आज 26 मार्च 2026 को बलरामपुर के हरिया क्षेत्र में रिपोर्टर के भ्रमण के दौरान एक 'खाद्य अधिकारी' द्वारा चलाए जा रहे 'अजब-गजब के खेल' का खुलासा हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 'खाद्य अधिकारी' के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही कोई बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन वे दूध इकट्ठा कर मशीन में डालकर उसे बहराइच भेजने की बात कह रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दूध में मिलावट की जा रही है, और साथ ही क्रीम भी निकाली जाती है, जिसके लिए उनके पास कोई वैध लाइसेंस दिखाने का प्रमाण नहीं है। हैरानी की बात यह है कि बलरामपुर के 'खाद्य अधिकारी' और लखनऊ स्थित उनके उच्च हेड ऑफिस दोनों के सीयूजी नंबर भी बंद रहते हैं। यह सीधे तौर पर बलरामपुर जिले से लेकर लखनऊ हेड ऑफिस तक घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे भारतीयों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। इन 'खाद्य अधिकारी' का दावा है कि केवल उनके ही अधिकारी उनके काम को देख सकते हैं, न तो मीडिया और न ही कोई अन्य अधिकारी। वे अपने गलत कामों के बावजूद खुद को 'दबंग' बताते हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए, माननीय जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया गया है कि इन पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए।
आज 26 मार्च 2026 को बलरामपुर के हरिया क्षेत्र में रिपोर्टर के भ्रमण के दौरान एक 'खाद्य अधिकारी' द्वारा चलाए जा रहे 'अजब-गजब के खेल' का खुलासा हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 'खाद्य अधिकारी' के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही कोई बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन वे दूध इकट्ठा कर मशीन में डालकर उसे बहराइच भेजने की बात कह रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दूध में मिलावट की जा रही है, और साथ ही क्रीम भी निकाली जाती है, जिसके लिए उनके पास कोई वैध लाइसेंस दिखाने का प्रमाण नहीं है। हैरानी की बात यह है कि बलरामपुर के 'खाद्य अधिकारी' और लखनऊ स्थित उनके उच्च हेड ऑफिस दोनों के सीयूजी नंबर भी बंद रहते हैं। यह सीधे तौर पर बलरामपुर जिले से लेकर लखनऊ हेड ऑफिस तक घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे भारतीयों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। इन 'खाद्य अधिकारी' का दावा है कि केवल उनके ही अधिकारी उनके काम को देख सकते हैं, न तो मीडिया और न ही कोई अन्य अधिकारी। वे अपने गलत कामों के बावजूद खुद को 'दबंग' बताते हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए, माननीय जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया गया है कि इन पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए।
- इंडिया-यूएस ट्रेड डील को लेकर एक खुली चुनौती जारी की गई है। इस चुनौती में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील को रद्द करके दिखाया जाए।1
- राष्ट्रीय स्तर पर, हाईकोर्ट द्वारा दिखाई गई सख्ती के संदर्भ में बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “आजकल असलहा लेकर चलता कौन है?” उन्होंने इस बयान के माध्यम से अपनी बात रखी।1
- अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने थाना नवीन मॉडर्न श्रावस्ती में विवेचकगणों के साथ एक अर्दली रूम आयोजित किया। इस दौरान लंबित विवेचनाओं और लंबित प्रार्थना पत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, उनकी प्रगति की गहन समीक्षा की गई। विवेचकों को निर्देश दिए गए कि वे मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आए और जनसामान्य को समय पर न्याय मिल सके। बैठक में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत लंबित अभियोगों में धारा 14(1) उ०प्र० गैंगेस्टर अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्यवाही, गुंडा अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही में जिलाबदर की स्थिति और साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा भी की गई। