मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चाक पर गढ़ा दीया’ आम जनता में हुआ हलचल *कोरिया, 17 फरवरी 2026/* छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का एक अलग ही रूप उस समय देखने को मिला, जब वे कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़ने लगे। अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ ही परिसर में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड के ग्राम चकडड़ निवासी शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय शिल्पकार प्रजापति के स्टॉल पर पहुंचे। कुछ देर तक उन्होंने उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता इतनी बढ़ी कि उन्होंने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा जाहिर की। देवी दयाल की सहमति से मुख्यमंत्री ने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देख स्वयं शिल्पकार देवी दयाल भी आश्चर्यचकित रह गए। उपस्थित जनसमूह ने इस दृश्य को उत्साह और तालियों के साथ सराहा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुम्हार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री का यह आत्मीय और सहज व्यवहार न केवल स्थानीय कारीगरों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि शासन की प्राथमिकता में पारंपरिक शिल्प और ग्रामीण आजीविका को सशक्त करना शामिल है। स्टाल प्रदर्शनी के इस अवसर पर कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, एसपी रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चाक पर गढ़ा दीया’ आम जनता में हुआ हलचल *कोरिया, 17 फरवरी 2026/* छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का एक अलग ही रूप उस समय देखने को मिला, जब वे कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़ने लगे। अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ ही परिसर में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड के ग्राम चकडड़ निवासी शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय शिल्पकार प्रजापति के स्टॉल पर पहुंचे। कुछ देर तक उन्होंने उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता इतनी बढ़ी कि उन्होंने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा जाहिर की। देवी दयाल की सहमति से मुख्यमंत्री ने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देख स्वयं शिल्पकार देवी दयाल भी आश्चर्यचकित रह गए। उपस्थित जनसमूह ने इस दृश्य को उत्साह और तालियों के साथ सराहा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुम्हार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री का यह आत्मीय और सहज व्यवहार न केवल स्थानीय कारीगरों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि शासन की प्राथमिकता में पारंपरिक शिल्प और ग्रामीण आजीविका को सशक्त करना शामिल है। स्टाल प्रदर्शनी के इस अवसर पर कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, एसपी रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. आरोप है कि इन लोगों ने हंसपुर में आदिवासी ग्रामीणों के साथ बीती रात मारपीट की थी. मारपीट में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी. फिलहाल पुलिस ने SDM को गिरफ्तार कर लिया है. #Vayamcg #Balrampur #SDMArrested #MurderCase #PoliceAction1
- CM साय पहुंचे कोरिया महोत्सव में अपने हाथों से बनाया दिया1
- प्रशासनिक अधिकारियों को किस बात का डर था जो कांग्रेस के चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांश जैन को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका गया?1
- Gram panchayat kraiya vikaskhand ambikapur k anganbadi karyakarta anganbadi ki samshya kahte..khas report himanshu raj md news vice buero chief ambikapur dist.surguja cg.7805838076.1
- दिन प्रतिदिन ठगी सामने आ रही हैं की लोग कलेक्टर बन कर लोगों को ठग कर पैसा लिए जा रहे है आखिर ऐसे क्यू1
- ग्राम पंचायत कोरोमा के आश्रित ग्राम कचांदी के ग्रामीण कलेक्टरेट कार्यालय पहुच कर ज्ञापन सौपा । ज्ञापन देने पहुचे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हे पिछले तीन महीनों से शासकीय योजना अंतर्गत मिलने वाला राशन नहीं मिला है दुकान संचालक द्वारा फिंगरप्रिंट लेकर भी चावल नहीं दिया जा रहा जिससे समस्या हो रही । ग्रामीणों ने मांग की है की जल्द से जल्द उन्हे राशन दिया जाना चाहिए ।1
- मोरवा में कोयला खनन से बढ़ता प्रदूषण, प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कोयला खदानों से उड़ने वाली धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण मोरवा क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विस्थापन से पूर्व ही यहां के नागरिक सांस संबंधी रोग, आंखों में जलन, त्वचा संक्रमण और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ते PM2.5 और PM10 कणों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है, जिससे दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के संक्रमण और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों बढ़ी हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग तो किया जा रहा है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि खदान क्षेत्रों में एटोमाइज्ड वॉटर मिस्ट या फॉग कैनन का उपयोग सही तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। फॉग कैनन को 45 डिग्री के कोण पर स्थापित कर उच्च दबाव के साथ बारीक पानी की बूंदों का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि धूल के महीन कणों को प्रभावी ढंग से जमीन पर बैठाया जा सके। इसके अलावा खदान और ट्रांसपोर्ट मार्गों पर एंटी-स्मॉग गन की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कच्ची सड़कों और कोयला भंडारण स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल रासायनिक धूल अवरोधकों का प्रयोग किया जाना चाहिए, जिससे धूल उड़ने से रोकी जा सके। खदान क्षेत्रों के आसपास घनी हरित पट्टी विकसित कर प्राकृतिक फिल्टर तैयार करने की आवश्यकता है, जो हवा की गति को कम कर धूल कणों को रोकने में सहायक हो सकती है। अभ्युदय सिंह ने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण के स्तर की नियमित मॉनिटरिंग कर पारदर्शी तरीके से AQI रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और खनन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को गंभीरता से लागू कर क्षेत्र को प्रदूषण से राहत दिलाएं।2
- गांव के सरपंच उपसरपंच और चुने हुए पंच गण अवस्था जांच की बच्चो को किस तरह से भोजन की सुविधा दी जा रही हैं1