अयोध्या के ननसा बाजार क्षेत्र में ज्येष्ठ मास के अंतिम मंगलवार के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अजय गुप्ता की अगुवाई में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। अजय गुप्ता विगत कई वर्षों से क्षेत्र की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे स्थानीय रामलीला के मंचन में सहयोग करने से लेकर भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था तक, निरंतर सेवा कार्यों में तत्पर रहते हैं। हाल ही में, प्रयागराज महाकुंभ मेले से लौटकर अयोध्या दर्शन के लिए आए देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी उन्होंने कई दिनों तक भोजन और ठहरने की समुचित व्यवस्था की थी। इसी सेवा भाव के तहत ज्येष्ठ मास के आखिरी मंगलवार को यह भव्य भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें भक्तों को मुख्य रूप से छोला-चावल और मिष्ठान का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से शुरू होकर यह भंडारा देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस पुनीत अवसर पर क्षेत्र के सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता अमर बहादुर सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, संभ्रांत नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने अजय गुप्ता और उनकी टीम के इस सेवा कार्य की सराहना की।
अयोध्या के ननसा बाजार क्षेत्र में ज्येष्ठ मास के अंतिम मंगलवार के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अजय गुप्ता की अगुवाई में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। अजय गुप्ता विगत कई वर्षों से क्षेत्र की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे स्थानीय रामलीला के मंचन में सहयोग करने से लेकर भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था तक, निरंतर सेवा कार्यों में तत्पर रहते हैं। हाल ही में, प्रयागराज महाकुंभ मेले से लौटकर अयोध्या दर्शन के लिए आए देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी उन्होंने कई दिनों तक भोजन और ठहरने की समुचित व्यवस्था की थी। इसी सेवा भाव के तहत ज्येष्ठ मास के आखिरी मंगलवार को यह भव्य भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें भक्तों को मुख्य रूप से छोला-चावल और मिष्ठान का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से शुरू होकर यह भंडारा देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस पुनीत अवसर पर क्षेत्र के सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता अमर बहादुर सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, संभ्रांत नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने अजय गुप्ता और उनकी टीम के इस सेवा कार्य की सराहना की।
- अयोध्या के मिल्कीपुर में जेठ मास के चौथे बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर ब्लॉक मोड़ स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में धार्मिक श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस मौके पर स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा भव्य धार्मिक कार्यक्रमों और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में भक्तों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंगलवार की सुबह पवनपुत्र हनुमान के विशेष श्रृंगार और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई, जिसके उपरांत सामूहिक रूप से 'सुंदरकांड' का सस्वर पाठ किया गया। सुंदरकांड की चौपाइयों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पाठ की समाप्ति के बाद मारुति नंदन की भव्य आरती उतारी गई और उपस्थित भक्तों को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए शरबत का वितरण किया गया। दोपहर 2:00 बजे से मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं को मुख्य प्रसाद के रूप में स्वादिष्ट छोला-चावल परोसा गया। यह भंडारा 'प्रभु इच्छा' अनुसार देर शाम तक अनवरत रूप से जारी रहा, जिसमें राहगीरों और क्षेत्रीय लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और पूरे भक्ति भाव से बजरंगबली के जयकारे लगाए। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में गुरु प्रसाद गोस्वामी, तुलसीराम यादव, हृदय राम यादव, लल्लन गोस्वामी, गिरधारी बाबा, रघुनाथ यादव एल आई सी एजेंट, गुड्डू, झिंकू यादव, अजय गोस्वामी, राहुल यादव, विजय यादव, सूरज यादव, विश्वनाथ मास्टर, सोनू बाबा, काली यादव, अजय यादव सहित आसपास के सैकड़ों गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सेवा भाव से भंडारे की व्यवस्था संभाली और पुण्य लाभ कमाया, जिससे ब्लॉक मोड़ में सुंदरकांड की गूंज और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।4
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का विशेष महत्व बताया गया है, जिन्होंने भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने पुराणों और शास्त्रों के अनुसार समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। इसके अतिरिक्त, गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है, जहाँ पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर उनके बताए गए मार्ग का अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मत है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी मजबूत नींव सप्तऋषियों ने ही रखी थी। आज भी इन ऋषियों के विचार समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश देते हैं, और सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- मौरावां नगर पंचायत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा सुंदरकांड के कार्यक्रम के समापन के उपरांत रखा गया था।1
