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राहुल गांधी ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी को 'नियंत्रित' करते हैं। उनके इस बयान के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
समय व्यूज राष्ट्रीय समाचार
राहुल गांधी ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी को 'नियंत्रित' करते हैं। उनके इस बयान के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट की है। इस खास पल से जुड़ा एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।1
- बलरामपुर जिले में एक खूंखार कुत्ता आतंक मचा रहा है, जिसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह कुत्ता लगातार अन्य कुत्तों, झगड़ों और जानवरों पर हमला कर रहा है, जिससे लोगों को डर है कि वह किसी भी समय बच्चे या इंसान को अपना शिकार बना सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस खूंखार कुत्ते को पकड़ने का आग्रह किया है ताकि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु को रोका जा सके।6
- आज 26 मार्च 2026 को बलरामपुर के हरिया क्षेत्र में रिपोर्टर के भ्रमण के दौरान एक 'खाद्य अधिकारी' द्वारा चलाए जा रहे 'अजब-गजब के खेल' का खुलासा हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 'खाद्य अधिकारी' के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही कोई बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन वे दूध इकट्ठा कर मशीन में डालकर उसे बहराइच भेजने की बात कह रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दूध में मिलावट की जा रही है, और साथ ही क्रीम भी निकाली जाती है, जिसके लिए उनके पास कोई वैध लाइसेंस दिखाने का प्रमाण नहीं है। हैरानी की बात यह है कि बलरामपुर के 'खाद्य अधिकारी' और लखनऊ स्थित उनके उच्च हेड ऑफिस दोनों के सीयूजी नंबर भी बंद रहते हैं। यह सीधे तौर पर बलरामपुर जिले से लेकर लखनऊ हेड ऑफिस तक घोर लापरवाही को दर्शाता है, जिससे भारतीयों का जीवन खतरे में डाला जा रहा है। इन 'खाद्य अधिकारी' का दावा है कि केवल उनके ही अधिकारी उनके काम को देख सकते हैं, न तो मीडिया और न ही कोई अन्य अधिकारी। वे अपने गलत कामों के बावजूद खुद को 'दबंग' बताते हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए, माननीय जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया गया है कि इन पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए।1
- बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस के संबंध में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। इसी के साथ, बृजभूषण का एक बयान भी सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि “लोग अब असलहे की संस्कृति से ऊब चुके हैं।”1
- इकौना-बलरामपुर मार्ग पर दिन भर छुट्टा जानवरों की भरमार रहती है, जिसके कारण आए दिन राहगीर चोटिल होते रहते हैं। इन दुर्घटनाओं का शिकार गौवंश भी लगातार बन रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से इकौना बाईपास और इकौना कस्बे में देखी जाती है, जहाँ प्रतिदिन कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। सड़कों पर पूरे समय इन जानवरों के घूमने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।1
- शहर में डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च काफी बढ़ गया है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे का असर छोटे वाहन चालकों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है, और कई ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ती लागत के कारण किराया बढ़ाने की अपनी मजबूरी बताई है। दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं ने भी ईंधन की कीमतों में राहत की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से उनके घरेलू बजट बिगड़ रहे हैं।1
- सिद्धार्थनगर जिले के विकास खंड मिठवल के ग्राम पाली में चकबंदी विभाग की टीम को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने रेलवे परियोजना का मुआवजा मिलने तक कब्जा परिवर्तन कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके चलते टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के दक्षिणी सीवान से बहराइच-खलीलाबाद रेलवे लाइन प्रस्तावित है, जिससे उनकी जमीन प्रभावित होगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि अभी कब्जा परिवर्तन कर दिया गया तो कई किसान अपने मुआवजे से वंचित रह सकते हैं। कब्जा परिवर्तन कराने पहुंचे एसीओ सुनील कुमार गुप्ता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों की दृढ़ता के सामने चकबंदी लेखपाल बब्बन सिंह और कानूनगो को बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। मिथुन चौधरी, लाल बिहारी चौरसिया, अकरम सेठ, मो. इस्माइल, रामफल, राम अजोरे, मनिराम, मोहर अली, शुभम शुक्ला, साहेब रजा, दीना नाथ, आनंद स्वरूप चौरसिया और उम्मत अली सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चकबंदी विभाग मुआवजा मिलने से पहले जबरन कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई करता है, तो वे आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ किया कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- इंडिया-यूएस ट्रेड डील को लेकर एक खुली चुनौती जारी की गई है। इस चुनौती में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील को रद्द करके दिखाया जाए।1