*ठंड में इंसानियत की गर्माहट: माँ सुभद्रा ग्रुप ने अनाथ बच्चों को बांटे गर्म कपड़े, चेहरे पर लौटी मुस्कान* *सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: रांची विमेंस कॉलेज की प्रोफेसर ने भी आरपीएस अनाथ आश्रम का दौरा कर मदद का दिया भरोसा* *महुआडांड़ (लातेहार):* इंसानियत आज भी जिंदा है, इसकी मिसाल रविवार को महुआडांड़ में देखने को मिली। माँ सुभद्रा ग्रुप चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आरपीएस अनाथ आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। ठंड से बचाव के लिए मिले गर्म कपड़ों से बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। इस नेक पहल में ममता सक्सेना, गीता गुप्ता, विद्या ठाकुर, ममता पासवान, राजू रंजन कुमार एवं प्रभात कुमार राजन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। *प्रोफेसर ने भी दिखाई संवेदनशीलता* इस दौरान रांची विमेंस कॉलेज की एक प्रोफेसर ने भी आश्रम का दौरा किया। उन्होंने आश्रम की स्थिति और बच्चों की जरूरतों को समझा और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उनके इस कदम से बच्चों के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगी है। कार्यक्रम में आरपीएस अनाथ आश्रम के संस्थापक कमलेश यादव, जसवंत यादव एवं भरत राम मौजूद रहे। उन्होंने ट्रस्ट और प्रोफेसर का आभार व्यक्त किया।
*ठंड में इंसानियत की गर्माहट: माँ सुभद्रा ग्रुप ने अनाथ बच्चों को बांटे गर्म कपड़े, चेहरे पर लौटी मुस्कान* *सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: रांची विमेंस कॉलेज की प्रोफेसर ने भी आरपीएस अनाथ आश्रम का दौरा कर मदद का दिया भरोसा* *महुआडांड़ (लातेहार):* इंसानियत आज भी जिंदा है, इसकी मिसाल रविवार को महुआडांड़ में देखने को मिली। माँ सुभद्रा ग्रुप चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आरपीएस अनाथ आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। ठंड से बचाव के लिए मिले गर्म कपड़ों से बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। इस नेक पहल में ममता सक्सेना, गीता गुप्ता, विद्या ठाकुर, ममता पासवान, राजू रंजन कुमार एवं प्रभात कुमार राजन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। *प्रोफेसर ने भी दिखाई संवेदनशीलता* इस दौरान रांची विमेंस कॉलेज की एक प्रोफेसर ने भी आश्रम का दौरा किया। उन्होंने आश्रम की स्थिति और बच्चों की जरूरतों को समझा और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उनके इस कदम से बच्चों के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगी है। कार्यक्रम में आरपीएस अनाथ आश्रम के संस्थापक कमलेश यादव, जसवंत यादव एवं भरत राम मौजूद रहे। उन्होंने ट्रस्ट और प्रोफेसर का आभार व्यक्त किया।
- *ठंड में इंसानियत की गर्माहट: माँ सुभद्रा ग्रुप ने अनाथ बच्चों को बांटे गर्म कपड़े, चेहरे पर लौटी मुस्कान* *सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: रांची विमेंस कॉलेज की प्रोफेसर ने भी आरपीएस अनाथ आश्रम का दौरा कर मदद का दिया भरोसा* *महुआडांड़ (लातेहार):* इंसानियत आज भी जिंदा है, इसकी मिसाल रविवार को महुआडांड़ में देखने को मिली। माँ सुभद्रा ग्रुप चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आरपीएस अनाथ आश्रम में रह रहे अनाथ बच्चों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। ठंड से बचाव के लिए मिले गर्म कपड़ों से बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। इस नेक पहल में ममता सक्सेना, गीता गुप्ता, विद्या ठाकुर, ममता पासवान, राजू रंजन कुमार एवं प्रभात कुमार राजन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। *प्रोफेसर ने भी दिखाई संवेदनशीलता* इस दौरान रांची विमेंस कॉलेज की एक प्रोफेसर ने भी आश्रम का दौरा किया। उन्होंने आश्रम की स्थिति और बच्चों की जरूरतों को समझा और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उनके इस कदम से बच्चों के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगी है। कार्यक्रम में आरपीएस अनाथ आश्रम के संस्थापक कमलेश यादव, जसवंत यादव एवं भरत राम मौजूद रहे। उन्होंने ट्रस्ट और प्रोफेसर का आभार व्यक्त किया।1