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन प्राप्त प्रार्थना पत्रों की समीक्षा के साथ-साथ ऑपरेशन क्लीन, ऑपरेशन दहन और ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई कार्रवाइयों का अवलोकन किया गया। पुरस्कार घोषित/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा एनबीडब्लू/बीडब्लू के तामीला की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के बाद, आगामी बकरीद त्यौहार के मद्देनजर, अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना नवीन मॉडर्न श्रावस्ती पुलिस के साथ कस्बा कटरा बाजार में पैदल गश्त की। इस गश्त का उद्देश्य शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाना था। इस अवसर पर थाना प्रभारी नवीन मॉडर्न श्रावस्ती, श्री जयहरी मिश्रा, सहित अन्य विवेचकगण और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड मिठवल के ग्राम पाली में चकबंदी विभाग की टीम को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने रेलवे परियोजना का मुआवजा मिलने तक कब्जा परिवर्तन कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके चलते टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के दक्षिणी सीवान से बहराइच-खलीलाबाद रेलवे लाइन प्रस्तावित है, जिससे उनकी जमीन प्रभावित होगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि अभी कब्जा परिवर्तन कर दिया गया तो कई किसान अपने मुआवजे से वंचित रह सकते हैं। कब्जा परिवर्तन कराने पहुंचे एसीओ सुनील कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों की दृढ़ता के सामने चकबंदी लेखपाल बब्बन सिंह और कानूनगो को बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। मिथुन चौधरी, लाल बिहारी चौरसिया, अकरम सेठ, मो. इस्माइल, रामफल, राम अजोरे, मनिराम, मोहर अली, शुभम शुक्ला, साहेब रजा, दीना नाथ, आनंद स्वरूप चौरसिया और उम्मत अली सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी विभाग मुआवजा मिलने से पहले जबरन कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई करता है, तो वे आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ किया कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- गोंडा नगर में कड़कती बिजली के साथ हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश के बाद नगरवासियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।3
- आगामी त्यौहार ईद-उल-जुहा (बकरीद) के मद्देनज़र सिद्धार्थनगर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने पैदल गश्त किया। यह गश्त थाना क्षेत्र सिद्धार्थनगर के कस्बा सिद्धार्थनगर में की गई, जिसमें विश्वजीत सौरयान (आईपीएस) क्षेत्राधिकारी सदर और प्रभारी निरीक्षक सिद्धार्थनगर भी पुलिस बल के साथ शामिल थे। इस दौरान कस्बा सिद्धार्थनगर सहित अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल के साथ गश्त करते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों, संभ्रांत व्यक्तियों और आमजन से सीधे संवाद स्थापित किया, जिससे लोगों में सुरक्षा का एहसास कराया जा सके। उन्होंने आमजन से आगामी त्यौहार ईद-उल-जुहा (बकरीद) को शांतिपूर्वक मनाने की अपील भी की। यह जानकारी सिद्धार्थनगर से 25 मई, 2026 को जारी हुई।1
- राहुल गांधी ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी को 'नियंत्रित' करते हैं। उनके इस बयान के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।1
- गोण्डा नगर में उतरौला रोड पर 'गंगा भवन' स्थित है। इस भवन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए 9454971606 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- समाजवादी पार्टी के नेता मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर आगामी नीट परीक्षा के परीक्षार्थियों के लिए राज्य रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था करने की मांग की है। यह मांग 21 जून को होने वाली परीक्षा के मद्देनजर की गई है, क्योंकि इससे पहले 3 मई को हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। खान ने अपने पत्र में 3 मई के पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और भारत सरकार पर डाली है, और बताया है कि परीक्षा रद्द होने के कारण लाखों छात्र गहरे डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, जिससे कई होनहार बच्चों ने तो आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीट के लगभग 90% छात्र गरीब और ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जिनके लिए बार-बार परीक्षा सेंटर तक जाना, होटल में रुकना और बसों का भारी किराया वहन करना उनके परिवारों के लिए संभव नहीं है। पत्र में मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें की गई हैं: पहली, 20 जून से 21 जून तक सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों में किराया पूरी तरह माफ किया जाए; और दूसरी, ग्रामीण व दूरदराज के मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी छात्र परीक्षा देने से वंचित न रह जाए। मसूद आलम खान ने मुख्यमंत्री से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उनका एक फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को बचा सकता है और देश का डॉक्टर बनने के उनके सपने को टूटने से रोक सकता है। यह पत्र #NEET_Students_के_साथ_न्याय, #FreeBusForNEET, #UP_CM_सुनो_पुकार और #SaveNEET_Aspirants जैसे हैशटैग के माध्यम से छात्रों के हक में न्याय और राहत की मजबूत मांग को सामने रखता है।3