आस्था का अनूठा तप: बेटे की बीमारी ठीक होने पर पिता ने शुरू की कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्र डॉक्टर हनुमान का अनोखा चमत्कार। आस्था के सामने हारी बीमारी। बच्चे की बिमारी से हारे, पिता का सहारा बने डॉक्टर हनुमान। मन्नत पूरी होने पर कीलों की शैया पर यूपी के इटावा से दंदरौआ धाम तक दण्डवत यात्रा। देश भर में प्रसिद्ध है डॉक्टर हनुमान के नाम से दंदरौआ धाम। आस्था जब अटूट हो, तो इंसान मुश्किल से मुश्किल राह भी मुस्कुराते हुए पार कर लेता है। उत्तर प्रदेश के इटावा के विजयपुर चौराहे से आस्था, संकल्प और विश्वास की एक ऐसी ही हृदयस्पर्शी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। अपने 8 वर्षीय बेटे के गंभीर बीमारी से मुक्त होने की खुशी में एक पिता कीलों की शैय्या पर दंडवत प्रणाम करते हुए भिंड के सुप्रसिद्ध दंदरौआ धाम की कठिन यात्रा पर निकला है। डॉक्टर हनुमान जी महाराज से मांगी थी मनौती.... इटावा निवासी धर्मेंद्र के अनुसार, उनका 8 साल का बेटा लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उनके बेटे के माइंड में क्लोट (रक्त के धब्बा ) पढ़ गए थे, उन्होंने देश के बड़े-बड़े डॉक्टरों से बेटे का इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। हार मानकर करीब चार महीने पहले धर्मेंद्र प्रसिद्ध दंदरौआ सरकार (डॉक्टर हनुमान जी महाराज) की शरण में पहुंचे और दरबार में मनौती मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है, तो वे अपने निवास इटावा से दंदरौआ धाम तक कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्रा करेंगे। दिल्ली में आई सामान्य रिपोर्ट, छलक पड़े खुशी के आंसू.... मनौती मांगने के बाद जब धर्मेंद्र अपने बेटे को दोबारा जांच के लिए दिल्ली ले गए, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए—बेटे की सभी रिपोर्ट सामान्य आई थीं। इस चमत्कार और बेटे के स्वस्थ होने की खबर सुनते ही धर्मेंद्र की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 25 दिनों में 11वें दिन भिंड पहुंचे धर्मेंद्र..... अपने संकल्प को पूरा करने के लिए धर्मेंद्र ने 12 सितंबर से इटावा से दंदरौआ धाम के लिए यात्रा शुरू कर दी। तपती जमीन, राह के कांटों और शारीरिक कष्टों की परवाह किए बिना वे लगातार कीलों की शैय्या पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा के 11वें दिन वे भिंड पहुंच चुके हैं। उनका लक्ष्य लगभग 25 दिनों में दंदरौआ धाम पहुंचकर हनुमान जी महाराज के चरणों में नतमस्तक होना है। इलाके में चर्चा का विषय बनी पिता की तपस्या... एक पिता की आंखों में बेटे के जीवन की खुशी, माथे पर अटूट विश्वास और शरीर पर कठिन तपस्या—धर्मेंद्र की यह दंडवत यात्रा इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। धर्मेंद्र इसे केवल अपना संकल्प नहीं, बल्कि डॉक्टर हनुमान जी महाराज की असीम कृपा के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का तरीका मानते हैं।
आस्था का अनूठा तप: बेटे की बीमारी ठीक होने पर पिता ने शुरू की कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्र डॉक्टर हनुमान का अनोखा चमत्कार। आस्था के सामने हारी बीमारी। बच्चे की बिमारी से हारे, पिता का सहारा बने डॉक्टर हनुमान। मन्नत पूरी होने पर कीलों की शैया पर यूपी के इटावा से दंदरौआ धाम तक दण्डवत यात्रा। देश भर में प्रसिद्ध है डॉक्टर हनुमान के नाम से दंदरौआ धाम। आस्था जब अटूट हो, तो इंसान मुश्किल से मुश्किल राह भी मुस्कुराते हुए पार कर लेता है। उत्तर प्रदेश के इटावा के विजयपुर चौराहे से आस्था, संकल्प और विश्वास की एक ऐसी ही हृदयस्पर्शी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। अपने 8 वर्षीय बेटे
के गंभीर बीमारी से मुक्त होने की खुशी में एक पिता कीलों की शैय्या पर दंडवत प्रणाम करते हुए भिंड के सुप्रसिद्ध दंदरौआ धाम की कठिन यात्रा पर निकला है। डॉक्टर हनुमान जी महाराज से मांगी थी मनौती.... इटावा निवासी धर्मेंद्र के अनुसार, उनका 8 साल का बेटा लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उनके बेटे के माइंड में क्लोट (रक्त के धब्बा ) पढ़ गए थे, उन्होंने देश के बड़े-बड़े डॉक्टरों से बेटे का इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। हार मानकर करीब चार महीने पहले धर्मेंद्र प्रसिद्ध दंदरौआ सरकार (डॉक्टर हनुमान जी महाराज) की शरण में पहुंचे और दरबार में मनौती मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि
उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है, तो वे अपने निवास इटावा से दंदरौआ धाम तक कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्रा करेंगे। दिल्ली में आई सामान्य रिपोर्ट, छलक पड़े खुशी के आंसू.... मनौती मांगने के बाद जब धर्मेंद्र अपने बेटे को दोबारा जांच के लिए दिल्ली ले गए, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए—बेटे की सभी रिपोर्ट सामान्य आई थीं। इस चमत्कार और बेटे के स्वस्थ होने की खबर सुनते ही धर्मेंद्र की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 25 दिनों में 11वें दिन भिंड पहुंचे धर्मेंद्र..... अपने संकल्प को पूरा करने के लिए धर्मेंद्र ने 12 सितंबर से इटावा से दंदरौआ धाम के लिए यात्रा शुरू कर दी। तपती जमीन, राह के कांटों और
शारीरिक कष्टों की परवाह किए बिना वे लगातार कीलों की शैय्या पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा के 11वें दिन वे भिंड पहुंच चुके हैं। उनका लक्ष्य लगभग 25 दिनों में दंदरौआ धाम पहुंचकर हनुमान जी महाराज के चरणों में नतमस्तक होना है। इलाके में चर्चा का विषय बनी पिता की तपस्या... एक पिता की आंखों में बेटे के जीवन की खुशी, माथे पर अटूट विश्वास और शरीर पर कठिन तपस्या—धर्मेंद्र की यह दंडवत यात्रा इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। धर्मेंद्र इसे केवल अपना संकल्प नहीं, बल्कि डॉक्टर हनुमान जी महाराज की असीम कृपा के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का तरीका मानते हैं।
- आस्था का अनूठा तप: बेटे की बीमारी ठीक होने पर पिता ने शुरू की कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्र डॉक्टर हनुमान का अनोखा चमत्कार। आस्था के सामने हारी बीमारी। बच्चे की बिमारी से हारे, पिता का सहारा बने डॉक्टर हनुमान। मन्नत पूरी होने पर कीलों की शैया पर यूपी के इटावा से दंदरौआ धाम तक दण्डवत यात्रा। देश भर में प्रसिद्ध है डॉक्टर हनुमान के नाम से दंदरौआ धाम। आस्था जब अटूट हो, तो इंसान मुश्किल से मुश्किल राह भी मुस्कुराते हुए पार कर लेता है। उत्तर प्रदेश के इटावा के विजयपुर चौराहे से आस्था, संकल्प और विश्वास की एक ऐसी ही हृदयस्पर्शी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। अपने 8 वर्षीय बेटे के गंभीर बीमारी से मुक्त होने की खुशी में एक पिता कीलों की शैय्या पर दंडवत प्रणाम करते हुए भिंड के सुप्रसिद्ध दंदरौआ धाम की कठिन यात्रा पर निकला है। डॉक्टर हनुमान जी महाराज से मांगी थी मनौती.... इटावा निवासी धर्मेंद्र के अनुसार, उनका 8 साल का बेटा लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उनके बेटे के माइंड में क्लोट (रक्त के धब्बा ) पढ़ गए थे, उन्होंने देश के बड़े-बड़े डॉक्टरों से बेटे का इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। हार मानकर करीब चार महीने पहले धर्मेंद्र प्रसिद्ध दंदरौआ सरकार (डॉक्टर हनुमान जी महाराज) की शरण में पहुंचे और दरबार में मनौती मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है, तो वे अपने निवास इटावा से दंदरौआ धाम तक कीलों की शैय्या पर दंडवत यात्रा करेंगे। दिल्ली में आई सामान्य रिपोर्ट, छलक पड़े खुशी के आंसू.... मनौती मांगने के बाद जब धर्मेंद्र अपने बेटे को दोबारा जांच के लिए दिल्ली ले गए, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए—बेटे की सभी रिपोर्ट सामान्य आई थीं। इस चमत्कार और बेटे के स्वस्थ होने की खबर सुनते ही धर्मेंद्र की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 25 दिनों में 11वें दिन भिंड पहुंचे धर्मेंद्र..... अपने संकल्प को पूरा करने के लिए धर्मेंद्र ने 12 सितंबर से इटावा से दंदरौआ धाम के लिए यात्रा शुरू कर दी। तपती जमीन, राह के कांटों और शारीरिक कष्टों