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Gram panchayat kraiya vikaskhand ambikapur k anganbadi karyakarta anganbadi ki samshya kahte..khas report himanshu raj md news vice buero chief ambikapur dist.surguja cg.7805838076.
Himanshu raj
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- Gram panchayat kraiya vikaskhand ambikapur k anganbadi karyakarta anganbadi ki samshya kahte..khas report himanshu raj md news vice buero chief ambikapur dist.surguja cg.7805838076.1
- के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. आरोप है कि इन लोगों ने हंसपुर में आदिवासी ग्रामीणों के साथ बीती रात मारपीट की थी. मारपीट में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी. फिलहाल पुलिस ने SDM को गिरफ्तार कर लिया है. #Vayamcg #Balrampur #SDMArrested #MurderCase #PoliceAction1
- दिन प्रतिदिन ठगी सामने आ रही हैं की लोग कलेक्टर बन कर लोगों को ठग कर पैसा लिए जा रहे है आखिर ऐसे क्यू1
- अंबिकापुर | 18 फरवरी 2026 सरगुजा जिले के थाना गांधीनगर क्षेत्र में सूने मकान से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खरीददार आरोपी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात समेत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये का सामान जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी अनिल कुमार दास परिवार सहित बाहर दर्शन पर गए थे, इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्रकरण दर्ज कर विवेचना के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन्होंने चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि चोरी किए गए जेवर अंबिकापुर के एक सर्राफा व्यापारी को बेचे गए थे। इसके बाद जेवर खरीदने वाले दुकानदार को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।3
- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षकों पर VSK ऐप का दबाव गलत, दंडात्मक कार्रवाई और अनिवार्यता पर लगाई ‘अंतरिम रोक’ छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और निगरानी के लिए लागू किए गए ‘VSK ऐप’ को लेकर चल रहे विवाद में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिक्षक को उसकी इच्छा के विरुद्ध व्यक्तिगत मोबाइल फोन पर थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता शिक्षक के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। निजी संपत्ति और निजता का अधिकार प्रमुख आधार यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब शिक्षक कमलेश सिंह बिसेन ने सरकार के उस फरमान को चुनौती दी, जिसमें शिक्षकों के निजी मोबाइल को शासकीय कार्य के लिए उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने स्वयं कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए दो टूक कहा कि शिक्षकों का व्यक्तिगत मोबाइल उनकी निजी संपत्ति है, जिसे सरकार बिना सहमति के ‘ऑफिसियल टूल’ की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकती। साथ ही, थर्ड-पार्टी ऐप से डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत निजता (Privacy) के उल्लंघन का गंभीर खतरा बना रहता है। सरकार से दो सप्ताह में मांगा जवाब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को ऐप डाउनलोड करने के लिए बाध्य न किया जाए और न ही इस आधार पर उसके वेतन या सेवा रिकॉर्ड पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाला जाए। डिजिटल प्रशासन के दौर में मील का पत्थर कानूनी गलियारों में इस आदेश को डिजिटल प्रशासन और कर्मचारी अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार किसी ऐप को अनिवार्य करना चाहती है, तो उसे संसाधन (मोबाइल और डेटा) भी स्वयं उपलब्ध कराने चाहिए। फिलहाल यह राहत तकनीकी रूप से याचिकाकर्ता तक सीमित है, लेकिन आने वाली सुनवाई में होने वाला फैसला प्रदेश के हजारों शिक्षकों के भविष्य और कार्यप्रणाली की दिशा तय करेगा।1
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- गांव के सरपंच उपसरपंच और चुने हुए पंच गण अवस्था जांच की बच्चो को किस तरह से भोजन की सुविधा दी जा रही हैं1