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ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबी नजर आई। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। उन्होंने भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद, श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित कई देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। दिनभर मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है, और इस दिन स्नान, दान, तर्पण तथा भगवान शिव-विष्णु की पूजा-अर्चना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सुबह से ही कपिल सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। इस भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिँह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम और सफाई सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दान-पुण्य का सिलसिला निरंतर जारी रहा, जिससे पूरे दिन धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

16 hrs ago
user_Rahul sewag
Rahul sewag
Local News Reporter कोलायत, बीकानेर, राजस्थान•
16 hrs ago

ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबी नजर आई। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। उन्होंने भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद, श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित कई देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। दिनभर मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है, और इस दिन स्नान, दान, तर्पण तथा भगवान शिव-विष्णु की पूजा-अर्चना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सुबह से ही कपिल सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। इस भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिँह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम और सफाई सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दान-पुण्य का सिलसिला निरंतर जारी रहा, जिससे पूरे दिन धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

More news from Rajasthan and nearby areas
  • समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर नाविक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस शुरू हो गई है। इस बहस के दौरान, सोशल मीडिया का एक बड़ा वर्ग नाविकों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त कर रहा है और उनके सुरक्षित घर लौटने की मांग कर रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भारतीय नाविक और उनके जहाज़ ऐसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में क्यों मौजूद थे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी ज़ोर पकड़ रही है कि क्या ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं। इस संदर्भ में, समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं और दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर माल ढुलाई का कार्य करते हैं। इसलिए, उनका इन क्षेत्रों में मौजूद होना सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का ही एक हिस्सा हो सकता है। इन सब के बीच, सोशल मीडिया पर भारत सरकार की भूमिका और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नाविक वहाँ 'टिंडसी लेने' गए थे।
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    समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर नाविक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस शुरू हो गई है।

इस बहस के दौरान, सोशल मीडिया का एक बड़ा वर्ग नाविकों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त कर रहा है और उनके सुरक्षित घर लौटने की मांग कर रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भारतीय नाविक और उनके जहाज़ ऐसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में क्यों मौजूद थे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी ज़ोर पकड़ रही है कि क्या ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं।

इस संदर्भ में, समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं और दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर माल ढुलाई का कार्य करते हैं। इसलिए, उनका इन क्षेत्रों में मौजूद होना सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का ही एक हिस्सा हो सकता है। इन सब के बीच, सोशल मीडिया पर भारत सरकार की भूमिका और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नाविक वहाँ 'टिंडसी लेने' गए थे।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    1 hr ago
  • बीकानेर के छत्तरगढ़ स्थित स्थानीय बस स्टैंड पर एक निजी दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह आग मिस्त्री यूनुस खान की दुकान में लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से टैंकरों से पानी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के कारण बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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    बीकानेर के छत्तरगढ़ स्थित स्थानीय बस स्टैंड पर एक निजी दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह आग मिस्त्री यूनुस खान की दुकान में लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से टैंकरों से पानी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के कारण बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
    user_DEVI SINGH UDAWAT
    DEVI SINGH UDAWAT
    छत्तरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ सरपंच संघ ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को अपना एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अपनी आवाज उठाते हुए मंत्री को अपनी मांगों से अवगत कराया, जिसके जवाब में मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।
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    बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ सरपंच संघ ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को अपना एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अपनी आवाज उठाते हुए मंत्री को अपनी मांगों से अवगत कराया, जिसके जवाब में मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    41 min ago
  • भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित 'साइन कार्यक्रम' के अंतर्गत, सोमवार को नागौर ब्लॉक के उड़ान क्लस्टर गूगेलाव में उपभोक्ता जागरूकता एवं मानकीकरण विषयक एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादों की पहचान करने, मानक चिन्हों के महत्व को समझने तथा उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। सेमिनार को संबोधित करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो के रिसोर्स पर्सन विजेंद्र प्रकाश हलचल ने उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु की खरीदारी करते समय उसके मानक चिन्ह को अनिवार्य रूप से देखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गैस चूल्हा, स्टोव, हेलमेट तथा विभिन्न विद्युत उपकरणों पर मानक चिन्ह अनिवार्य रूप से लगाया जाता है और उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पादों की खरीद में विशेष सावधानी बरतते हुए बिना मानक चिन्ह वाले उत्पादों से बचना चाहिए। हलचल ने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों के डायपर और गर्भनिरोधक उत्पादों की खरीद के समय आईएसआई मार्क की जांच करने की महत्ता बताई, जिसे उन्होंने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया। रिसोर्स पर्सन ने यह भी जानकारी दी कि देश में 23 हजार से अधिक भारतीय मानक निर्धारित किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 700 मानक संवेदनशील उत्पादों के लिए अनिवार्य श्रेणी में शामिल हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को भारतीय मानक ब्यूरो के 'बीआईएस केयर एप' के माध्यम से सीएमएल नंबर दर्ज कर किसी भी उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच करने का तरीका भी बताया। स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है और एचयूआईडी नंबर के माध्यम से आभूषण निर्माता की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विद्युत उपकरणों पर अंकित मानक चिन्हों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उपभोक्ता बीआईएस केयर एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता अधिकारों से संबंधित किसी भी शिकायत को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 और राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800180 6030 पर दर्ज कराया जा सकता है।
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    भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित 'साइन कार्यक्रम' के अंतर्गत, सोमवार को नागौर ब्लॉक के उड़ान क्लस्टर गूगेलाव में उपभोक्ता जागरूकता एवं मानकीकरण विषयक एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादों की पहचान करने, मानक चिन्हों के महत्व को समझने तथा उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।

