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तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अयोध्या के थाना इनायतनगर क्षेत्र के पलिया लोहानी गांव निवासी एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के परिजनों में इस घटना के बाद शोक की लहर है। यह घटना 22 मई 2026 की सुबह करीब 7:15 बजे हुई, जब ग्राम पलिया लोहानी निवासी राम जियावन पुत्र राजाराम मिल्कीपुर पेट्रोल टंकी के पास मिल्कीपुर-खजुरहट रोड पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान फैजाबाद की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप संख्या UP 42 CT 3734 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम जियावन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे 108 एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल अयोध्या पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई राम प्रताप की तहरीर पर थाना इनायतनगर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।3
- गोण्डा नगर में उतरौला रोड पर 'गंगा भवन' स्थित है। इस भवन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए 9454971606 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- समाजवादी पार्टी के नेता मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर आगामी नीट परीक्षा के परीक्षार्थियों के लिए राज्य रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था करने की मांग की है। यह मांग 21 जून को होने वाली परीक्षा के मद्देनजर की गई है, क्योंकि इससे पहले 3 मई को हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। खान ने अपने पत्र में 3 मई के पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और भारत सरकार पर डाली है, और बताया है कि परीक्षा रद्द होने के कारण लाखों छात्र गहरे डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, जिससे कई होनहार बच्चों ने तो आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीट के लगभग 90% छात्र गरीब और ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जिनके लिए बार-बार परीक्षा सेंटर तक जाना, होटल में रुकना और बसों का भारी किराया वहन करना उनके परिवारों के लिए संभव नहीं है। पत्र में मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें की गई हैं: पहली, 20 जून से 21 जून तक सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों में किराया पूरी तरह माफ किया जाए; और दूसरी, ग्रामीण व दूरदराज के मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी छात्र परीक्षा देने से वंचित न रह जाए। मसूद आलम खान ने मुख्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनका एक फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को बचा सकता है और देश का डॉक्टर बनने के उनके सपने को टूटने से रोक सकता है। यह पत्र #NEET_Students_के_साथ_न्याय, #FreeBusForNEET, #UP_CM_सुनो_पुकार और #SaveNEET_Aspirants जैसे हैशटैग के माध्यम से छात्रों के हक में न्याय और राहत की मजबूत मांग को सामने रखता है।3
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 साल की बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना पर लोग लगातार इंसाफ की मांग कर रहे थे और परिवार गहरे सदमे में था। इसी बीच, पुलिस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने जनता के गुस्से को और बढ़ा दिया है। वायरल वीडियो में एक महिला आईजी को केस समझाते वक्त मुस्कुराते हुए देखा गया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। कई नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामले में अधिकारियों को गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए था। अब सोशल मीडिया पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनके निलंबन की मांग जोर पकड़ रही है। इस मासूम बच्ची की मौत ने केवल कानून व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- शहर में डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च काफी बढ़ गया है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे का असर छोटे वाहन चालकों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, और कई ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ती लागत के कारण किराया बढ़ाने की अपनी मजबूरी बताई है। दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं ने भी ईंधन की कीमतों में राहत की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से उनके घरेलू बजट बिगड़ रहे हैं।1
- नगर पंचायत हरैया में अतिक्रमणकारियों ने सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसी बीच, दो सब्जी दुकानदारों के बीच हुई मारपीट में एक राहगीर भी चोटिल हो गया।1
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- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के बसवार खुर्द गाँव में सरकार की महत्वाकांक्षी जल संचय और 'अमृत सरोवर' जैसी योजनाएँ विफल होती दिख रही हैं। लाखों रुपये की लागत से बना एक 'आदर्श तालाब' सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। मौजूदा स्थिति यह है कि तालाब पूरी तरह से सूख चुका है, जिसके कारण प्यासे मवेशी और पक्षी पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि तालाब की सफाई में न केवल कोताही बरती गई, बल्कि उसकी बाउंड्री से अवैध रूप से मिट्टी भी निकाल ली गई, जिसे वे जल स्रोत के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ मानते हैं। हालांकि, ग्राम प्रधान स्वामीनाथ ने मिट्टी निकालने के आरोप को तकनीकी रूप से नकारते हुए इसे 'दूसरे नंबर' (गाटा संख्या) का मामला बताया है। वहीं, ग्राम सचिव मिथिलेश के पास भी इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि तालाब में पानी क्यों नहीं रुक रहा और उसकी नियमित सफाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने जांच कराकर पानी भरवाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन ग्रामीण इसे केवल सरकारी खानापूर्ति मान रहे हैं और उन पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक ओर भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, तो दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी 'जांच' और 'दूसरे नंबर' की दलीलें देकर अपनी गर्दन बचाने की कोशिश में लगे हैं। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से अपील की है कि इन 'आदर्श तालाबों' के लिए आवंटित फंड और उनकी वर्तमान स्थिति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषी सचिव और प्रधान के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।3
- गोण्डा जिले में एक युवक ने टॉवर पर चढ़कर हाईवोल्टेज ड्रामा किया। इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।1