चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा
दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री
राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान
की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
- बीते 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र, युवा और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। यह प्रदर्शन देशभर में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह आंदोलन वास्तव में इस बदलाव को लाने में सफल हो पाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, साथ ही दर्शकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने, वीडियो को पसंद करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े हुई एक युवक की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पटपरा गांव के पास साइकिल से जा रहे मुगलसराय के चतुर्भुजपुर निवासी मनोज कुमार को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और मौके से फरार हो गए। यह घटना ऐसे समय हुई जब जिले के वरिष्ठ अधिकारी तहसील दिवस में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे, जबकि अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी और अलीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अब हमलावरों के आने-जाने की दिशा का पता लगाने में जुटी है। इस हत्याकांड ने अलीनगर क्षेत्र में बढ़ते अपराधों की लंबी श्रृंखला को फिर से उजागर किया है। पिछले दो महीनों में, 20 अप्रैल को रेवसा गांव में कव्वाली कार्यक्रम के दौरान फायरिंग, 18 मई को खजूर गांव में क्रिकेट मैच के दौरान गोलीबारी, और 28 मई को मनोहरपुर में एक सराफा व्यापारी को गोली मारने जैसी आधा दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 28 मई को सराफा व्यापारी पर हमला करने वाले आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अलीनगर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस का खौफ कम होता दिख रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कितनी जल्दी कर पाती है और बढ़ते अपराध पर कैसे लगाम लगाती है।2
- चंदौली ज़िले की धनरियां माइनर नहर इस समय घास-फूस, पेड़-पौधों और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह पटी हुई है। किसान नेता राम राम अवध सिंह ने इस स्थिति का ज़िक्र किया है।1
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योगी ने मोदी को फंसा दिया है। इसमें आगे बताया गया है कि अखिलेश यादव ने एक ऐसी चाल चली, जिसके बाद नीतीश जी तैयार हो गए। इन घटनाओं के फलस्वरूप, दावा किया गया है कि मोदी सरकार इस समय बैसाखी के सहारे चल रही है।1
- बिहार सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री संजय सिंह टाइगर ने शुक्रवार को कैमूर जिले में संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण गर्मी (लू) से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित की गई, जहाँ आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु विभिन्न विभागों की कार्ययोजना और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने और आम लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर कैमूर जिला बाढ़ प्रभावित जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। हालांकि, बरसाती नदियों में जलस्तर बढ़ने और मुसाखाड़ व करमचट डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुआंव प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बनती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए दुर्गावती में 2, रामगढ़ में 9 और नुआंव में 1 सहित कुल 12 निजी नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। राहत सामग्री की दरें 19 मई 2026 को निर्धारित कर ली गई हैं। जिले में 325 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं और अतिरिक्त 500 की मांग राज्य मुख्यालय से की गई है। इसके अतिरिक्त, 9 बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहाँ पेयजल, शौचालय और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है और नागरिक सहायता के लिए 06189-222080 या व्हाट्सएप नंबर 8544413501 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट भी तैयार रखे गए हैं। लू और पेयजल संकट से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने जिले के सभी 11 प्रखंडों में चापाकल मरम्मत के लिए 12 विशेष टीमों को तैनात किया है। अब तक 2191 लक्षित चापाकलों में से 1483 की मरम्मत पूरी कर ली गई है। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 06189-223445 जारी किया गया है। अधौरा, चटनिया टोला, ओखड़गड़ा, कुदरा सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में सात टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल भभुआ में ओआरएस, आईवी फ्लूइड्स तथा अन्य जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है, और सभी एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए मनरेगा के तहत तालाब, आहर और पइन निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। मजदूरों को गर्मी से बचाने के लिए कार्य अवधि सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने मानसून में देरी की स्थिति में उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार, बाजरा और तोरिया जैसी अल्प अवधि वाली वैकल्पिक फसलों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, जल संसाधन विभाग द्वारा कर्मनाशा मुख्य नहर सहित विभिन्न नहरों और लघु नहरों की सफाई तथा जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है ताकि सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सके। बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों, आम नागरिकों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं।1
- आज दिनांक 06.06.2026 को अलीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पटपरा के समीप एक साइकिल सवार को अज्ञात व्यक्ति ने गोली मार दी। इस घटना के विषय में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय ने एक वक्तव्य जारी किया है।1
- चंदौली जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत किया गया।1
- वाराणसी में भेलूपुर पुलिस ने श्री विद्या मठ शंकराचार्य घाट स्थित हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी करने वाले और चोरी का माल खरीदने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण, पूजन सामग्री और नकदी भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू खान पुत्र शाहनवाज खान निवासी साकेत नगर, नरिया (थाना लंका); ध्रुव कुमार वर्मा पुत्र स्वर्गीय दयाशंकर वर्मा निवासी रानीपुर, महमूरगंज (थाना भेलूपुर); और संतोष वर्मा पुत्र स्वर्गीय शिव प्रसाद वर्मा निवासी सराय नंदन, दशमी (थाना भेलूपुर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राजू खान को रत्नाकर पार्क के पास से पकड़ा गया, जबकि ध्रुव कुमार वर्मा और संतोष वर्मा को सराय नंदन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। बरामद सामान में एक पीतल का लोटा, सफेद धातु से बना गदा का ऊपरी हिस्सा, तीन मुकुट, एक चेन, सफेद धातु का एक टुकड़ा और 1500 रुपये नकद शामिल हैं। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि हनुमान मंदिर से भगवान के चांदी के हार, पीतल के लोटे, आचमन पात्र और अन्य पूजन सामग्री की चोरी के संबंध में एक तहरीर मिली थी। इस मामले के खुलासे के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई, जिसकी जांच में सामने आया कि राजू खान ने मंदिर में चोरी की थी, जबकि ध्रुव कुमार वर्मा और संतोष वर्मा ने चोरी का सामान खरीदा था। राजू खान के खिलाफ भेलूपुर और लंका थाना क्षेत्रों में पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस चोरी की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर दुर्गा सिंह, उपनिरीक्षक नवीन कुमार चतुर्वेदी (चौकी प्रभारी अस्सी), उपनिरीक्षक शिवम श्रीवास्तव (चौकी प्रभारी रेवड़ी तालाब), कांस्टेबल सूरज भारती, संदीप कुमार, प्रशांत तिवारी और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही।1
- मोहनिया, कैमूर में कुदरा पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुल 100.94 ग्राम हेरोइन के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जमुनीपुर निवासी 29 वर्षीय अशोक कुमार, कझारघाट निवासी 26 वर्षीय गोरख कुमार उर्फ गोरख मल्लाह और 19 वर्षीय चंदन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, चंदन कुमार के पास से 50.50 ग्राम और गोरख कुमार के पास से 50.44 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 3,954 रुपये नकद, एक काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल और दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार गोरख कुमार उर्फ गोरख मल्लाह का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध कुदरा थाने में शराबबंदी, मारपीट, आर्म्स एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।3