70 वर्षों से वन परिक्षेत्र कार्यालय, कर्मचारियों के निवास स्थान, वन विश्राम गृह और पुलिस-मेला कंट्रोल रूम का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। इस सरकारी जमीन को हड़पने के लिए भू-माफियाओं ने दस्तावेजों में गलत चौहद्दी दर्शाकर रजिस्ट्रार को धोखे में रखा और रजिस्ट्री के नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए रजिस्ट्री करा ली। यहां सरकारी निर्माण और सार्वजनिक उपयोग की जमीन होने के बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इसके साथ ही, यह जमीन पुण्य मंदाकिनी नदी से महज 100 मीटर के दायरे में आती है, जिसकी वजह से यह रजिस्ट्री नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और हाईकोर्ट के आदेशों की भी सीधे तौर पर अवहेलना करती है। करोड़ों की इस मूल्यवान सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने और इसे बचाने के लिए अब कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेजी से उठने लगी है।
- चित्रकूट में भू-माफियाओं ने एक बड़ी साजिश के तहत वन विभाग और मेला कंट्रोल रूम की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह पूरा मामला रजौला हल्का मौजा राजौरा के खसरा नंबर 14 की आराजी से जुड़ा हुआ है। साल 1958 में हुए भूमि हस्तांतरण यानी अदला-बदली के बाद से यह जमीन वन विभाग के पास थी। इस बेशकीमती जमीन पर पिछले 70 वर्षों से वन परिक्षेत्र कार्यालय, कर्मचारियों के निवास स्थान, वन विश्राम गृह और पुलिस-मेला कंट्रोल रूम का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। इस सरकारी जमीन को हड़पने के लिए भू-माफियाओं ने दस्तावेजों में गलत चौहद्दी दर्शाकर रजिस्ट्रार को धोखे में रखा और रजिस्ट्री के नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए रजिस्ट्री करा ली। यहां सरकारी निर्माण और सार्वजनिक उपयोग की जमीन होने के बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इसके साथ ही, यह जमीन पुण्य मंदाकिनी नदी से महज 100 मीटर के दायरे में आती है, जिसकी वजह से यह रजिस्ट्री नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और हाईकोर्ट के आदेशों की भी सीधे तौर पर अवहेलना करती है। करोड़ों की इस मूल्यवान सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने और इसे बचाने के लिए अब कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेजी से उठने लगी है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में जगन्नाथ यात्रा का आयोजन किया गया है। मैहर में आयोजित हुई इस जगन्नाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह और भक्ति का माहौल है।1
- मैहर के अमरपाटन में मध्य प्रदेश शासन के 'नशे से है दूरी जरूरी 2.0' अभियान के तहत संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अमरपाटन थाना पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और उन्हें नशे से दूर रहने, नशे का त्याग करने तथा समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संदेश दिया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरपाटन तहसीलदार आर.डी. साकेत, थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह परस्ते, उप निरीक्षक बी.एल. रावत, प्रधान आरक्षक रीता सिंह और महिला कॉन्स्टेबल शिवानी उपस्थित रहीं। इनके साथ ही स्कूल का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इस दौरान मौजूद रहे।3
- मध्य प्रदेश के उचेहरा में भगवान जगन्नाथ स्वामी की नगर में निकलने वाली रथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस पावन रथ यात्रा का विश्राम श्री संकट मोचन मन्दिर में होगा। रथ यात्रा के तहत मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा नरहिंग भगवान को निमंत्रण देने के लिए नरसिंह अखाड़े तक एक विशेष श्रंगार यात्रा भी निकाली गई।1
- नशे से दूरी को बेहद जरूरी बताते हुए मध्यप्रदेश में सूखे और मेडिकल नशे को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। आज पूरा विश्व नशे की मार झेल रहा है और इसकी वजह से युवा व समाज दृगभ्रमित हो रहा है। चूंकि युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए इनकी रक्षा और सुरक्षा करना सभी का दायित्व है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 15 दिनों तक विशेष मुहिम चलाकर आम लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी अपनी बात रखी है।1
- सतना जिले के चित्रकूट थाना प्रभारी के तबादले के बाद अब थाने की कमान अस्थायी रूप से व्ही. बी. टांडिया को सौंप दी गई है। नए थाना प्रभारी की नियुक्ति होने तक व्ही. बी. टांडिया ही चित्रकूट थाना का कार्यभार संभालेंगे और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद से ही स्थानीय नागरिकों की नजरें पुलिस की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि नए नेतृत्व के आने से थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को पहले से अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही, नए स्थायी थाना प्रभारी की होने वाली नियुक्ति को लेकर भी लगातार चर्चाएं चल रही हैं।1
- सतना के कोठी चौराहे पर दो युवकों के बीच फाइट हुई है। इस लड़ाई के कारण पूरा कोठी चौराहा मानो WWF रिंग का अखाड़ा बन गया।1