सुलतानपुर जनपद की चर्चित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा, “चौधरी साहब, नौकरी नहीं बचा पाओगे”, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जनता की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं है, तो आखिर जनता को घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है। देवमणि द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद लंम्भुआ क्षेत्र में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि किसानों के नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
सुलतानपुर जनपद की चर्चित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा, “चौधरी साहब, नौकरी नहीं बचा पाओगे”, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जनता की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं है, तो आखिर जनता को घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है। देवमणि द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद लंम्भुआ क्षेत्र में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि किसानों के नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
- अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के विद्यापुर गाँव में एक घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जहां चोरों ने सामान बिखेर दिया। माधुरी, पत्नी अर्जुन पांडे, ने आरोप लगाया है कि 23 मार्च 2026 की रात जब वह अपने बरामदे में सो रही थीं, तब लगभग रात 12:00 बजे उन्हें खटपट की आवाज सुनाई दी। जब प्रार्थिनी उठकर देखी तो उन्हें अंदर कुछ लोगों के होने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चोर सामान लेकर फरार हो चुके थे। मौके पर पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई और संबंधित थाने की पुलिस भी इकट्ठा हुई। पीड़िता ने बताया कि चोरों ने घर में अकेली सो रही उनकी बेटी को मारा-पीटा था, जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल भी करा दिया गया है। हालांकि, इस चोरी की घटना का मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। प्रार्थिनी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है और मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी पूरी आपबीती बताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी का मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। इंडिया न्यूज़ दर्पण से दलजीत नागवंशी की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि क्या पुलिस प्रशासन चोरी का मुकदमा दर्ज करेगा या इस मामले को 'राम भरोसे' छोड़ दिया जाएगा।2
- 5 जून को आने वाले पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 'आज सुबह टाइम्स टीम' ने लाल चंद सोनी की रिपोर्टिंग के माध्यम से लोगों से सुबह उठकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण का संरक्षण करने का आह्वान किया है ताकि शुद्ध हवा मिल सके। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का जो उपहार दुनिया को दिया था, उसे आज संपूर्ण भारतवर्ष समेत पूरे विश्व में मनाने के लिए हमेशा बेताबी रहती है। यह संदेश देश को मजबूत बनाने, उसे विकास की ओर ले जाने और जीवन में अपने देश के साथ चलने की प्रेरणा भी देता है।1
- रामनगरी अयोध्या में कल शाम 'प्रज्ञा गुप्ता द्वारा संचालित वॉइस फोर चेंज' ने निराश्रित और ज़रूरतमंद पशुओं के लिए एक विशेष भंडारे का आयोजन किया। पशुओं के प्रति करुणा, सह-अस्तित्व और सेवा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गायों, कुत्तों, बंदरों और अन्य ज़रूरतमंद पशुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया। इस भंडारे में कद्दू, खीरा, टमाटर, तरबूज, खरबूजा, केला, भुट्टा, साग, चना, टोस्ट और ब्रेड जैसी विभिन्न खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई, जिसमें क्रूरता-मुक्त भोजन सुनिश्चित करने का विशेष प्रयास किया गया ताकि एक जीव की भूख मिटाने के लिए किसी दूसरे जीव को पीड़ा न सहनी पड़े। इस अवसर पर प्रज्ञा गुप्ता ने बताया कि मनुष्य को तो किसी न किसी रूप में भोजन मिल जाता है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु रोज़ाना भूख, प्यास और उपेक्षा का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि इस भंडारे का मुख्य उद्देश्य समाज का ध्यान उन मूक प्राणियों की ओर आकर्षित करना है जो अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते। प्रज्ञा गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि "अयोध्या तभी सच्चे अर्थों में अयोध्या बनेगी, जब यहां कोई भी जीव भूखा न रहे। प्रत्येक जीव को पेट भर भोजन, पीने के लिए स्वच्छ जल और रहने के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध हो। दया, करुणा और सह-अस्तित्व ही भगवान श्रीराम की नगरी की वास्तविक पहचान होनी चाहिए।" इस आयोजन का लक्ष्य केवल पशुओं का पेट भरना ही नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति करुणा, अहिंसा और संवेदनशीलता का संदेश देना भी था। इस पहल का उत्साहवर्धन करने के लिए राजलक्ष्मी त्रिपाठी, डॉ. अनामिका त्रिपाठी, डॉ. आलोक त्रिपाठी, बबीता गुप्ता, अमृता त्रिवेदी, सोनू त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। दीपशिखा मौर्य, यशवंत गौतम, हरीश तिवारी, रौनक मौर्य, रश्मि गुप्ता, अर्शिता, पूजा रावत, राजेश सोनी, उमेश, आकांक्षा, नीलू लखमन, युवराज, मोहित खत्री, अलहाब हुसैन, पूजा सचान जैसे बड़ी संख्या में पशु प्रेमी और स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे। Voice4Change ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विनय उत्तरानी, प्रिया हेमनानी, मनोज कुमार, राजीव मदान, विभा श्रीवास्तव, राहुल मल्होत्रा, सुमित दुबे और सर्वेश जी सहित सभी दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज से यह अपील भी की गई कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रतिदिन अपने आसपास के मूक प्राणियों के लिए भोजन, पानी और देखभाल की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाए। वॉइस फोर चेंज की संस्थापक प्रज्ञा गुप्ता ने भविष्य में भी पशु कल्याण, जन-जागरूकता और करुणा-आधारित सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।4
- रामनगरी अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गदुरही नामक स्थान पर स्थित महापुरुष बाबा का स्थान अपनी विशेष महिमा के लिए जाना जाता है।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के बसवार खुर्द गाँव में सरकार की महत्वाकांक्षी जल संचय और 'अमृत सरोवर' जैसी योजनाएँ विफल होती दिख रही हैं। लाखों रुपये की लागत से बना एक 'आदर्श तालाब' सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है। मौजूदा स्थिति यह है कि तालाब पूरी तरह से सूख चुका है, जिसके कारण प्यासे मवेशी और पक्षी पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि तालाब की सफाई में न केवल कोताही बरती गई, बल्कि उसकी बाउंड्री से अवैध रूप से मिट्टी भी निकाल ली गई, जिसे वे जल स्रोत के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ मानते हैं। हालांकि, ग्राम प्रधान स्वामीनाथ ने मिट्टी निकालने के आरोप को तकनीकी रूप से नकारते हुए इसे 'दूसरे नंबर' (गाटा संख्या) का मामला बताया है। वहीं, ग्राम सचिव मिथिलेश के पास भी इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि तालाब में पानी क्यों नहीं रुक रहा और उसकी नियमित सफाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने जांच कराकर पानी भरवाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन ग्रामीण इसे केवल सरकारी खानापूर्ति मान रहे हैं और उन पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक ओर भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, तो दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी 'जांच' और 'दूसरे नंबर' की दलीलें देकर अपनी गर्दन बचाने की कोशिश में लगे हैं। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से अपील की है कि इन 'आदर्श तालाबों' के लिए आवंटित फंड और उनकी वर्तमान स्थिति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषी सचिव और प्रधान के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।3
- मेवातियान क्षेत्र में एक सभासद द्वारा की गई शिकायत के आधार पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत, अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।1
- सुलतानपुर जनपद की चर्चित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा, “चौधरी साहब, नौकरी नहीं बचा पाओगे”, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जनता की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं है, तो आखिर जनता को घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है। देवमणि द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद लंम्भुआ क्षेत्र में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि किसानों के नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।1