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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।
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- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।1
- लखनऊ की थाना कैसरबाग पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों से हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सआदत अली मकबरा परिसर से फसाड लाइटें चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 10 फसाड लाइटें और तीन स्टील की जालियां बरामद हुई हैं। सआदत अली मकबरा परिसर से लगातार फसाड लाइटें चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने अल्तमश खान और सोहेल नामक दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी शहर के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाते थे और वहां से फसाड लाइटें तथा लोहे का सामान चोरी कर कबाड़ियों के माध्यम से बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। कैसरबाग पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसी घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में एक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। दबंगों की धमकियों से सहमा यह परिवार अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि स्थानीय नगर थाने की कार्यप्रणाली पर पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूस्वामी बृजेश पाण्डेय का आरोप है कि 22 मई को दिन-दहाड़े गांव के घनश्याम पाण्डेय, प्रशांत पाण्डेय, अमित पाण्डेय और रमेश पाण्डेय ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उन पर और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों से लैस इन दबंगों ने न केवल मारपीट की, बल्कि चल रहे निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में नगर थाने पहुंचा, तो थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे एसडीएम का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। पीड़ित का आरोप है कि थानेदार ने ऐसा रुख अपनाया जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के लिए शर्मनाक है, जिससे नगर पुलिस की दबंगों के संरक्षक बनने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला गाटा संख्या 534 (रकबा 174 एअर) की जमीन से जुड़ा है, जो अभिलेखों में बृजेश के बड़े पिता जनार्दन के नाम दर्ज है, जिससे इस पर उनका कानूनी अधिकार सिद्ध होता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य चला, लेकिन फिर दबंगों ने मजदूरों को डरा-धमकाकर भगा दिया और निर्माण को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दबंगों की खुली धमकियों से बृजेश पाण्डेय का पूरा परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है, वे घर से बाहर निकलने तक में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर नगर पुलिस की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन दबंगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो बक्सर गांव में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सवाल उठता है कि क्या बस्ती में वर्दी का सम्मान दबंगों के दबाव में गिरवी रख दिया गया है और कानून का शासन समाप्त हो गया है।2
- अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के विद्यापुर गाँव में एक घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जहां चोरों ने सामान बिखेर दिया। माधुरी, पत्नी अर्जुन पांडे, ने आरोप लगाया है कि 23 मार्च 2026 की रात जब वह अपने बरामदे में सो रही थीं, तब लगभग रात 12:00 बजे उन्हें खटपट की आवाज सुनाई दी। जब प्रार्थिनी उठकर देखी तो उन्हें अंदर कुछ लोगों के होने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चोर सामान लेकर फरार हो चुके थे। मौके पर पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई और संबंधित थाने की पुलिस भी इकट्ठा हुई। पीड़िता ने बताया कि चोरों ने घर में अकेली सो रही उनकी बेटी को मारा-पीटा था, जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल भी करा दिया गया है। हालांकि, इस चोरी की घटना का मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। प्रार्थिनी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है और मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी पूरी आपबीती बताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी का मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। इंडिया न्यूज़ दर्पण से दलजीत नागवंशी की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि क्या पुलिस प्रशासन चोरी का मुकदमा दर्ज करेगा या इस मामले को 'राम भरोसे' छोड़ दिया जाएगा।2
- 5 जून को आने वाले पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 'आज सुबह टाइम्स टीम' ने लाल चंद सोनी की रिपोर्टिंग के माध्यम से लोगों से सुबह उठकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण का संरक्षण करने का आह्वान किया है ताकि शुद्ध हवा मिल सके। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का जो उपहार दुनिया को दिया था, उसे आज संपूर्ण भारतवर्ष समेत पूरे विश्व में मनाने के लिए हमेशा बेताबी रहती है। यह संदेश देश को मजबूत बनाने, उसे विकास की ओर ले जाने और जीवन में अपने देश के साथ चलने की प्रेरणा भी देता है।1
- रामनगरी अयोध्या में कल शाम 'प्रज्ञा गुप्ता द्वारा संचालित वॉइस फोर चेंज' ने निराश्रित और ज़रूरतमंद पशुओं के लिए एक विशेष भंडारे का आयोजन किया। पशुओं के प्रति करुणा, सह-अस्तित्व और सेवा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गायों, कुत्तों, बंदरों और अन्य ज़रूरतमंद पशुओं को भोजन उपलब्ध कराया गया। इस भंडारे में कद्दू, खीरा, टमाटर, तरबूज, खरबूजा, केला, भुट्टा, साग, चना, टोस्ट और ब्रेड जैसी विभिन्न खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई, जिसमें क्रूरता-मुक्त भोजन सुनिश्चित करने का विशेष प्रयास किया गया ताकि एक जीव की भूख मिटाने के लिए किसी दूसरे जीव को पीड़ा न सहनी पड़े। इस अवसर पर प्रज्ञा गुप्ता ने बताया कि मनुष्य को तो किसी न किसी रूप में भोजन मिल जाता है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु रोज़ाना भूख, प्यास और उपेक्षा का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि इस भंडारे का मुख्य उद्देश्य समाज का ध्यान उन मूक प्राणियों की ओर आकर्षित करना है जो अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते। प्रज्ञा गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि "अयोध्या तभी सच्चे अर्थों में अयोध्या बनेगी, जब यहां कोई भी जीव भूखा न रहे। प्रत्येक जीव को पेट भर भोजन, पीने के लिए स्वच्छ जल और रहने के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध हो। दया, करुणा और सह-अस्तित्व ही भगवान श्रीराम की नगरी की वास्तविक पहचान होनी चाहिए।" इस आयोजन का लक्ष्य केवल पशुओं का पेट भरना ही नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति करुणा, अहिंसा और संवेदनशीलता का संदेश देना भी था। इस पहल का उत्साहवर्धन करने के लिए राजलक्ष्मी त्रिपाठी, डॉ. अनामिका त्रिपाठी, डॉ. आलोक त्रिपाठी, बबीता गुप्ता, अमृता त्रिवेदी, सोनू त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। दीपशिखा मौर्य, यशवंत गौतम, हरीश तिवारी, रौनक मौर्य, रश्मि गुप्ता, अर्शिता, पूजा रावत, राजेश सोनी, उमेश, आकांक्षा, नीलू लखमन, युवराज, मोहित खत्री, अलहाब हुसैन, पूजा सचान जैसे बड़ी संख्या में पशु प्रेमी और स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे। Voice4Change ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विनय उत्तरानी, प्रिया हेमनानी, मनोज कुमार, राजीव मदान, विभा श्रीवास्तव, राहुल मल्होत्रा, सुमित दुबे और सर्वेश जी सहित सभी दानदाताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज से यह अपील भी की गई कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रतिदिन अपने आसपास के मूक प्राणियों के लिए भोजन, पानी और देखभाल की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाए। वॉइस फोर चेंज की संस्थापक प्रज्ञा गुप्ता ने भविष्य में भी पशु कल्याण, जन-जागरूकता और करुणा-आधारित सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।4
- अंबेडकरनगर के महरुआ थाना क्षेत्र के सेहरा जलालपुर में खड़ंजा मार्ग के किनारे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है ताकि युवक की मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।1
- पुलिस द्वारा एक बूढ़े आदमी को थप्पड़ मारे जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिस पर गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि 'आखिर ये हो क्या रहा है?'। इस घटना के मद्देनजर, पोस्ट में गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो 'बेचरों का क्या होगा'। पुलिस से स्पष्ट अपील की गई है कि वे कृपया अपने प्रशासनिक दायरे में रहें।1