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बस्ती जिले के बेलवरिया जंगल कुम्हर पुरवा गाँव (पिन कोड 272163) के रहने वाले नौ वर्षीय रितेश गुप्ता क्रिकेट के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वह क्रिकेट में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।
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बस्ती जिले के बेलवरिया जंगल कुम्हर पुरवा गाँव (पिन कोड 272163) के रहने वाले नौ वर्षीय रितेश गुप्ता क्रिकेट के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। वह क्रिकेट में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- शहर में डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च काफी बढ़ गया है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे का असर छोटे वाहन चालकों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, और कई ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ती लागत के कारण किराया बढ़ाने की अपनी मजबूरी बताई है। दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं ने भी ईंधन की कीमतों में राहत की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से उनके घरेलू बजट बिगड़ रहे हैं।1
- नगर पंचायत हरैया में अतिक्रमणकारियों ने सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसी बीच, दो सब्जी दुकानदारों के बीच हुई मारपीट में एक राहगीर भी चोटिल हो गया।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में एक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। दबंगों की धमकियों से सहमा यह परिवार अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि स्थानीय नगर थाने की कार्यप्रणाली पर पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूस्वामी बृजेश पाण्डेय का आरोप है कि 22 मई को दिन-दहाड़े गांव के घनश्याम पाण्डेय, प्रशांत पाण्डेय, अमित पाण्डेय और रमेश पाण्डेय ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उन पर और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों से लैस इन दबंगों ने न केवल मारपीट की, बल्कि चल रहे निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में नगर थाने पहुंचा, तो थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे एसडीएम का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। पीड़ित का आरोप है कि थानेदार ने ऐसा रुख अपनाया जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के लिए शर्मनाक है, जिससे नगर पुलिस की दबंगों के संरक्षक बनने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला गाटा संख्या 534 (रकबा 174 एअर) की जमीन से जुड़ा है, जो अभिलेखों में बृजेश के बड़े पिता जनार्दन के नाम दर्ज है, जिससे इस पर उनका कानूनी अधिकार सिद्ध होता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य चला, लेकिन फिर दबंगों ने मजदूरों को डरा-धमकाकर भगा दिया और निर्माण को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दबंगों की खुली धमकियों से बृजेश पाण्डेय का पूरा परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है, वे घर से बाहर निकलने तक में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर नगर पुलिस की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन दबंगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो बक्सर गांव में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सवाल उठता है कि क्या बस्ती में वर्दी का सम्मान दबंगों के दबाव में गिरवी रख दिया गया है और कानून का शासन समाप्त हो गया है।2
- अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र के विद्यापुर गाँव में एक घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जहां चोरों ने सामान बिखेर दिया। माधुरी, पत्नी अर्जुन पांडे, ने आरोप लगाया है कि 23 मार्च 2026 की रात जब वह अपने बरामदे में सो रही थीं, तब लगभग रात 12:00 बजे उन्हें खटपट की आवाज सुनाई दी। जब प्रार्थिनी उठकर देखी तो उन्हें अंदर कुछ लोगों के होने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चोर सामान लेकर फरार हो चुके थे। मौके पर पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई और संबंधित थाने की पुलिस भी इकट्ठा हुई। पीड़िता ने बताया कि चोरों ने घर में अकेली सो रही उनकी बेटी को मारा-पीटा था, जिसका पुलिस द्वारा मेडिकल भी करा दिया गया है। हालांकि, इस चोरी की घटना का मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। प्रार्थिनी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है और मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी पूरी आपबीती बताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी का मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। इंडिया न्यूज़ दर्पण से दलजीत नागवंशी की रिपोर्ट सवाल उठाती है कि क्या पुलिस प्रशासन चोरी का मुकदमा दर्ज करेगा या इस मामले को 'राम भरोसे' छोड़ दिया जाएगा।2
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में पुलिस अधिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान का है, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर पुलिस की कड़ी आलोचना की जा रही है, क्योंकि यह वीडियो एक गंभीर मामले की जानकारी देते समय उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।1
- Post by Shaikh fazil1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।1
- बस्ती जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पारसी में इन दिनों कानून का राज नहीं, बल्कि 'मिट्टी माफिया' का जंगलराज चल रहा है। दिन-दहाड़े जेसीबी मशीनों से अवैध मिट्टी का खनन किया जा रहा है और सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेतहाशा दौड़ रही हैं। यह स्थिति इस बात की गवाह है कि जिले के जिम्मेदार महकमे या तो गहरी नींद में हैं या फिर माफियाओं की सेवा में नतमस्तक हैं, जिससे प्रशासन की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में विभागीय मिलीभगत की बू आ रही है, क्योंकि हर रोज सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकाले जाने के बावजूद जिम्मेदारों की नजर पारसी गांव की इन जमीनों पर नहीं पड़ती। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन की कार्रवाई का खौफ। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है और क्या प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी 'डील' का नतीजा है? इस धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन के कारण सड़कें जर्जर हो रही हैं, और ओवरलोड वाहनों से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए ये वाहन किसी मौत के साए से कम नहीं हैं। यह अवैध धंधा न केवल किसी बड़े हादसे और पर्यावरणीय आपदा को निमंत्रण दे रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी चूना लग रहा है और भविष्य में भूजल स्तर व कृषि योग्य भूमि के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। मुंडेरवा क्षेत्र में यह अवैध धंधा अब आम चर्चा का विषय बन चुका है, और हर जुबान पर यह सवाल है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा। जनता जानना चाहती है कि 'मिट्टी चोरों' को किसका संरक्षण प्राप्त है। अब देखना यह होगा कि बस्ती प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेकर माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों के नीचे दबकर दम तोड़ देगा।2
- welcome1