जलालगढ़ में विद्यालय से गैस सिलेंडर व 12 बोरा चावल की हुई चोरी जलालगढ़ स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक 19 किलोग्राम वाला गैस सिलेंडर तथा 12 बोरा चावल करीब 6 क्विंटल चावल की चोरी कर ली। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं रसोइया मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए स्कूल पहुंचे। रसोईघर का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखा चावल एवं सिलेंडर गायब मिला।विद्यालय प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चावल मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए सुरक्षित रखे गए थे। सिलेंडर भी रसोई में उपयोग के लिए रखा गया था। घटना से विद्यालय परिवार और अभिभावकों में रोष व्याप्त है। चोरी की सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जलालगढ़ थाना में दे दी गई है। जलालगढ़ प्रखंड में विधालयों में चोरी की घटना बराबर हो रही है लेकिन आज तक एक भी चोरी नहीं पकड़ा गया है।
जलालगढ़ में विद्यालय से गैस सिलेंडर व 12 बोरा चावल की हुई चोरी जलालगढ़ स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक 19 किलोग्राम वाला गैस सिलेंडर तथा 12 बोरा चावल करीब 6 क्विंटल चावल की चोरी कर ली। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं रसोइया मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए स्कूल पहुंचे। रसोईघर का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखा चावल एवं सिलेंडर गायब मिला।विद्यालय प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चावल मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए सुरक्षित रखे गए थे। सिलेंडर भी रसोई में उपयोग के लिए रखा गया था। घटना से विद्यालय परिवार और अभिभावकों में रोष व्याप्त है। चोरी की सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जलालगढ़ थाना में दे दी गई है। जलालगढ़ प्रखंड में विधालयों में चोरी की घटना बराबर हो रही है लेकिन आज तक एक भी चोरी नहीं पकड़ा गया है।
- जलालगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत परमान नदी के आशियानी घाट पर अवैध बालू खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। इस संबंध में परमान नदी के आशियानी घाट पर चल रहे अवैध खनन की सूचना पूर्णिया खनन विभाग द्वारा जलालगढ़ थाना को गुप्त रूप से दी गई थी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने सफेद बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। हालांकि कार्रवाई के दौरान तीनों ट्रैक्टरों के चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने जब्त ट्रैक्टरों को थाना परिसर में लाकर खड़ा कर दिया है। खनन विभाग के निर्देश पर तीनों ट्रैक्टरों के विरुद्ध जलालगढ़ थाना कांड संख्या 40/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आज दिन के 2 बजे थानाध्यक्ष ने बताया पुलिस द्वारा फरार चालकों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।1
- बिहार मैं अजब गजब के कारनामे कोई भी मां बहन सुरक्षित नहीं हैं 22 वर्षीय युवक ने जो काम किया हैं बिल्कुल गलत किया हैं जहां हमें मां बहनों को रक्षा करनी चाहिए वहीं 45 वर्षीय महिला के साथ दरिंदगी किया1
- Post by Md Shahbaz2
- जोगबनी से रहस्यमय ढंग से लापता युवक, जानकारी देने पर करें संपर्क: 9572668805, 95232254211
- Post by Ganesh Kushwaha1
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- mere Allah #allah1
- कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत ग्राम डोकरैल में एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. एम. सिंह ने किया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिकगण, रावे छात्र, जलालगढ़ पशु चिकित्सालय के चिकित्सक एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा बीमार पशुओं का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना था। डॉ. के. एम. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ पशु ही बेहतर दूध उत्पादन एवं आर्थिक लाभ प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। विशेषकर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए पशुपालन आय का सशक्त साधन है। यदि पशुओं के खान-पान, रखरखाव एवं रोगों की समय पर पहचान न की जाए तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है। मृदा वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गत नवंबर माह में अनुसूचित जाति योजना के तहत ग्राम डोकरैल में 10 बकरियों का निःशुल्क वितरण किया गया था। हाल ही में किसानों द्वारा कुछ बकरियों के बीमार होने की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद त्वरित पहल करते हुए इस पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि बीमार पशुओं के प्रमुख लक्षणों में जुगाली बंद कर देना, सुस्ती आना, भूख कम लगना तथा आंख, नाक और मुंह से पानी आना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। शिविर में प्रखंड पशुपालन कार्यालय की ओर से मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई उपलब्ध कराई गई। इस दौरान 40 किसानों द्वारा लाए गए लगभग 20 बकरियों, 10 गायों एवं 5 भैंसों की निःशुल्क जांच, टीकाकरण एवं दवा वितरण किया गया। गंभीर रूप से बीमार पशुओं को आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया गया। साथ ही किसानों को पशुओं के लिए स्वच्छ वातावरण, साफ-सुथरा बाड़ा एवं शुद्ध चारा उपलब्ध कराने की सलाह दी गई। मोबाइल पशु चिकित्सक डॉ. प्रमोद प्रसाद मेहता ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बकरी पालन छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए “एटीएम” के समान है। इससे कम लागत में अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने मौसमी बीमारियों से बचाव, दुधारू एवं गर्भवती पशुओं की विशेष देखभाल तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पशुपालक किसानों के बीच निःशुल्क मिनरल मिक्सर का वितरण किया गया। आज 3 बजे तक शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही और किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।1