अयोध्या के थाना इनायतनगर क्षेत्र के पलिया लोहानी गांव निवासी एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के परिजनों में इस घटना के बाद शोक की लहर है। यह घटना 22 मई 2026 की सुबह करीब 7:15 बजे हुई, जब ग्राम पलिया लोहानी निवासी राम जियावन पुत्र राजाराम मिल्कीपुर पेट्रोल टंकी के पास मिल्कीपुर-खजुरहट रोड पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान फैजाबाद की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप संख्या UP 42 CT 3734 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम जियावन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे 108 एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल अयोध्या पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई राम प्रताप की तहरीर पर थाना इनायतनगर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अयोध्या के थाना इनायतनगर क्षेत्र के पलिया लोहानी गांव निवासी एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के परिजनों में इस घटना के बाद शोक की लहर है। यह घटना 22 मई 2026 की सुबह करीब 7:15 बजे हुई, जब ग्राम पलिया लोहानी निवासी राम जियावन पुत्र राजाराम मिल्कीपुर पेट्रोल टंकी
के पास मिल्कीपुर-खजुरहट रोड पर सवारी का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान फैजाबाद की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही पिकअप संख्या UP 42 CT 3734 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम जियावन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे 108 एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल अयोध्या पहुंचाया
गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई राम प्रताप की तहरीर पर थाना इनायतनगर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- अयोध्या के पूर्व सपा विधायक पवन पांडे को लेकर एक विनोदी टिप्पणी सामने आई है। इस टिप्पणी में कहा गया है कि, 'कुछ भी हो, वे ठेला बहुत अच्छा चलाते हैं।' इस बात को मजाकिया अंदाज़ में दर्शाने के लिए हँसने वाले इमोजी का भी इस्तेमाल किया गया है।1
- सुलतानपुर जनपद की चर्चित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा, “चौधरी साहब, नौकरी नहीं बचा पाओगे”, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जनता की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं है, तो आखिर जनता को घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है। देवमणि द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद लंम्भुआ क्षेत्र में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि किसानों के नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।1
- राजेश गुप्ता जी ने देश की उन्नति के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उनके इस अच्छे संदेश में नागरिकों से देश को मजबूत बनाने, सुंदर और सकारात्मक सोच रखने तथा देशभक्ति की भावना के साथ चलने का आह्वान किया गया है। यह संदेश देश की समग्र प्रगति और विकास में सामूहिक योगदान पर बल देता है।1
- जनपद प्रतापगढ़ के कोहड़ौर थाने से छेड़खानी के मामले में न्याय न मिलने पर एक पीड़िता अपनी पीड़ा बताने सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँची। पीड़िता सुशीला देवी, जो लाखीपुर (बोझवा) की निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के राज में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं, न्याय दिलाने की बजाय। पीड़िता का आरोप है कि उनका पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू, जो एक नशेड़ी व्यक्ति है और जिसकी पत्नी का निधन हो चुका है, अक्सर शराब के नशे में बुरी नीयत से उन्हें देखता है। 20 मई की रात लगभग 1 बजे, राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू ने सोते समय उनकी चारपाई के पास आकर मच्छरदानी हटाई, उनका हाथ पकड़कर मुँह दबा दिया और उनकी इज्ज़त के साथ जोर ज़बरदस्ती करने लगा। पीड़िता के अनुसार, यह दूसरी बार था जब आरोपी ने उनके साथ ऐसा किया। पीड़िता के पति सूरत में रहते हैं और वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती हैं। घटना के बाद महिला ने रात में ही आपातकालीन सेवा UP112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता को सुबह कोहड़ौर थाना बुलाया गया, जहाँ उन्होंने लिखित तहरीर दी और घर लौट आईं। हालांकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने कोहड़ौर थाने पहुँचीं, तो उन्हें और उनके सहयोगी दोनों को बंद कर दिया गया। आरोप है कि दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू का 21 मई को शांति भंग में चालान किया गया, और पीड़िता को पुलिसिया भय दिखाकर तथा उनके सहयोगी स्वामी नाथ यादव का 22 मई को शांति भंग में चालान करके मामले को खत्म करने का प्रयास किया गया। पीड़िता का कहना है कि राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू का अपराध जघन्य श्रेणी का है, फिर भी उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर आरोपी को बचाने और थाने में पहुँची पीड़िता को ही बंद करके महिला सिपाहियों से डराने व धमकाने का आरोप लगाया है। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़कर उन्हें आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक पीड़िता को दोबारा डराता या धमकाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस घटना से एक तरफ जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप लगा है, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर राहत प्रदान की है।1