सेमिनार को संबोधित करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो के रिसोर्स पर्सन विजेंद्र प्रकाश हलचल ने उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु की खरीदारी करते समय उसके मानक चिन्ह को अनिवार्य रूप से देखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गैस चूल्हा, स्टोव, हेलमेट तथा विभिन्न विद्युत उपकरणों पर मानक चिन्ह अनिवार्य रूप से लगाया जाता है और उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पादों की खरीद में विशेष सावधानी बरतते हुए बिना मानक चिन्ह वाले उत्पादों से बचना चाहिए। हलचल ने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों के डायपर और गर्भनिरोधक उत्पादों की खरीद के समय आईएसआई मार्क की जांच करने की महत्ता बताई, जिसे उन्होंने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया।

रिसोर्स पर्सन ने यह भी जानकारी दी कि देश में 23 हजार से अधिक भारतीय मानक निर्धारित किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 700 मानक संवेदनशील उत्पादों के लिए अनिवार्य श्रेणी में शामिल हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को भारतीय मानक ब्यूरो के 'बीआईएस केयर एप' के माध्यम से सीएमएल नंबर दर्ज कर किसी भी उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच करने का तरीका भी बताया। स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है और एचयूआईडी नंबर के माध्यम से आभूषण निर्माता की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विद्युत उपकरणों पर अंकित मानक चिन्हों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उपभोक्ता बीआईएस केयर एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता अधिकारों से संबंधित किसी भी शिकायत को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 और राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800180 6030 पर दर्ज कराया जा सकता है।
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    Salesperson नागौर, नागौर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • बीकानेर में अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आगामी 25 और 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में मोहल्ला व्यापारियान, दाऊजी रोड, मोहल्ला भिस्तियान, डिडू सिपाहियान, चुनघरान, धोबी तलाई, शीतला गेट, खटीकान, कुचिलपुरा, रामपुरा बस्ती तथा छोटी-बड़ी कर्बला क्षेत्र सहित विभिन्न जुलूस मार्गों और मोहल्लों की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही नाली क्रॉस की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य करवाने की भी मांग उठाई गई। कमेटी ने जुलूस मार्गों पर झूलते हुए बिजली के तारों को कसने, विद्युत लाइनों को सुरक्षित बनाने तथा ट्रांसफार्मरों का समय पर मेंटिनेंस कराने की भी मांग की है। इसके अलावा, ताजियों और अखाड़ों के गुजरने वाले मार्गों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में मोहर्रम के दौरान पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कसाइयों की बारी क्षेत्र सहित प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने की भी मांग शामिल है। कच्छावा ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम पर्व के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद विभिन्न जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर काजी, पूर्व महापौर, सैय्यद अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन जामी, शाकिर हुसैन चौपदार, रेहमत अली, हसन अली खिलजी तथा मेहबूब रंगरेज सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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    बीकानेर में अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आगामी 25 और 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में मोहल्ला व्यापारियान, दाऊजी रोड, मोहल्ला भिस्तियान, डिडू सिपाहियान, चुनघरान, धोबी तलाई, शीतला गेट, खटीकान, कुचिलपुरा, रामपुरा बस्ती तथा छोटी-बड़ी कर्बला क्षेत्र सहित विभिन्न जुलूस मार्गों और मोहल्लों की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही नाली क्रॉस की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य करवाने की भी मांग उठाई गई। कमेटी ने जुलूस मार्गों पर झूलते हुए बिजली के तारों को कसने, विद्युत लाइनों को सुरक्षित बनाने तथा ट्रांसफार्मरों का समय पर मेंटिनेंस कराने की भी मांग की है।

