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देश में पड़ रही भीषण गर्मी से आम लोग बेहाल हैं। इस प्रचंड ताप के बावजूद, कुछ लोग दोपहर के समय अपने मोबाइल पर लोकप्रिय गेम Free Fire खेलने में पूरी तरह व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि Free Fire के प्रति उनका जुनून इतना अधिक है कि वे गर्मी की परवाह किए बिना भी खेल में डूबे हुए हैं, मानो उन्हें इसका कोई असर ही न हो।
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देश में पड़ रही भीषण गर्मी से आम लोग बेहाल हैं। इस प्रचंड ताप के बावजूद, कुछ लोग दोपहर के समय अपने मोबाइल पर लोकप्रिय गेम Free Fire खेलने में पूरी तरह व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि Free Fire के प्रति उनका जुनून इतना अधिक है कि वे गर्मी की परवाह किए बिना भी खेल में डूबे हुए हैं, मानो उन्हें इसका कोई असर ही न हो।
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- बस्ती जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पारसी में इन दिनों कानून का राज नहीं, बल्कि 'मिट्टी माफिया' का जंगलराज चल रहा है। दिन-दहाड़े जेसीबी मशीनों से अवैध मिट्टी का खनन किया जा रहा है और सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेतहाशा दौड़ रही हैं। यह स्थिति इस बात की गवाह है कि जिले के जिम्मेदार महकमे या तो गहरी नींद में हैं या फिर माफियाओं की सेवा में नतमस्तक हैं, जिससे प्रशासन की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में विभागीय मिलीभगत की बू आ रही है, क्योंकि हर रोज सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकाले जाने के बावजूद जिम्मेदारों की नजर पारसी गांव की इन जमीनों पर नहीं पड़ती। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन की कार्रवाई का खौफ। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है और क्या प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी 'डील' का नतीजा है? इस धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन के कारण सड़कें जर्जर हो रही हैं, और ओवरलोड वाहनों से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए ये वाहन किसी मौत के साए से कम नहीं हैं। यह अवैध धंधा न केवल किसी बड़े हादसे और पर्यावरणीय आपदा को निमंत्रण दे रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी चूना लग रहा है और भविष्य में भूजल स्तर व कृषि योग्य भूमि के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। मुंडेरवा क्षेत्र में यह अवैध धंधा अब आम चर्चा का विषय बन चुका है, और हर जुबान पर यह सवाल है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा। जनता जानना चाहती है कि 'मिट्टी चोरों' को किसका संरक्षण प्राप्त है। अब देखना यह होगा कि बस्ती प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेकर माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों के नीचे दबकर दम तोड़ देगा।2
- सुलतानपुर जनपद की चर्चित विधानसभा सीट से पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा, “चौधरी साहब, नौकरी नहीं बचा पाओगे”, जिसके बाद यह वीडियो चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जनता की आवाज उठा रहे थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं है, तो आखिर जनता को घंटों बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है। देवमणि द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद लंम्भुआ क्षेत्र में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है, बल्कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि किसानों के नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।1
- राजेश गुप्ता जी ने देश की उन्नति के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उनके इस अच्छे संदेश में नागरिकों से देश को मजबूत बनाने, सुंदर और सकारात्मक सोच रखने तथा देशभक्ति की भावना के साथ चलने का आह्वान किया गया है। यह संदेश देश की समग्र प्रगति और विकास में सामूहिक योगदान पर बल देता है।1
- रामनगरी अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गदुरही नामक स्थान पर स्थित महापुरुष बाबा का स्थान अपनी विशेष महिमा के लिए जाना जाता है।1
