अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम
पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल
का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- आगामी बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में, सोमवार की शाम अमेठी के टीकरमाफी कस्बे में क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र और संग्रामपुर थाना प्रभारी संजय सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ एक फ्लैग मार्च किया। यह फ्लैग मार्च कस्बे के प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों से होकर निकाला गया। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों से बातचीत करते हुए उनसे शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, माहौल बिगाड़ने अथवा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बल की इस मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत दिखाई दी। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिसकर्मियों ने जनता से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।1
- जनपद प्रतापगढ़ के कोहड़ौर थाने से छेड़खानी के मामले में न्याय न मिलने पर एक पीड़िता अपनी पीड़ा बताने सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँची। पीड़िता सुशीला देवी, जो लाखीपुर (बोझवा) की निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के राज में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं, न्याय दिलाने की बजाय। पीड़िता का आरोप है कि उनका पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू, जो एक नशेड़ी व्यक्ति है और जिसकी पत्नी का निधन हो चुका है, अक्सर शराब के नशे में बुरी नीयत से उन्हें देखता है। 20 मई की रात लगभग 1 बजे, राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू ने सोते समय उनकी चारपाई के पास आकर मच्छरदानी हटाई, उनका हाथ पकड़कर मुँह दबा दिया और उनकी इज्ज़त के साथ जोर ज़बरदस्ती करने लगा। पीड़िता के अनुसार, यह दूसरी बार था जब आरोपी ने उनके साथ ऐसा किया। पीड़िता के पति सूरत में रहते हैं और वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती हैं। घटना के बाद महिला ने रात में ही आपातकालीन सेवा UP112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता को सुबह कोहड़ौर थाना बुलाया गया, जहाँ उन्होंने लिखित तहरीर दी और घर लौट आईं। हालांकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने कोहड़ौर थाने पहुँचीं, तो उन्हें और उनके सहयोगी दोनों को बंद कर दिया गया। आरोप है कि दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू का 21 मई को शांति भंग में चालान किया गया, और पीड़िता को पुलिसिया भय दिखाकर तथा उनके सहयोगी स्वामी नाथ यादव का 22 मई को शांति भंग में चालान करके मामले को खत्म करने का प्रयास किया गया। पीड़िता का कहना है कि राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू का अपराध जघन्य श्रेणी का है, फिर भी उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर आरोपी को बचाने और थाने में पहुँची पीड़िता को ही बंद करके महिला सिपाहियों से डराने व धमकाने का आरोप लगाया है। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़कर उन्हें आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक पीड़िता को दोबारा डराता या धमकाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस घटना से एक तरफ जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप लगा है, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर राहत प्रदान की है।1
- अमेठी में नगर पंचायत द्वारा प्रस्तावित तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड नंबर 3, कटरा राजा हिम्मत सिंह के सैकड़ों ग्रामीणों ने व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में एसडीएम प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों की मुख्य मांग है कि तालाब सौंदर्यीकरण से पहले श्मशान और सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करके अलग से सीमांकित किया जाए, और उसके बाद ही बची हुई भूमि पर कोई योजना शुरू की जाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन से छेड़छाड़ की जा सकती है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल के निर्माण व सुरक्षा के लिए शासन ने धनराशि स्वीकृत की थी और नगर पंचायत ने टेंडर भी जारी किया था। हालांकि, कार्य शुरू होने के बाद केवल कुछ पिलर लगाकर निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, और पांच साल बीत जाने के बाद भी बाउंड्रीवाल नहीं बन पाई है। इस पर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पंचायत बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा नहीं कराती है, तो वे अपने निजी फंड से शेष निर्माण करवाएंगे। उन्होंने आम जनता को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाकर जल्द ही इस मामले का निस्तारण कराया जाएगा। नगरवासियों ने अपनी मांग दोहराई है कि पहले सार्वजनिक कब्रिस्तान और अंत्येष्टि स्थल की विधिवत पैमाइश, सीमांकन और सुरक्षा कार्य पूरा किया जाए, और उसके बाद ही तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। एसडीएम ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आज अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित कराने और वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर अमेठी तहसील में प्रदर्शन किया। संगठन ने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें बताया गया कि नगर क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने इस संबंध में अपनी मांग रखी है। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, सार्वजनिक कब्रिस्तान की गाटा संख्या 248 और 249 की भूमि की सुरक्षा के लिए वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत बाउंड्री निर्माण एवं अन्य सुरक्षा संबंधी कार्य स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ज्ञापन में बताया गया है कि संबंधित स्थल पर केवल आंशिक निर्माण कराया गया और शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे कब्रिस्तान की भूमि असुरक्षित बनी हुई है तथा भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवाद की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि की विधिवत पैमाइश और सीमांकन कराया जाए, कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगरवासियों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।4
- अमेठी में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आज तहसील में प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन की मुख्य मांग सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित कराना और वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराना है, जिस संबंध में नगर क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भी अपनी बात रखी है। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि सार्वजनिक कब्रिस्तान की गाटा संख्या 248 और 249 की भूमि की सुरक्षा के लिए वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग के तहत बाउंड्री निर्माण और अन्य सुरक्षा संबंधी कार्य स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। ज्ञापन के अनुसार, संबंधित स्थल पर केवल आंशिक निर्माण हुआ है और शेष कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। इस अधूरे कार्य के कारण कब्रिस्तान की भूमि असुरक्षित बनी हुई है, जिससे भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवाद की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि की विधिवत पैमाइश और सीमांकन कराने, कब्रिस्तान की भूमि को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगरवासियों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।1
- अमेठी के पीपरपुर थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने देखभाल क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु और वाहन की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर मोटरसाइकिल सवार शैलेन्द्र यादव उर्फ सचिन यादव (उम्र करीब 22 वर्ष), आर्यन प्रताप (उम्र करीब 22 वर्ष) और शिवप्रताप सिंह उर्फ भोला सिंह (उम्र करीब 40 वर्ष) को दबोचा। तलाशी के दौरान शैलेन्द्र यादव के कब्जे से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस 315 बोर के तथा आर्यन प्रताप के कब्जे से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस 12 बोर के बरामद हुए। अभियुक्तों के पास से चोरी के चार सोलर पैनल प्लेट, दो बड़ी बैटरी, एक घरेलू सिलेण्डर और एक पीतल का घण्टा भी मिला। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने चार सोलर पैनल प्लेट 14.12.2025 को सवनगी नदी के पास किरन सिंह के ट्यूबवेल से चुराए थे। वहीं, बरामद दो बैटरी, एक घरेलू सिलेण्डर और एक पीतल का घण्टा 29.04.2026 को कम्पोजिट विद्यालय लहना से चोरी किए गए थे। इन चोरियों के संबंध में थाना पीपरपुर में पहले से ही संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत हैं। बरामदगी के आधार पर इन अभियोगों में धारा 317(2), 3(5) और 3/25 आर्म्स एक्ट की धाराएँ बढ़ाई गईं। अभियुक्त मोटरसाइकिल के कागजात मांगने पर दिखा नहीं सके। गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में पीपरपुर थाना पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।2
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा के दौरान एक जेबकतरा को पकड़ा गया। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया और उसकी जमकर पिटाई की।1
- रायबरेली के लालगंज में सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को विद्युत उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 13 मई के तूफान के बाद से कई गांवों में ठप पड़ी बिजली आपूर्ति और अधिकारियों पर लापरवाही के आरोपों को लेकर किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रधान बच्चा सिंह ने किया, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में एसडीओ को हटाने, सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने, ट्रिपिंग की समस्या को दूर करने, कथित धन उगाही के आरोपों की जांच कराने, जनप्रतिनिधियों से समन्वय बढ़ाने और प्रत्येक क्षेत्र में लाइन स्टाफ तथा अलग-अलग टीमों की तैनाती करना शामिल था। धरने के दौरान भीषण गर्मी के चलते दो बुजुर्ग महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। बाद में, विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।1