इसके अलावा, ताजियों और अखाड़ों के गुजरने वाले मार्गों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में मोहर्रम के दौरान पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कसाइयों की बारी क्षेत्र सहित प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने की भी मांग शामिल है।

कच्छावा ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम पर्व के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद विभिन्न जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर काजी, पूर्व महापौर, सैय्यद अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन जामी, शाकिर हुसैन चौपदार, रेहमत अली, हसन अली खिलजी तथा मेहबूब रंगरेज सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    16 hrs ago
  • छत्तरगढ़ क्षेत्र के सत्तासर गाँव में सुबह से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे ग्रामीण गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदारों के कर्मचारी जानबूझकर बिजली काट रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ये कर्मचारी अक्सर किसी और गाँव में खराबी की तस्वीरें भेजकर बहाना बनाते हैं, जबकि सत्तासर की बिजली काट दी जाती है। उनका कहना है कि राजासर गाँव की बिजली लाइन अलग होने के बावजूद सत्तासर की लाइन काट दी जाती है और बताया जाता है कि फॉल्ट आगे है। कई बार 33 KV लाइन ठप होने का बहाना भी बनाया जाता है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है, और फिर भी बिजली काट दी जाती है। ट्यूबवेल चलाने वालों को भी बिजली नहीं मिल पाती है, क्योंकि इसे जानबूझकर काटा जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के, जब मन चाहे तब बिजली काट देते हैं, यहाँ तक कि आँधी या बारिश आने से पहले ही लाइट काट दी जाती है। इससे ग्रामीणों के घरों की बिजली जानबूझकर काटी जा रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा के कामों में भारी दिक्कतें आती हैं। विभाग की ओर से हमेशा एक ही जवाब मिलता है कि "पीछे से 33 KV लाइन गई हुई है," जबकि पास के छत्तरगढ़ कस्बे में बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है, जो इन दावों का खंडन करती है।
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    छत्तरगढ़ क्षेत्र के सत्तासर गाँव में सुबह से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे ग्रामीण गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदारों के कर्मचारी जानबूझकर बिजली काट रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, ये कर्मचारी अक्सर किसी और गाँव में खराबी की तस्वीरें भेजकर बहाना बनाते हैं, जबकि सत्तासर की बिजली काट दी जाती है। उनका कहना है कि राजासर गाँव की बिजली लाइन अलग होने के बावजूद सत्तासर की लाइन काट दी जाती है और बताया जाता है कि फॉल्ट आगे है। कई बार 33 KV लाइन ठप होने का बहाना भी बनाया जाता है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है, और फिर भी बिजली काट दी जाती है। ट्यूबवेल चलाने वालों को भी बिजली नहीं मिल पाती है, क्योंकि इसे जानबूझकर काटा जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के, जब मन चाहे तब बिजली काट देते हैं, यहाँ तक कि आँधी या बारिश आने से पहले ही लाइट काट दी जाती है। इससे ग्रामीणों के घरों की बिजली जानबूझकर काटी जा रही है, जिससे उन्हें रोज़मर्रा के कामों में भारी दिक्कतें आती हैं। विभाग की ओर से हमेशा एक ही जवाब मिलता है कि "पीछे से 33 KV लाइन गई हुई है," जबकि पास के छत्तरगढ़ कस्बे में बिजली आपूर्ति सामान्य रहती है, जो इन दावों का खंडन करती है।
    user_DEVI SINGH UDAWAT
    DEVI SINGH UDAWAT
    छत्तरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • कल सोमवार को बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हेमासर फांटे के पास डंपर ट्रक और कार की भीषण भिड़ंत में कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो साल की मासूम तनवी गंभीर रूप से घायल हुई थी। हादसे में एकमात्र घायल हुई मासूम तनवी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान तनवी ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस भयावह घटना में मृतकों की कुल संख्या अब सात हो गई है। बताया गया है कि मृतक रिटायर्ड ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमादेवी, बेटी प्रमिला, दो दोहितियां और एक पोता एक धार्मिक स्थल से लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।
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    कल सोमवार को बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हेमासर फांटे के पास डंपर ट्रक और कार की भीषण भिड़ंत में कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो साल की मासूम तनवी गंभीर रूप से घायल हुई थी।

हादसे में एकमात्र घायल हुई मासूम तनवी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान तनवी ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस भयावह घटना में मृतकों की कुल संख्या अब सात हो गई है। बताया गया है कि मृतक रिटायर्ड ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमादेवी, बेटी प्रमिला, दो दोहितियां और एक पोता एक धार्मिक स्थल से लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।
    user_Sanjay swami
    Sanjay swami
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    1 hr ago
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