- लातेहार सरकारी सर्किट हाउस में कांग्रेस का झंडा लहराने से उठे सवाल, उपायुक्त ने लिया संज्ञान, जांच के निर्देश संतोष कुमार लातेहार। लातेहार जिला मुख्यालय स्थित सरकारी सर्किट हाउस में रविवार को कांग्रेस पार्टी का झंडा लहराता दिखाई देने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। राज्य में महागठबंधन की सरकार है और फिलहाल आदर्श आचार संहिता लागू नहीं होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद सरकारी सर्किट हाउस जैसे सार्वजनिक परिसर में किसी राजनीतिक दल का झंडा लगाया जाना चर्चा का विषय बन गया है।सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस का झंडा किसके निर्देश या अनुमति से लगाया गया और क्या सरकारी परिसर में राजनीतिक दल का झंडा लगाने के लिए कोई निर्धारित नियम या अनुमति है। वहीं, लातेहार में कांग्रेस का अपना कार्यालय होने के बावजूद पार्टी की बैठकें सर्किट हाउस में आयोजित किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सरकारी परिसर के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।इस मामले पर उपायुक्त संदीप कुमार ने संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।3
- अखिल झारखंड अनुसूचित जाति महासंघ के नए गठन की तैयारी तेज, अधिकार और सामाजिक उत्थान पर होगा मंथन लातेहार। अखिल झारखंड अनुसूचित जाति महासंघ के नए गठन को लेकर 25 अक्टूबर 2026 को पानी टंकी, चंदनडीह रोड स्थित पुराने मैनोनाइट गर्ल्स हॉस्टल, लातेहार में संजीत कुमार की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में महासंघ के निर्माण एवं रजिस्ट्रेशन, आय स्रोत व बैंक खाता खोलने, जिला विस्तार एवं कार्यप्रणाली तथा अनुसूचित जाति समाज की समस्याओं और सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक का उद्देश्य अनुसूचित जाति समाज के लोगों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, सामाजिक समानता एवं न्याय को बढ़ावा देना तथा आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए कार्य करना है। पदाधिकारियों ने कहा कि महासंघ भेदभाव, अशिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से कार्य करेगा।इस अवसर पर सकेश्वर कुमार राम, बिरजू राम, मिथलेश कुमार राम, उपेंद्र भुइयां, नरेंद्र राम, जगजीवन राम, दिनेश चौधरी, डॉ. ओम प्रकाश पासवान, रंजन राम, अंकित कुमार, रमथार नायक, कर्मदयाल नायक, बिनट राम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- लातेहार में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 38 गुम मोबाइल बरामद एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस को मिली सफलता, मोबाइल धारकों को सौंपे गए फोन रूपेश कुमार, , लातेहार : जिले में आए दिन मोबाइल फोन गुम होने की घटनाओं से आम लोग परेशान हैं। इसको लेकर लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने गंभीरता दिखाते हुए साइबर थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया था। एसपी के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 38 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन रविवार को लातेहार पुलिस कार्यालय के सभागार में उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए गए। जानकारी के अनुसार लातेहार सदर थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मोबाइल फोन गुम होने के बाद संबंधित मोबाइल धारकों ने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर इसकी सूचना दी थी।शिकायतों के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयास के बाद 38 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई : पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीलम भेंगरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस की इस पहल से लंबे समय से अपने गुम मोबाइल फोन की तलाश कर रहे लोगों को राहत मिली है। 38 मोबाइल धारकों को सौंपे गए फोन : इस दौरान एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि साइबर थाना में मोबाइल फोन गुम होने से संबंधित लिखित आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 38 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल फोन उनके धारकों को सौंप दिए गए हैं। इस मोबाइल वितरण के दौरान मुख्यालय डीएसपी प्रदीप कुमार, साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीलम भेंगरा, एसआई निर्मल मंडल और टेक्नीशियन सुरेश कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।1