- परशुरामपुर थाना क्षेत्र के शुक्ला देवरिया गांव में सोमवार को कथित रूप से अवैध चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह अपने पदाधिकारियों, जिनमें जिला मंत्री प्रवीण सिंह और जिला संयोजक अजय कनौजिया शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया था कि गांव में रातों-रात बिना किसी वैध अभिलेख के चर्च बनाया जा रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कराने वाले लोगों के पास जमीन और निर्माण से संबंधित कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे, और क्षेत्रीय लोग भी उन्हें नहीं पहचान पा रहे थे। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष परशुरामपुर को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मनोज सिंह ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान पुरवा गांव में कुछ लोगों के कथित धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली। आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति को धर्मांतरण कराते हुए देखा गया, जो ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं को देखकर भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना को लेकर गांव में देर तक तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जन आंदोलन शुरू करेगा। बढ़ते विवाद को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी स्वर्णिम सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में यह भी सामने आया है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह कथित तौर पर पट्टे की जमीन बताई जा रही है, और ग्रामीणों के बीच पट्टाधारक छबिलाल द्वारा यह जमीन किसी हरपाल नामक व्यक्ति को बेचे जाने की चर्चा है। प्रशासन फिलहाल जमीन के स्वामित्व, निर्माण की वैधता और धर्मांतरण संबंधी कथित आरोपों की गहन जांच में जुटा है। वहीं, घटना के दौरान एसडीएम हरैया के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस ने बताया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
- SSC GD परीक्षा रद्द होने के कारण छात्रों में भारी आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। इस फैसले को लेकर छात्रों के बीच गहरा गुस्सा है।1
- जयसिंहपुर में मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, अघोषित बिजली कटौती, नीट पेपर लीक और क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अरुण वर्मा की अगुवाई में बड़ी संख्या में सपाई तहसील परिसर पहुंचे और उपजिलाधिकारी प्रभात सिंह को राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान, पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, जिससे गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने भीषण गर्मी के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। वर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं और किसानों को खाद की कमी से हो रही परेशानियों को भी प्रमुखता से उठाया। इस प्रदर्शन में सपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जो महंगाई, बिजली कटौती और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।2
- अयोध्या के रानो पाली चौकी क्षेत्र में, दीवानी स्टेट यानी न्यायालय के आदेश के बाद भी, प्रार्थी की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया। जब प्रार्थी के परिवार के सदस्यों ने इस कब्जे का विरोध किया, तो उनके परिवार के 10 लोगों को बंद कर दिया गया।3
- अयोध्या के मिल्कीपुर स्थित हरिंग्टनगंज विकासखंड के सहसेपुर (नियामतपुर) गांव के किसानों के लिए 'दैनिक भास्कर' में छपी एक खबर वरदान साबित हुई है। पिछले एक महीने से गांव का 25 केवीए का बिजली ट्रांसफार्मर खराब पड़ा था, जिसके कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। पानी की कमी के चलते खेतों में खड़ी भिंडी, कद्दू और धनिया जैसी कीमती फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई थीं। ग्रामीण और पीड़ित किसान फूलचंद्र यादव ने बताया कि उनका निजी नलकूप इसी ट्रांसफार्मर से चलता था। किसानों ने अपनी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक गुहार लगाई थी। लाइनमैन द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद विभागीय सुस्ती के कारण नया ट्रांसफार्मर नहीं लग पा रहा था, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई थी। 'दैनिक भास्कर' ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद विद्युत विभाग हरकत में आया। मिल्कीपुर के एसडीओ अमित कुमार सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय प्रक्रिया को गति दी और महज एक हफ्ते के भीतर गांव में नया ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली आपूर्ति बहाल करवा दी। ट्रांसफार्मर लगते ही किसानों के मुरझाए चेहरों पर फिर से रौनक लौट आई है और उनकी फसलों को नया जीवन मिल गया है। राहत मिलने पर ग्रामीण और किसान फूलचंद्र यादव ने 'दैनिक भास्कर' का कोटि-कोटि धन्यवाद किया। इसके साथ ही, उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।2
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने ही भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। उन्होंने समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन्हीं ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से ही जुड़ी हुई मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर ऋषियों द्वारा बताए गए मार्ग का ही अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मानना है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी सुदृढ़ नींव इन सप्तऋषियों ने ही रखी थी। उनके विचार वर्तमान दौर में भी समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1