- समाजवादी पार्टी के नेता मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर आगामी नीट परीक्षा के परीक्षार्थियों के लिए राज्य रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था करने की मांग की है। यह मांग 21 जून को होने वाली परीक्षा के मद्देनजर की गई है, क्योंकि इससे पहले 3 मई को हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। खान ने अपने पत्र में 3 मई के पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और भारत सरकार पर डाली है, और बताया है कि परीक्षा रद्द होने के कारण लाखों छात्र गहरे डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, जिससे कई होनहार बच्चों ने तो आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीट के लगभग 90% छात्र गरीब और ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जिनके लिए बार-बार परीक्षा सेंटर तक जाना, होटल में रुकना और बसों का भारी किराया वहन करना उनके परिवारों के लिए संभव नहीं है। पत्र में मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें की गई हैं: पहली, 20 जून से 21 जून तक सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों में किराया पूरी तरह माफ किया जाए; और दूसरी, ग्रामीण व दूरदराज के मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी छात्र परीक्षा देने से वंचित न रह जाए। मसूद आलम खान ने मुख्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनका एक फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को बचा सकता है और देश का डॉक्टर बनने के उनके सपने को टूटने से रोक सकता है। यह पत्र #NEET_Students_के_साथ_न्याय, #FreeBusForNEET, #UP_CM_सुनो_पुकार और #SaveNEET_Aspirants जैसे हैशटैग के माध्यम से छात्रों के हक में न्याय और राहत की मजबूत मांग को सामने रखता है।3
- ‘जल है तो कल है’ के महत्वपूर्ण संदेश को उजागर करते हुए, तखतगढ़-सिंदरू बांध पर एक विशाल जल संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत गंगा आरती की गई और बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान भी किया, जिसका उद्देश्य जल के महत्व पर जोर देना है।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को सरकार की मातृत्व योजना के तहत मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच कराई, जहाँ कुल 38 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और 15 महिलाओं का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने इस दौरान महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी। उन्होंने एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और पौष्टिक भोजन लेने के प्रति भी जागरूक किया। यह मातृत्व दिवस प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, जांच और पोषण संबंधी सुविधाएं मिल सकें। हालांकि, इस बार के मातृत्व दिवस पर गर्भवती महिलाओं को आमतौर पर मिलने वाला पोषक आहार, जैसे दूध और केला, वितरित नहीं किया गया। इसे लेकर महिलाओं और उनके परिजनों में गहरी नाराजगी देखने को मिली। जांच कराने पहुंचीं गर्भवती महिलाएं कंचन, श्रीमती, दीपका, संगीता और रीता सहित कई अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी भी प्रकार का पोषक आहार नहीं दिया गया, जबकि यह सुविधा उन्हें हर बार उपलब्ध कराई जाती रही है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. योगेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित वेंडर का भुगतान बकाया होने के कारण पोषक आहार की सप्लाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और कहा कि अगले मातृत्व दिवस पर सभी गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार अवश्य उपलब्ध कराया जाएगा।4
- अयोध्या के थाना महाराजगंज क्षेत्र के मया गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ छप्पर डालने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। यह विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोग छत पर चढ़ गए और खुलेआम पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पत्थरबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कौशलेंद्र सिंह अपने घर पर छप्पर रखवा रहे थे, जिस पर नवीन सिंह पक्ष से विवाद हो गया। यह विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसा में बदल गया और दोनों तरफ से जमकर हंगामा हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छत से पत्थर फेंके जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने कौशलेंद्र सिंह पक्ष के दो और नवीन सिंह पक्ष के तीन लोगों का शांति भंग के आरोप में चालान किया है। जानकारी के अनुसार, कौशलेंद्र सिंह की तरफ से भी पत्थरबाजी हुई थी।1
- अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3