की परवाह किए बिना वे लगातार कीलों की शैय्या पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा के 11वें दिन वे भिंड पहुंच चुके हैं। उनका लक्ष्य लगभग 25 दिनों में दंदरौआ धाम पहुंचकर हनुमान जी महाराज के चरणों में नतमस्तक होना है। इलाके में चर्चा का विषय बनी पिता की तपस्या... एक पिता की आंखों में बेटे के जीवन की खुशी, माथे पर अटूट विश्वास और शरीर पर कठिन तपस्या—धर्मेंद्र की यह दंडवत यात्रा इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। धर्मेंद्र इसे केवल अपना संकल्प नहीं, बल्कि डॉक्टर हनुमान जी महाराज की असीम कृपा के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का तरीका मानते हैं।4
- भारतवर्षीय महिला महासभा एवं युवा महासभा ने कराया जैन नाटकीय भारतवर्षीय महिला महासभा एवं युवा महासभा ने कराया जैन नाटकीय भिण्ड/ पर्यूषण पर्व के अवसर पर जिन मंदिरों में चल रहे धार्मिक आयोजनों के दौरान ऋषभ सत्संग भवन में विराजमान आर्यिका विजिज्ञासा श्रीमाता जी के मगल आशीर्वाद से श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला महासभा एवं युवा महासभा द्वारा के जैन नाटकीय का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रजलन एवं मंगलाचरण से हुई। जिसमें धार्मिक भजनों के साथ महिला एवं बच्चों ने भक्ति करते हुए नृत्य किया। जैन महा सभा के द्वारा हुआ नितेश जैन समता जैन ज्योति जैन सगीता जैन लक्ष्मी जैन रिचा जैन महासभा की अध्यक्ष रानी जैन तनुष्का जैन अदिति जैन आदि लोग थे1
- आठवीं के बच्चे की रैगिंग के चलते बारहवीं के छात्रों ने की मारपीट, दहसत से बच्चा गायब इटावा:- जनपद इटावा थाना भरथना क्षेत्र के शाम्हो स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में सीनियर छात्रों द्वारा आठवीं के छात्र के साथ रैगिंग के चलते बच्चा स्कूल से गायब , बच्चा गायब होने पर स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप के साथ सिक्योरिटी पर भी कई सवाल । रिपोर्ट :- मनोज कुमार इटावा 88658001821
- खेत पर बिजली के तारों को ऊंचा कराने की मांग किसान यूनियन ने उठाई आवाज1
- नगर परिषद मालनपुर की लापरवाही, हरिराम की कुईया में गंदगी का अंबार नगर परिषद मालनपुर के हरिराम की कुईया क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की गंभीर स्थिति देखने को मिल रही है। सड़क किनारे जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कचरे के बीच गौवंश कचरा खाकर अपना पेट भरने को मजबूर है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह आम लोगों के आने-जाने वाली सड़क है। सड़क के किनारे इतनी गंदगी होने से राहगीरों को परेशानी हो रही है और आसपास का वातावरण भी दूषित हो रहा है। लंबे समय से जमा कचरे के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।1
- अपराधिक परेशानी बनी हुई है उप्र शासन प्रशासन पर जैसे कोई समस्या का हल नहीं जिसके कारण एक अपराधिक परेशानी की समस्या ही समस्या ही बनकर रह गयी,1
- इटावा गणेश महोत्सव में सजा भव्य पंडाल झांकियां ने श्रद्धालुओं का मन मोहा गणेश महोत्सव में सजा भव्य पंडाल, झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन इटावा। गणेश महोत्सव के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर स्थित पंडाल में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भगवान श्री गणेश की भव्य झांकियों सहित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे पंडाल में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीओ अवनीश सिंह मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम संयोजक डीजीसी क्राइम शिवकुमार शुक्ला जी की प्रमुख भूमिका रही। अतिथियों एवं आयोजकों का श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान पंडाल में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना की।4
- *यूपी में दरोगा-सिपाही और 2 CRPF जवानों ने गैंगरेप किया:* लड़की को किडनैप कर फार्म हाउस लाए थे, सभी गिरफ्तार *यूपी में दरोगा-सिपाही और 2 CRPF जवानों ने गैंगरेप किया:* लड़की को किडनैप कर फार्म हाउस लाए थे, सभी गिरफ्तार किया गया।1