छत्तरगढ़ क्षेत्र के सत्तासर गाँव में सुबह से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे ग्रामीण गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदारों के कर्मचारी जानबूझकर बिजली काट रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ये कर्मचारी अक्सर किसी और गाँव में खराबी की तस्वीरें भेजकर बहाना बनाते हैं, जबकि सत्तासर की बिजली काट दी जाती है। उनका कहना है कि राजासर गाँव की बिजली लाइन अलग होने के बावजूद सत्तासर की लाइन काट दी जाती है और बताया जाता है कि फॉल्ट आगे है। कई बार 33 KV लाइन ठप होने का बहाना भी बनाया जाता है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है, और फिर भी बिजली काट दी जाती है। ट्यूबवेल चलाने वालों को भी बिजली नहीं मिल पाती है, क्योंकि इसे जानबूझकर काटा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के, जब मन चाहे तब बिजली काट देते हैं, यहाँ तक कि आँधी या बारिश आने से पहले ही लाइट काट दी जाती है। इससे ग्रामीणों के घरों की बिजली जानबूझकर काटी जा रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा के कामों में भारी दिक्कतें आती हैं। विभाग की ओर से हमेशा एक ही जवाब मिलता है कि "पीछे से 33 KV लाइन गई हुई है," जबकि पास के छत्तरगढ़ कस्बे में बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है, जो इन दावों का खंडन करती है।
छत्तरगढ़ क्षेत्र के सत्तासर गाँव में सुबह से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे ग्रामीण गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदारों के कर्मचारी जानबूझकर बिजली काट रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ये कर्मचारी अक्सर किसी और गाँव में खराबी की तस्वीरें भेजकर बहाना बनाते हैं, जबकि सत्तासर की बिजली काट दी जाती है। उनका कहना है कि राजासर गाँव की बिजली लाइन अलग होने के बावजूद सत्तासर की लाइन काट दी जाती है और बताया जाता है कि फॉल्ट आगे है। कई बार 33 KV लाइन ठप होने का बहाना भी बनाया जाता है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है, और फिर भी बिजली काट दी जाती है। ट्यूबवेल चलाने वालों को भी बिजली नहीं मिल पाती है, क्योंकि इसे जानबूझकर काटा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के, जब मन चाहे तब बिजली काट देते हैं, यहाँ तक कि आँधी या बारिश आने से पहले ही लाइट काट दी जाती है। इससे ग्रामीणों के घरों की बिजली जानबूझकर काटी जा रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा के कामों में भारी दिक्कतें आती हैं। विभाग की ओर से हमेशा एक ही जवाब मिलता है कि "पीछे से 33 KV लाइन गई हुई है," जबकि पास के छत्तरगढ़ कस्बे में बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है, जो इन दावों का खंडन करती है।
- बीकानेर के छत्तरगढ़ स्थित स्थानीय बस स्टैंड पर एक निजी दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह आग मिस्त्री यूनुस खान की दुकान में लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से टैंकरों से पानी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के कारण बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- Hiring Job Title : आपका कॉलिंग का काम रहेगा Company / Shop : लीड गुरु डिजिटल मार्केटिंग कंपनी Job Field : घर बैठे आपको कॉलिंग करनी है, जो कंपनी आपको नंबर देगी उन नंबरों पर आपको कॉल करना है Locality : All India Job Type : Part-Time Required Work Experience : Fresher1
- गुरु तीर्थ श्री कोलायत जी में ज्येष्ठ अधिक मास सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र कपिल सरोवर की मनमोहक झलकियाँ देखने को मिलीं।1
- ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबी नजर आई। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। उन्होंने भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद, श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित कई देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। दिनभर मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है, और इस दिन स्नान, दान, तर्पण तथा भगवान शिव-विष्णु की पूजा-अर्चना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सुबह से ही कपिल सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। इस भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिँह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम और सफाई सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दान-पुण्य का सिलसिला निरंतर जारी रहा, जिससे पूरे दिन धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- बीकानेर के नागणेजी रेलवे फाटक के पास मंगलवार देर रात रेलवे ट्रैक के बीच एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर युवक की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू कर दिए। प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस की विस्तृत जाँच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, युवक की पहचान नहीं हो पाने के कारण शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही खिदमतगार खादिम सोसायटी की एम्बुलेंस और टीम भी मौके पर पहुँची। संस्था के समाजसेवी राज कुमार और शोएब भाई ने शव को मोर्चरी तक पहुँचाने, पहचान के प्रयासों में सहयोग करने के साथ-साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और पंचनामा कार्रवाई में पुलिस की मदद की। खिदमतगार खादिम सोसायटी बीकानेर में वर्षों से लावारिस और असहाय लोगों की निस्वार्थ सेवा में जुटी हुई है। यह संस्था दिन-रात सक्रिय रहकर अपनी एम्बुलेंस और स्वयंसेवकों के माध्यम से लावारिस शवों को अस्पताल पहुँचाने, उनकी पहचान करवाने, परिजनों तक सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर उनके अंतिम संस्कार तक की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मानवीय कार्य करती है, जिसके कारण इसे शहर की प्रमुख समाजसेवी संस्थाओं में गिना जाता है। मानव सेवा के इस पुनीत कार्य के लिए खिदमतगार खादिम सोसायटी और उसकी पूरी टीम प्रशंसा और बधाई की पात्र है, जो जरूरतमंदों और असहायों के लिए उम्मीद की एक बड़ी मिसाल पेश कर रही है।1