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बिहार सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री संजय सिंह टाइगर ने शुक्रवार को कैमूर जिले में संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण गर्मी (लू) से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित की गई, जहाँ आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु विभिन्न विभागों की कार्ययोजना और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने और आम लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर कैमूर जिला बाढ़ प्रभावित जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। हालांकि, बरसाती नदियों में जलस्तर बढ़ने और मुसाखाड़ व करमचट डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुआंव प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बनती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए दुर्गावती में 2, रामगढ़ में 9 और नुआंव में 1 सहित कुल 12 निजी नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। राहत सामग्री की दरें 19 मई 2026 को निर्धारित कर ली गई हैं। जिले में 325 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं और अतिरिक्त 500 की मांग राज्य मुख्यालय से की गई है। इसके अतिरिक्त, 9 बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहाँ पेयजल, शौचालय और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है और नागरिक सहायता के लिए 06189-222080 या व्हाट्सएप नंबर 8544413501 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट भी तैयार रखे गए हैं। लू और पेयजल संकट से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने जिले के सभी 11 प्रखंडों में चापाकल मरम्मत के लिए 12 विशेष टीमों को तैनात किया है। अब तक 2191 लक्षित चापाकलों में से 1483 की मरम्मत पूरी कर ली गई है। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 06189-223445 जारी किया गया है। अधौरा, चटनिया टोला, ओखड़गड़ा, कुदरा सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में सात टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल भभुआ में ओआरएस, आईवी फ्लूइड्स तथा अन्य जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है, और सभी एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए मनरेगा के तहत तालाब, आहर और पइन निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। मजदूरों को गर्मी से बचाने के लिए कार्य अवधि सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने मानसून में देरी की स्थिति में उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार, बाजरा और तोरिया जैसी अल्प अवधि वाली वैकल्पिक फसलों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, जल संसाधन विभाग द्वारा कर्मनाशा मुख्य नहर सहित विभिन्न नहरों और लघु नहरों की सफाई तथा जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है ताकि सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सके। बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों, आम नागरिकों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं।

20 hrs ago
user_Satyam Kumar Upadhyay
Satyam Kumar Upadhyay
Local News Reporter Bhabua, Patna•
20 hrs ago

बिहार सरकार के माननीय प्रभारी मंत्री संजय सिंह टाइगर ने शुक्रवार को कैमूर जिले में संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण गर्मी (लू) से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित की गई, जहाँ आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु विभिन्न विभागों की कार्ययोजना और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने और आम लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर कैमूर जिला बाढ़ प्रभावित जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। हालांकि, बरसाती नदियों में जलस्तर बढ़ने और मुसाखाड़ व करमचट डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुआंव प्रखंड के कुछ क्षेत्रों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बनती है। आपात स्थिति से निपटने के लिए दुर्गावती में 2, रामगढ़ में 9 और नुआंव में 1 सहित कुल 12 निजी नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। राहत सामग्री की दरें 19 मई 2026 को निर्धारित कर ली गई हैं। जिले में 325 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं और अतिरिक्त 500 की मांग राज्य मुख्यालय से की गई है। इसके अतिरिक्त, 9 बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहाँ पेयजल, शौचालय और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है और नागरिक सहायता के लिए 06189-222080 या व्हाट्सएप नंबर 8544413501 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट भी तैयार रखे गए हैं। लू और पेयजल संकट से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने जिले के सभी 11 प्रखंडों में चापाकल मरम्मत के लिए 12 विशेष टीमों को तैनात किया है। अब तक 2191 लक्षित चापाकलों में से 1483 की मरम्मत पूरी कर ली गई है। पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 06189-223445 जारी किया गया है। अधौरा, चटनिया टोला, ओखड़गड़ा, कुदरा सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में सात टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल भभुआ में ओआरएस, आईवी फ्लूइड्स तथा अन्य जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है, और सभी एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए मनरेगा के तहत तालाब, आहर और पइन निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। मजदूरों को गर्मी से बचाने के लिए कार्य अवधि सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने मानसून में देरी की स्थिति में उड़द, मूंग, तिल, मक्का, ज्वार, बाजरा और तोरिया जैसी अल्प अवधि वाली वैकल्पिक फसलों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, जल संसाधन विभाग द्वारा कर्मनाशा मुख्य नहर सहित विभिन्न नहरों और लघु नहरों की सफाई तथा जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है ताकि सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सके। बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों, आम नागरिकों और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं।

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  • बीते 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र, युवा और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। यह प्रदर्शन देशभर में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह आंदोलन वास्तव में इस बदलाव को लाने में सफल हो पाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, साथ ही दर्शकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने, वीडियो को पसंद करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।
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    बीते 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र, युवा और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।

यह प्रदर्शन देशभर में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है, जिस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह आंदोलन वास्तव में इस बदलाव को लाने में सफल हो पाएगा।

इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, साथ ही दर्शकों से अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करने, वीडियो को पसंद करने, चैनल को सब्सक्राइब करने और इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील भी की गई है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    7 hrs ago
  • सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने मंत्री दीपक प्रकाश की विधान परिषद (MLC) सीट को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में 8 जून तक का समय है और संकेत दिया कि दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुँचने को लेकर अभी भी संभावनाएँ बनी हुई हैं। यह गौरतलब है कि एनडीए द्वारा घोषित एमएलसी उम्मीदवारों की सूची में दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी मंत्री के लिए पद संभालने के छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है।
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    सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने मंत्री दीपक प्रकाश की विधान परिषद (MLC) सीट को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में 8 जून तक का समय है और संकेत दिया कि दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुँचने को लेकर अभी भी संभावनाएँ बनी हुई हैं।

