उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में एक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। दबंगों की धमकियों से सहमा यह परिवार अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि स्थानीय नगर थाने की कार्यप्रणाली पर पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूस्वामी बृजेश पाण्डेय का आरोप है कि 22 मई को दिन-दहाड़े गांव के घनश्याम पाण्डेय, प्रशांत पाण्डेय, अमित पाण्डेय और रमेश पाण्डेय ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उन पर और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों से लैस इन दबंगों ने न केवल मारपीट की, बल्कि चल रहे निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में नगर थाने पहुंचा, तो थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे एसडीएम का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। पीड़ित का आरोप है कि थानेदार ने ऐसा रुख अपनाया जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के लिए शर्मनाक है, जिससे नगर पुलिस की दबंगों के संरक्षक बनने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला गाटा संख्या 534 (रकबा 174 एअर) की जमीन से जुड़ा है, जो अभिलेखों में बृजेश के बड़े पिता जनार्दन के नाम दर्ज है, जिससे इस पर उनका कानूनी अधिकार सिद्ध होता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य चला, लेकिन फिर दबंगों ने मजदूरों को डरा-धमकाकर भगा दिया और निर्माण को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दबंगों की खुली धमकियों से बृजेश पाण्डेय का पूरा परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है, वे घर से बाहर निकलने तक में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर नगर पुलिस की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन दबंगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो बक्सर गांव में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सवाल उठता है कि क्या बस्ती में वर्दी का सम्मान दबंगों के दबाव में गिरवी रख दिया गया है और कानून का शासन समाप्त हो गया है।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में एक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। दबंगों की धमकियों से सहमा यह परिवार अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि स्थानीय नगर थाने की कार्यप्रणाली पर पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूस्वामी बृजेश पाण्डेय का आरोप है कि 22 मई को दिन-दहाड़े गांव के घनश्याम पाण्डेय, प्रशांत पाण्डेय, अमित पाण्डेय और रमेश पाण्डेय ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उन पर और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों से लैस इन दबंगों ने न केवल मारपीट की, बल्कि चल रहे निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में नगर थाने पहुंचा, तो थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे एसडीएम का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। पीड़ित का आरोप है कि थानेदार ने ऐसा रुख अपनाया जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के लिए शर्मनाक है, जिससे नगर पुलिस की दबंगों के संरक्षक बनने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला गाटा संख्या 534 (रकबा 174
एअर) की जमीन से जुड़ा है, जो अभिलेखों में बृजेश के बड़े पिता जनार्दन के नाम दर्ज है, जिससे इस पर उनका कानूनी अधिकार सिद्ध होता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य चला, लेकिन फिर दबंगों ने मजदूरों को डरा-धमकाकर भगा दिया और निर्माण को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दबंगों की खुली धमकियों से बृजेश पाण्डेय का पूरा परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है, वे घर से बाहर निकलने तक में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर नगर पुलिस की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन दबंगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो बक्सर गांव में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सवाल उठता है कि क्या बस्ती में वर्दी का सम्मान दबंगों के दबाव में गिरवी रख दिया गया है और कानून का शासन समाप्त हो गया है।
- पुलिस द्वारा एक बूढ़े आदमी को थप्पड़ मारे जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिस पर गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि 'आखिर ये हो क्या रहा है?'। इस घटना के मद्देनजर, पोस्ट में गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो 'बेचरों का क्या होगा'। पुलिस से स्पष्ट अपील की गई है कि वे कृपया अपने प्रशासनिक दायरे में रहें।1
- संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी ने जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम के नेतृत्व में जिलाधिकारी को एक 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। ज्ञापन में पंचायत चुनाव से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रमुखता से की गई। इसके अतिरिक्त, शिवबखरी क्षेत्र में अधूरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया गया, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें। पार्टी ने किसानों के लिए समय पर खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खराब सड़कों की मरम्मत कराने और नहरों व कैनालों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। इसके अलावा, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने की मांग की गई। साथ ही, तहसील परिसर में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात भी प्रशासन के समक्ष रखी गई है। समाजवादी पार्टी ने यह स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।1
- संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल स्थित बेलहरकला ब्लॉक सभागार में सोमवार को क्षेत्र पंचायत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह ने की। इस बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने ग्रामों के विकास की विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की और ग्रामीण समस्याओं को मुखरता से उठाया। बैठक के दौरान, बीडीओ डॉ. श्वेता वर्मा ने सभी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। मुख्य रूप से सड़क, नाली और खड़ंजा जैसे विकास कार्यों पर गंभीरता से विमर्श किया गया। ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह ने भी सभी जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनके विकास कार्यों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाएगा। इसी कड़ी में, बैठक में लगभग 9.75 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए अनुमोदन किया गया, जिससे क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे। प्रधान संघ अध्यक्ष विश्वनाथ मौर्य ने भी ग्राम प्रधानों की समस्याओं को बैठक में रखा। इस बैठक में ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह, एडीओ पंचायत पंकज सिंह, बीडीओ डॉ. श्वेता वर्मा, सचिव सौरभ चौधरी, उग्रसेन सिंह, राजेश्वर चौधरी, श्यामजी यादव, मो0दानिश, राधेश्याम चौरसिया, रमेश यादव, सुनील कुमार और दर्जनों अन्य प्रधान व बीडीसी सदस्य उपस्थित रहे।3