- समाजवादी पार्टी के नेता मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर आगामी नीट परीक्षा के परीक्षार्थियों के लिए राज्य रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था करने की मांग की है। यह मांग 21 जून को होने वाली परीक्षा के मद्देनजर की गई है, क्योंकि इससे पहले 3 मई को हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। खान ने अपने पत्र में 3 मई के पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और भारत सरकार पर डाली है, और बताया है कि परीक्षा रद्द होने के कारण लाखों छात्र गहरे डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, जिससे कई होनहार बच्चों ने तो आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीट के लगभग 90% छात्र गरीब और ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जिनके लिए बार-बार परीक्षा सेंटर तक जाना, होटल में रुकना और बसों का भारी किराया वहन करना उनके परिवारों के लिए संभव नहीं है। पत्र में मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें की गई हैं: पहली, 20 जून से 21 जून तक सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों में किराया पूरी तरह माफ किया जाए; और दूसरी, ग्रामीण व दूरदराज के मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी छात्र परीक्षा देने से वंचित न रह जाए। मसूद आलम खान ने मुख्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनका एक फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को बचा सकता है और देश का डॉक्टर बनने के उनके सपने को टूटने से रोक सकता है। यह पत्र #NEET_Students_के_साथ_न्याय, #FreeBusForNEET, #UP_CM_सुनो_पुकार और #SaveNEET_Aspirants जैसे हैशटैग के माध्यम से छात्रों के हक में न्याय और राहत की मजबूत मांग को सामने रखता है।3
- मेवातियान क्षेत्र में एक सभासद द्वारा की गई शिकायत के आधार पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत, अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया।1
- देश में पड़ रही भीषण गर्मी से आम लोग बेहाल हैं। इस प्रचंड ताप के बावजूद, कुछ लोग दोपहर के समय अपने मोबाइल पर लोकप्रिय गेम Free Fire खेलने में पूरी तरह व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि Free Fire के प्रति उनका जुनून इतना अधिक है कि वे गर्मी की परवाह किए बिना भी खेल में डूबे हुए हैं, मानो उन्हें इसका कोई असर ही न हो।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लालगंज थाना क्षेत्र के बरहिया कला गांव में सरकारी चकमार्ग पर दबंगों ने खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए अवैध कब्जा कर लिया है, जबकि प्रशासन पर इस मामले में मौन रहने का आरोप है। यह आरोप भी है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चकमार्ग का गलत सीमांकन किया गया है, जिससे ग्रामीण न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ता श्याम चंद्र चौधरी और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, गांव के सरकारी चकमार्ग संख्या 238 और 244 का सीमांकन राजस्व टीम द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि 21 मई 2026 को राजस्व निरीक्षकों ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर अन्य काश्तकारों को सूचित किए बिना गलत तरीके से चकमार्ग का सीमांकन कर उसे टेढ़ा कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसा अवैध कब्जाधारियों को लाभ पहुँचाने के लिए किया गया। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब गांव के ही कुछ दबंगों ने जेसीबी मशीन लगाकर प्रशासन द्वारा लगाए गए सीमेंट के सीमांकन पिलरों को उखाड़ फेंका और अवैध रूप से रास्ता बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया, तो दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश की और उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। इन धमकियों के बीच दहशत में आए ग्रामीणों को मजबूरन 'डायल 112' पर सूचना देकर काम रुकवाना पड़ा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे गए प्रार्थना पत्र में राजस्व निरीक्षकों पर शिकायतकर्ताओं के प्रभाव में आकर जानबूझकर गलत पैमाइश करने का स्पष्ट आरोप लगाया है, जिसे सरकारी जमीन की धांधली और निजी स्वार्थ के लिए खुर्द-बुर्द करने का गंभीर मामला बताया गया है। यह स्थिति बस्ती प्रशासन की दबंगों से निपटने की इच्छाशक्ति और गलत पैमाइश करने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। पीड़ित जनता अब जिलाधिकारी कार्यालय और पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए न्याय की बाट जोह रही है, ताकि यह फाइल भी अन्य मामलों की तरह फाइलों के बोझ तले दबकर न रह जाए।3
- अयोध्या के पूर्व सपा विधायक पवन पांडे को लेकर एक विनोदी टिप्पणी सामने आई है। इस टिप्पणी में कहा गया है कि, 'कुछ भी हो, वे ठेला बहुत अच्छा चलाते हैं।' इस बात को मजाकिया अंदाज़ में दर्शाने के लिए हँसने वाले इमोजी का भी इस्तेमाल किया गया है।1