- इंजेक्शन देने के बाद महिला की मौत, शव को एक्स-रे कक्ष में रखने का आरोप इंजेक्शन देने के बाद महिला की मौत, शव को एक्स-रे कक्ष में रखने का आरोप चंदवा के आराध्या क्लीनिक पर उठे सवाल, पैथोलॉजी और एक्स-रे संचालन की भी जांच की मांग; सिविल सर्जन ने कहा- रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई चंदवा (लातेहार)। संजय कुमार यादव चंदवा स्थित आराध्या क्लीनिक में इलाज के दौरान सीता देवी (60-65 वर्ष) की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान बौदा टोला, जामुन टोला निवासी रामटहल गंजू की पत्नी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तबीयत खराब होने पर महिला क्लीनिक पहुंची थी। आरोप है कि क्लीनिक संचालक नागेंद्र कुमार ठाकुर द्वारा इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्लीनिक की कार्यप्रणाली और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मौत के बाद शव को एक्स-रे कक्ष में रखने का आरोप आरोप है कि महिला की मौत के बाद उसके शव को क्लीनिक के एक्स-रे मशीन वाले कक्ष में रखा गया। करीब एक घंटे बाद क्लीनिक संचालक द्वारा निजी वाहन से शव को उसके घर भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिजनों और स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और मौत के बाद की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पैथोलॉजी और एक्स-रे संचालन की जांच की मांग आराध्या क्लीनिक में पैथोलॉजी जांच और एक्स-रे की सुविधा के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि आवश्यक पंजीकरण, लाइसेंस और योग्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता की जांच होनी चाहिए। इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग से क्लीनिक के पंजीकरण, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता, एक्स-रे मशीन के वैधानिक अनुमोदन तथा उपलब्ध जांच सुविधाओं की जांच कराने की मांग की जा रही है। 80 हजार रुपये दिए जाने की चर्चा महिला की मौत के बाद मामले को आपसी समझौते के जरिए सुलझाने की चर्चा भी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से परिजनों को करीब 80 हजार रुपये दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, राशि के भुगतान और कथित समझौते की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। खबर लिखे जाने तक चंदवा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने नहीं आई थी। मामले में परिजनों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष और क्लीनिक संचालक का बयान भी प्राप्त नहीं हो सका है। पूर्व की घटनाओं की जांच की भी उठी मांग स्थानीय स्तर पर क्लीनिक में पूर्व में भी इलाज के दौरान मरीजों की मौत होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित रिकॉर्ड, पूर्व शिकायतों और चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच जरूरी है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सिविल सर्जन बोले- जांच रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई इस संबंध में लातेहार के सिविल सर्जन राजमोहन खलखो से दूरभाष पर जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि इस मामले में चंदवा के प्रभारी से उनकी बात हुई है। प्रभारी को जांच रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन के अनुसार, अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय अभिलेखों, इंजेक्शन और उपचार से संबंधित जानकारी तथा संबंधित लोगों के बयान की जांच आवश्यक है। जरूरत के अनुसार अन्य चिकित्सकीय साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाना चाहिए। जांच में यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।2
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- लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत घाटा गाजिया गांव का निवासी बहुत परेशान है इसे गंभीर बीमारियां हो गई है1
- आकांक्षी प्रखंड महुआडार में वृद्ध महिलाओं को नहीं मिल रहा है वृद्धा पेंशन का लाभ: आक्रोशित है वृद्ध माताएं लातेहार जिला का आकांक्षी प्रखंड महुआडार में निवास करने वाली वृद्ध असहाय निसंतान महिलाओं को लंबे समय से वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है तो वही युवतियों को प्रत्येक माह मैया सम्मान योजना की राशि खाते में समय से आ रही है जिससे माताएं आकर्षित है।1