- सड़क खराब होने के कारण वहाँ से गुजरने वाले कई लोग अक्सर अपना संतुलन खो देते हैं। इस स्थिति में उनके गिरने की संभावना बनी रहती है, जो एक चिंताजनक विषय है। इसी समस्या के मद्देनज़र, सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत करवाने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बघौली ब्लॉक में, सिंंहोरवां गांव के पास स्थित हरदी चौराहा के नजदीक एक नहर पर बनी पशु पुलिया के बगल की जमीन धंस गई है और नीचे बैठ गई है। इसके साथ ही, खुद पुलिया भी टूट गई है और नीचे धंस चुकी है, जिससे यह क्षेत्र बेहद खतरनाक हो गया है। इस गंभीर स्थिति के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है और गाड़ियां पलट सकती हैं। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 25 मई, 2026 को की गई एक शिकायत में शासन-प्रशासन से तत्काल इस मामले को संज्ञान में लेने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस गड्ढे को भरने के लिए तुरंत मिट्टी का भराव, कंक्रीट या किसी अन्य विकल्प की तलाश की जाए, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।1
- आज 24 मई, 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, आगामी बकरीद/ईद-उल-उजहा त्योहार के मद्देनजर थाना महुली में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र ने थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय की उपस्थिति में किया, जिसमें थाना क्षेत्र के धार्मिक गुरुओं और संभ्रांत व्यक्तियों ने भाग लिया। मीटिंग के दौरान, त्योहार से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया। मुख्य रूप से सड़क पर नमाज अदा न करने, कुर्बानी स्थल को केवल परंपरागत तरीके से उपयोग करने, अपशिष्ट का सही निस्तारण सुनिश्चित करने और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। लोगों से शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई, साथ ही यह सख्त हिदायत भी दी गई कि त्योहार के दौरान गड़बड़ी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपस्थित सभी लोगों से त्योहार को भाईचारे के साथ और सकुशल संपन्न कराने का आग्रह किया गया। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या सांप्रदायिक टिप्पणी न करने की सलाह दी गई। बताया गया कि पुलिस अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रख रही है और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत थाने या यूपी 112/स्थानीय पुलिस स्टेशन पर सूचित करने की अपील की गई।4
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लालगंज थाना क्षेत्र के बरहिया कला गांव में सरकारी चकमार्ग पर दबंगों ने खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए अवैध कब्जा कर लिया है, जबकि प्रशासन पर इस मामले में मौन रहने का आरोप है। यह आरोप भी है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चकमार्ग का गलत सीमांकन किया गया है, जिससे ग्रामीण न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ता श्याम चंद्र चौधरी और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सरकारी चकमार्ग संख्या 238 और 244 का सीमांकन राजस्व टीम द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि 21 मई 2026 को राजस्व निरीक्षकों ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर अन्य काश्तकारों को सूचित किए बिना गलत तरीके से चकमार्ग का सीमांकन कर उसे टेढ़ा कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसा अवैध कब्जाधारियों को लाभ पहुँचाने के लिए किया गया। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब गांव के ही कुछ दबंगों ने जेसीबी मशीन लगाकर प्रशासन द्वारा लगाए गए सीमेंट के सीमांकन पिलरों को उखाड़ फेंका और अवैध रूप से रास्ता बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया, तो दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। इन धमकियों के बीच दहशत में आए ग्रामीणों को मजबूरन 'डायल 112' पर सूचना देकर काम रुकवाना पड़ा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे गए प्रार्थना पत्र में राजस्व निरीक्षकों पर शिकायतकर्ताओं के प्रभाव में आकर जानबूझकर गलत पैमाइश करने का स्पष्ट आरोप लगाया है, जिसे सरकारी जमीन की धांधली और निजी स्वार्थ के लिए खुर्द-बुर्द करने का गंभीर मामला बताया गया है। यह स्थिति बस्ती प्रशासन की दबंगों से निपटने की इच्छाशक्ति और गलत पैमाइश करने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। पीड़ित जनता अब जिलाधिकारी कार्यालय और पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए न्याय की बाट जोह रही है, ताकि यह फाइल भी अन्य मामलों की तरह फाइलों के बोझ तले दबकर न रह जाए।3
- देश में पड़ रही भीषण गर्मी से आम लोग बेहाल हैं। इस प्रचंड ताप के बावजूद, कुछ लोग दोपहर के समय अपने मोबाइल पर लोकप्रिय गेम Free Fire खेलने में पूरी तरह व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि Free Fire के प्रति उनका जुनून इतना अधिक है कि वे गर्मी की परवाह किए बिना भी खेल में डूबे हुए हैं, मानो उन्हें इसका कोई असर ही न हो।1
- संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद स्थित ब्लूमिंग बड्स स्कूल एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में आ गया है। एक छात्रा के नाना ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और अतिरिक्त शुल्क वसूली का दावा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी नाति, जो कक्षा 7 की छात्रा है, को विद्यालय में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। साथ ही, विभिन्न मदों के नाम पर उनसे लगभग ₹21 हजार जमा कराए जाने की भी बात कही गई है। परिजनों के अनुसार, विद्यालय प्रशासन के इस व्यवहार का बच्ची की मानसिक स्थिति पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, ब्लूमिंग बड्स स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1