यह गौरतलब है कि एनडीए द्वारा घोषित एमएलसी उम्मीदवारों की सूची में दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी मंत्री के लिए पद संभालने के छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है।
    user_राष्ट्र नमन प्रेस
    राष्ट्र नमन प्रेस
    Local Politician चेनारी, रोहतास, बिहार•
    15 hrs ago
  • चंदौली के चकिया स्थित बरांव गांव के समीप, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने तपती गर्मी और सिंचाई संकट के बीच धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि माइनर की वर्षों से समुचित सफाई नहीं कराई गई है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत बेहद खराब है। जहां बरांव गांव के दक्षिण दिशा में कभी-कभार सफाई हो जाती है, वहीं गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से सफाई नहीं की गई है। किसानों ने जानकारी दी कि माइनर बांस, बबूल, कनेर, बकाइन जैसे पेड़ों और खरपतवारों से पूरी तरह पट गई है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। इस जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तो भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की जरूरतों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने मांग की कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जानी चाहिए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारू हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि इस गंभीर मामले से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
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    चंदौली के चकिया स्थित बरांव गांव के समीप, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने तपती गर्मी और सिंचाई संकट के बीच धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि माइनर की वर्षों से समुचित सफाई नहीं कराई गई है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत बेहद खराब है। जहां बरांव गांव के दक्षिण दिशा में कभी-कभार सफाई हो जाती है, वहीं गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से सफाई नहीं की गई है। किसानों ने जानकारी दी कि माइनर बांस, बबूल, कनेर, बकाइन जैसे पेड़ों और खरपतवारों से पूरी तरह पट गई है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। इस जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तो भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की जरूरतों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने मांग की कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जानी चाहिए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारू हो सके।

किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि इस गंभीर मामले से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है।

इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कमालपुर धानापुर क्षेत्र के युवा नेता राजकुमार सनातनी से संपर्क करने का आह्वान किया गया है। पोस्ट के माध्यम से लोगों को सूचित किया गया है कि वे किसी भी कार्य को 'बनवाने' के लिए श्री राजकुमार सनातनी से संपर्क कर सकते हैं।
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    उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कमालपुर धानापुर क्षेत्र के युवा नेता राजकुमार सनातनी से संपर्क करने का आह्वान किया गया है। पोस्ट के माध्यम से लोगों को सूचित किया गया है कि वे किसी भी कार्य को 'बनवाने' के लिए श्री राजकुमार सनातनी से संपर्क कर सकते हैं।
    user_राजकुमार सनातनी
    राजकुमार सनातनी
    Iron & Steel Store सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • AC
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    AC
    user_Premjeet kushwaha
    Premjeet kushwaha
    सासाराम, रोहतास, बिहार•
    5 hrs ago
  • चंदौली ज़िले की धनरियां माइनर नहर इस समय घास-फूस, पेड़-पौधों और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह पटी हुई है। किसान नेता राम राम अवध सिंह ने इस स्थिति का ज़िक्र किया है।
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    चंदौली ज़िले की धनरियां माइनर नहर इस समय घास-फूस, पेड़-पौधों और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह पटी हुई है। किसान नेता राम राम अवध सिंह ने इस स्थिति का ज़िक्र किया है।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
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    चन्दौली के चकिया क्षेत्र में किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धनरियां माइनर की बदहाल स्थिति के विरोध में बरांव गांव के पास जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि वर्षों से माइनर की समुचित सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण भीषण गर्मी और सिंचाई संकट के बीच क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने मौके पर पहुंचकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि मेन राइट कैनाल से निकली धनरियां माइनर की हालत अत्यंत खराब है। बरांव गांव के दक्षिण दिशा में तो कभी-कभार सफाई करा दी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर दिशा में दशकों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने बताया कि माइनर में बांस, बबूल, कनेर, बकाइन सहित अन्य पेड़-पौधे और खरपतवार उग आए हैं, जिससे जल प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इसके परिणामस्वरूप, आवश्यकता पड़ने पर किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जबकि बरसात या अधिक जल प्रवाह के समय पानी माइनर की पटरी तोड़कर खेतों में फैल जाता है। किसानों का कहना है कि जलभराव से रबी सीजन की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं जैसी फसलें प्रभावित होती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भारी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन किसानों की सिंचाई व्यवस्था की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 के बाद नहर सफाई का रोस्टर नवंबर-दिसंबर में कर दिया गया है, जो किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की मांग है कि नहरों की सफाई पूर्व की भांति अप्रैल-मई में ही कराई जाए, ताकि धान की रोपाई से पहले सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सके।

किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि यदि धान की रोपाई शुरू होने से पहले धनरियां माइनर की सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं किया गया, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। संगठन मंत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया गया है। इस प्रदर्शन में सुरेश मौर्य, श्रीप्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • गाज़ीपुर के ज़मानिया क्षेत्र के एक गांव में, स्थानीय निवासियों ने बताया है कि उनके गांव में नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
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    गाज़ीपुर के ज़मानिया क्षेत्र के एक गांव में, स्थानीय निवासियों ने बताया है कि उनके गांव में नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
    user_Jitendra
    Jitendra
    जमानिया, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • चंदौली जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
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    चंदौली जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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