जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे परिवार की जानकारी जसवंतनगर में आगामी जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्लॉक सभागार में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में 'कैसे करें स्व-गणना' संबंधी पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। इन पंपलेटों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी सत्यापन कर लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें राज्य, जिला और स्थानीय विवरण भरने के साथ-साथ डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान भी चिन्हित करना होगा। पंपलेट में मकान और परिवार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने की अपील की गई है। जानकारी सबमिट होने के बाद नागरिकों को एक एसई आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रगणक (एन्यूमरेटर) के घर आने पर इसी एसई आईडी के आधार पर दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से जनगणना कार्य अधिक पारदर्शी, सरल और तेज होगा। जागरूकता सामग्री में लोगों से जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए अधिक से अधिक सहभागिता करने की अपील की गई है। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ चलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक समय रहते स्व-गणना प्रक्रिया को समझकर उसमें भागीदारी सुनिश्चित कर सके। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह और फुरकान खान भी उपस्थित रहे।
जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे परिवार की जानकारी जसवंतनगर में आगामी जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्लॉक सभागार में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में 'कैसे करें स्व-गणना' संबंधी पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। इन पंपलेटों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी सत्यापन कर लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें राज्य, जिला और स्थानीय विवरण भरने के साथ-साथ डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान भी चिन्हित करना होगा। पंपलेट में मकान और परिवार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने की अपील की गई है। जानकारी सबमिट होने के बाद नागरिकों को एक एसई आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रगणक (एन्यूमरेटर) के घर आने पर इसी एसई आईडी के आधार पर दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से जनगणना कार्य अधिक पारदर्शी, सरल और तेज होगा। जागरूकता सामग्री में लोगों से जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए अधिक से अधिक सहभागिता करने की अपील की गई है। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ चलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक समय रहते स्व-गणना प्रक्रिया को समझकर उसमें भागीदारी सुनिश्चित कर सके। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह और फुरकान खान भी उपस्थित रहे।
- Asharampal bahadurpur usrahar etawah up75जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश👏51 min ago
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- अधर्म के अंत का संदेश देती है कंस वध लीला: आचार्य राघव दास जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्राम चांदनपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की कंस वध लीला का श्रवण कर भावविभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य राघव दास जी महाराज ने भागवत पुराण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी मामा कंस का वध कर समाज को भय और अन्याय से मुक्ति दिलाई। कंस वध केवल एक राक्षस के अंत की कथा नहीं, बल्कि सत्य की असत्य पर विजय का प्रतीक है। कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। आचार्य राघव दास जी महाराज ने भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को धार्मिक और नैतिक संस्कार देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, सत्य के मार्ग पर चलना तथा धर्म से जुड़े रहने की सीख देने का आह्वान किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं। फोटो परिचय: चांदनपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कंस वध लीला का वर्णन करते आचार्य राघव दास जी महाराज एवं उपस्थित श्रद्धालु।1
- कंस वध लीला अधर्म के अंत का प्रतीक: आचार्य राघव दास ने कहा, कंस वध लीला अधर्म के अंत का प्रतीक: आचार्य राघव दास ने कहा, भगवान धर्म स्थापना के लिए लेते हैं अवतार जसवंतनगर के ग्राम चांदनपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य राघव दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की कंस वध लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। आचार्य राघव दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी मामा कंस का वध कर समाज को भय और अन्याय से मुक्ति दिलाई। उन्होंने इस लीला को केवल एक राक्षस के अंत की कथा नहीं, बल्कि सत्य की असत्य पर विजय का प्रतीक बताया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे भक्तिमय वातावरण बन गया। आचार्य राघव दास महाराज ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को धार्मिक और नैतिक संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बड़ों का सम्मान करने, सत्य के मार्ग पर चलने और धर्म से जुड़े रहने की सीख देने का आह्वान किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।1
- वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस के कोच से उठा धुआं, यात्रियों में मची अफरा-तफरी इटावा: दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब सूबेदारगंज से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही 20433 सूबेदारगंज-एसवीडीके एक्सप्रेस के एसी कोच एम-1 से अचानक धुआं निकलने लगा। धुआं उठता देख यात्रियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेन को भरथना रेलवे स्टेशन पर रोक दिया। ट्रैकमैन की सूचना पर स्टेशन अधीक्षक ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन रुकवाई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित तरीके से प्लेटफॉर्म पर खड़ा किया। जांच में पता चला कि कोच के नीचे ब्रेक बाइंडिंग की वजह से धुआं निकल रहा था। रेलवे की तकनीकी टीम ने फायर सेफ्टी सिलेंडरों की मदद से स्थिति पर काबू पाया। इस दौरान कोच में लगा फायर सायरन बजने से यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को कोच से नीचे उतार लिया गया। मौके पर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस भी पहुंच गई। करीब 30 मिनट बाद ट्रेन को इटावा स्टेशन लाया गया, जहां दोबारा तकनीकी जांच के बाद उसे सुरक्षित मानते हुए वैष्णो देवी कटरा के लिए रवाना कर दिया गया।4
- निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठे सवाल, मरीजों से ज्यादा वसूली का आरोप राजधानी नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों से अधिक रकम वसूलने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया कि करीब 1300 रुपये कीमत की दवा के बदले अस्पताल द्वारा 5100 रुपये का बिल बनाया गया। महिला ने बिलिंग में गड़बड़ी और मरीजों के साथ आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। घटना के सामने आने के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मनमानी वसूली और पारदर्शिता की कमी को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- इटावा के शनि धाम में 9 मई को एक विशेष शनि कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने शनि भक्तों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण करने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना से हाईस्कूल मार्कशीट की अनिवार्यता हटाने की मांग उठी है। जय जवान जय किसान लोक शक्ति संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों बुजुर्गों के पास यह दस्तावेज़ नहीं है, जिससे वे पेंशन से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने आधार कार्ड या अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों को आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की अपील की है ताकि पात्र बुजुर्गों को लाभ मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन के लिए हाईस्कूल मार्कशीट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों बुजुर्गों के पास यह मार्कशीट न होने से उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा। संगठन ने आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसे वैकल्पिक दस्तावेज मान्य करने की अपील की है।1
- जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे जनगणना 2027: स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज: नागरिक स्वयं भर सकेंगे परिवार की जानकारी जसवंतनगर में आगामी जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्लॉक सभागार में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में 'कैसे करें स्व-गणना' संबंधी पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। इन पंपलेटों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी सत्यापन कर लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें राज्य, जिला और स्थानीय विवरण भरने के साथ-साथ डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान भी चिन्हित करना होगा। पंपलेट में मकान और परिवार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने की अपील की गई है। जानकारी सबमिट होने के बाद नागरिकों को एक एसई आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रगणक (एन्यूमरेटर) के घर आने पर इसी एसई आईडी के आधार पर दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से जनगणना कार्य अधिक पारदर्शी, सरल और तेज होगा। जागरूकता सामग्री में लोगों से जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए अधिक से अधिक सहभागिता करने की अपील की गई है। यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ चलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक समय रहते स्व-गणना प्रक्रिया को समझकर उसमें भागीदारी सुनिश्चित कर सके। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह और फुरकान खान भी उपस्थित रहे।1