परशुरामपुर थाना क्षेत्र के शुक्ला देवरिया गांव में सोमवार को कथित रूप से अवैध चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह अपने पदाधिकारियों, जिनमें जिला मंत्री प्रवीण सिंह और जिला संयोजक अजय कनौजिया शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया था कि गांव में रातों-रात बिना किसी वैध अभिलेख के चर्च बनाया जा रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कराने वाले लोगों के पास जमीन और निर्माण से संबंधित कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे, और क्षेत्रीय लोग भी उन्हें नहीं पहचान पा रहे थे। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष परशुरामपुर को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मनोज सिंह ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान पुरवा गांव में कुछ लोगों के कथित धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली। आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति को धर्मांतरण कराते हुए देखा गया, जो ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं को देखकर भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना को लेकर गांव में देर तक तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जन आंदोलन शुरू करेगा। बढ़ते विवाद को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी स्वर्णिम सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में यह भी सामने आया है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह कथित तौर पर पट्टे की जमीन बताई जा रही है, और ग्रामीणों के बीच पट्टाधारक छबिलाल द्वारा यह जमीन किसी हरपाल नामक व्यक्ति को बेचे जाने की चर्चा है। प्रशासन फिलहाल जमीन के स्वामित्व, निर्माण की वैधता और धर्मांतरण संबंधी कथित आरोपों की गहन जांच में जुटा है। वहीं, घटना के दौरान एसडीएम हरैया के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस ने बताया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के शुक्ला देवरिया गांव में सोमवार को कथित रूप से अवैध चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह अपने पदाधिकारियों, जिनमें जिला मंत्री प्रवीण सिंह और जिला संयोजक अजय कनौजिया शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया था कि गांव में रातों-रात बिना किसी वैध अभिलेख के चर्च बनाया जा रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कराने वाले लोगों के पास जमीन और निर्माण से संबंधित कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे, और क्षेत्रीय लोग भी उन्हें नहीं पहचान पा रहे थे। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष परशुरामपुर को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मनोज सिंह ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान पुरवा गांव में कुछ लोगों के कथित धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली। आरोप है कि इस दौरान एक
व्यक्ति को धर्मांतरण कराते हुए देखा गया, जो ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं को देखकर भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना को लेकर गांव में देर तक तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जन आंदोलन शुरू करेगा। बढ़ते विवाद को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी स्वर्णिम सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में यह भी सामने आया है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह कथित तौर पर पट्टे की जमीन बताई जा रही है, और ग्रामीणों के बीच पट्टाधारक छबिलाल द्वारा यह जमीन किसी हरपाल नामक व्यक्ति को बेचे जाने की चर्चा है। प्रशासन फिलहाल जमीन के स्वामित्व, निर्माण की वैधता और धर्मांतरण संबंधी कथित आरोपों की गहन जांच में जुटा है। वहीं, घटना के दौरान एसडीएम हरैया के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस ने बताया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- मंगलवार सुबह परसरामपुर और रिधौरा क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, मकानों के टीनशेड उड़ गए और बिजली के खंभे टूटकर गिर पड़े, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अचानक मौसम में आए इस बदलाव से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिधौरा बाजार में तेज हवा से सड़क किनारे लगा एक बिजली का खंभा गिर गया, जिसकी चपेट में आकर पास की एक दीवार भी टूट गई। गनीमत रही कि घटना के समय बाजार में लोगों की आवाजाही नहीं थी, वरना एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।1
- बस्ती जिले के बेलवरिया जंगल कुम्हर पुरवा गाँव (पिन कोड 272163) के रहने वाले नौ वर्षीय रितेश गुप्ता क्रिकेट के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वह क्रिकेट में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।1
- अंबेडकरनगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र में 25 मई 2026 को हुई एक हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े चार आरोपियों को घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। क्षेत्राधिकारी भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।1
- अम्बेडकरनगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की घटना का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर लिया है। पुलिस ने सोमवार सुबह नारायणपुर घाट रामबाबा मोड़ के पास से इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी भीटी लक्ष्मीकान्त मिश्रा के मार्गदर्शन में एसओजी, स्वाट, सर्विलांस तथा महरुआ थाना की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस को 25 मई की सुबह करीब 6 बजे ग्राम सेहरा जलालपुर के पास खड़ंजे के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान अजय कुमार (42) पुत्र स्व. रामनिहोर हरिजन, निवासी ग्राम सेहरा जलालपुर सरैया, थाना महरुआ के रूप में की। मृतक के सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। जानकारी के अनुसार, मृतक प्रतिदिन अपने घर से दूध लेकर महरुआ चौराहे पर सप्लाई करने जाता था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना महरुआ में मु0अ0सं0 90/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना और साक्ष्य संकलन के दौरान, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दीवान जी (22), माखन कुमार (20) और अजय कुमार (19) शामिल हैं, जो तीनों ग्राम मधुपुर मीरनपुर, थाना अहिरौली के निवासी हैं। इनके साथ ही अरुण कुमार (20), निवासी ग्राम सेहरा जलालपुर, थाना महरुआ को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी एसओजी निरीक्षक संजय पाण्डेय, प्रभारी स्वाट टीम उपनिरीक्षक अजीत कुमार पाण्डेय, प्रभारी सर्विलांस सेल उपनिरीक्षक विनोद यादव, थानाध्यक्ष महेन्द्र सरोज सहित थाना महरुआ पुलिस टीम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।2
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।1
- Post by Shaikh fazil1
- पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित मोहित गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। मोहित वही शख्स है जिसने आज सुबह वायरल हुए एक वीडियो में पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पुलिस उसे पकड़ने गई थी, तभी उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए गेट बंद कर महिलाओं को आगे कर दिया था और फिर एक वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। पुलिस के अनुसार, गांजा तस्कर मोहित गोस्वामी का अच्छा खासा आपराधिक इतिहास बताया गया है। अब पुलिस उसकी संपत्ति जब्त करने की बात कह रही है।1
- welcome1
- बिजली कटौती से परेशान जनता के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने व्यवस्था में सुधार न होने का कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता है। मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोग बिजली कटौती संबंधी शिकायत लेकर जाने में भी शर्म महसूस करते हैं।1