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बिजली कटौती से परेशान जनता के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने व्यवस्था में सुधार न होने का कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता है। मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोग बिजली कटौती संबंधी शिकायत लेकर जाने में भी शर्म महसूस करते हैं।
समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
बिजली कटौती से परेशान जनता के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने व्यवस्था में सुधार न होने का कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता है। मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोग बिजली कटौती संबंधी शिकायत लेकर जाने में भी शर्म महसूस करते हैं।
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- बिजली कटौती से परेशान जनता के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने व्यवस्था में सुधार न होने का कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता है। मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोग बिजली कटौती संबंधी शिकायत लेकर जाने में भी शर्म महसूस करते हैं।1
- बलरामपुर जनपद के विकास खंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनपुर दयालीडीह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बन गया है। सरकारी अभिलेखों में इसके संचालन, मरम्मत और सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-22 में इस सामुदायिक शौचालय के निर्माण और मरम्मत के नाम पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, इसकी स्थिति बेहद दयनीय है। मौके पर टूटी हुई फर्श, उखड़े हुए टाइल्स, खराब फ्लश सिस्टम, टूटे वाश बेसिन और जलापूर्ति पूरी तरह गायब मिली। शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे ग्रामीणों को सुविधा मिलने के बजाय केवल परेशानी ही हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सामुदायिक शौचालय केवल कागजों में ही संचालित हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण और रखरखाव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार खुले में शौच मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण ये महत्वपूर्ण योजनाएं दम तोड़ रही हैं। यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी सुविधाएं कहाँ गईं? क्या अधिकारियों ने बिना जांच के ही भुगतान कर दिया, या फिर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट हुई? ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और शौचालय को तत्काल प्रभाव से चालू कराने की मांग की है।4
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दफन एक युवक के शव को बाहर निकाला गया है। बताया गया है कि इस मामले में अब युवक के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।1
- बलरामपुर जिले में एक खूंखार कुत्ता आतंक मचा रहा है, जिसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह कुत्ता लगातार अन्य कुत्तों, झगड़ों और जानवरों पर हमला कर रहा है, जिससे लोगों को डर है कि वह किसी भी समय बच्चे या इंसान को अपना शिकार बना सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस खूंखार कुत्ते को पकड़ने का आग्रह किया है ताकि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु को रोका जा सके।6
- आज 26 मार्च 2026 को बलरामपुर के हरिया क्षेत्र में रिपोर्टर के भ्रमण के दौरान एक 'खाद्य अधिकारी' द्वारा चलाए जा रहे 'अजब-गजब के खेल' का खुलासा हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 'खाद्य अधिकारी' के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही कोई बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन वे दूध इकट्ठा कर मशीन में डालकर उसे बहराइच भेजने की बात कह रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दूध में मिलावट की जा रही है, और साथ ही क्रीम भी निकाली जाती है, जिसके लिए उनके पास कोई वैध लाइसेंस दिखाने का प्रमाण नहीं है। हैरानी की बात यह है कि बलरामपुर के 'खाद्य अधिकारी' और लखनऊ स्थित उनके उच्च हेड ऑफिस दोनों के सीयूजी नंबर भी बंद रहते हैं। यह सीधे तौर पर बलरामपुर जिले से लेकर लखनऊ हेड ऑफिस तक घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे भारतीयों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। इन 'खाद्य अधिकारी' का दावा है कि केवल उनके ही अधिकारी उनके काम को देख सकते हैं, न तो मीडिया और न ही कोई अन्य अधिकारी। वे अपने गलत कामों के बावजूद खुद को 'दबंग' बताते हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए, माननीय जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया गया है कि इन पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए।1
- उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी संदर्भ में, सिद्धार्थनगर के मिठवल प्रधान संघ के अध्यक्ष दिनेश धर द्विवेदी से इस नियुक्ति पर एक खास बातचीत की गई।1
- परशुरामपुर थाना क्षेत्र के शुक्ला देवरिया गांव में सोमवार को कथित रूप से अवैध चर्च निर्माण और धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह अपने पदाधिकारियों, जिनमें जिला मंत्री प्रवीण सिंह और जिला संयोजक अजय कनौजिया शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने उन्हें बताया था कि गांव में रातों-रात बिना किसी वैध अभिलेख के चर्च बनाया जा रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कराने वाले लोगों के पास जमीन और निर्माण से संबंधित कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे, और क्षेत्रीय लोग भी उन्हें नहीं पहचान पा रहे थे। मामले की जानकारी तत्काल थाना अध्यक्ष परशुरामपुर को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मनोज सिंह ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान पुरवा गांव में कुछ लोगों के कथित धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली। आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति को धर्मांतरण कराते हुए देखा गया, जो ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं को देखकर भागने लगा। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना को लेकर गांव में देर तक तनाव और आक्रोश का माहौल बना रहा। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जन आंदोलन शुरू करेगा। बढ़ते विवाद को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी स्वर्णिम सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में यह भी सामने आया है कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह कथित तौर पर पट्टे की जमीन बताई जा रही है, और ग्रामीणों के बीच पट्टाधारक छबिलाल द्वारा यह जमीन किसी हरपाल नामक व्यक्ति को बेचे जाने की चर्चा है। प्रशासन फिलहाल जमीन के स्वामित्व, निर्माण की वैधता और धर्मांतरण संबंधी कथित आरोपों की गहन जांच में जुटा है। वहीं, घटना के दौरान एसडीएम हरैया के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस ने बताया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
- चुनाव टलने और प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के बाद, सदर ब्लॉक में ग्राम प्रधानों ने अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान, प्रधानों ने “योगी मोदी पलटूराम जिंदाबाद” के नारे लगाए, जो चुनाव स्थगित होने और प्रधानों के प्रशासक बनाए जाने के निर्णय के प्रति उनकी तीव्र नाराजगी को दर्शाता है।1