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कल सोमवार को बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हेमासर फांटे के पास डंपर ट्रक और कार की भीषण भिड़ंत में कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो साल की मासूम तनवी गंभीर रूप से घायल हुई थी। हादसे में एकमात्र घायल हुई मासूम तनवी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान तनवी ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस भयावह घटना में मृतकों की कुल संख्या अब सात हो गई है। बताया गया है कि मृतक रिटायर्ड ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमादेवी, बेटी प्रमिला, दो दोहितियां और एक पोता एक धार्मिक स्थल से लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।
Sanjay swami
कल सोमवार को बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। हेमासर फांटे के पास डंपर ट्रक और कार की भीषण भिड़ंत में कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो साल की मासूम तनवी गंभीर रूप से घायल हुई थी। हादसे में एकमात्र घायल हुई मासूम तनवी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान तनवी ने भी दम तोड़ दिया, जिससे इस भयावह घटना में मृतकों की कुल संख्या अब सात हो गई है। बताया गया है कि मृतक रिटायर्ड ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमादेवी, बेटी प्रमिला, दो दोहितियां और एक पोता एक धार्मिक स्थल से लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।
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- समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर नाविक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस शुरू हो गई है। इस बहस के दौरान, सोशल मीडिया का एक बड़ा वर्ग नाविकों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त कर रहा है और उनके सुरक्षित घर लौटने की मांग कर रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भारतीय नाविक और उनके जहाज़ ऐसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में क्यों मौजूद थे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी ज़ोर पकड़ रही है कि क्या ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं। इस संदर्भ में, समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं और दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर माल ढुलाई का कार्य करते हैं। इसलिए, उनका इन क्षेत्रों में मौजूद होना सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का ही एक हिस्सा हो सकता है। इन सब के बीच, सोशल मीडिया पर भारत सरकार की भूमिका और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नाविक वहाँ 'टिंडसी लेने' गए थे।1
- ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगी दिखी। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इन श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि तथा स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में भक्त कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित अनेक देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है, जिस पर स्नान, दान, तर्पण और भगवान शिव-विष्णु की पूजा से विशेष पुण्य फल मिलता है। इसी विश्वास के कारण सुबह से ही श्रद्धालु कपिल सरोवर पहुंचने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखने को मिला, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिंह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम तथा सफाई सहित कई व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में भाग लेकर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और दान-पुण्य का सिलसिला चलता रहा, जिससे धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ सरपंच संघ ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा को अपना एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने अपनी आवाज उठाते हुए मंत्री को अपनी मांगों से अवगत कराया, जिसके जवाब में मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।1
- बीकानेर के छत्तरगढ़ स्थित स्थानीय बस स्टैंड पर एक निजी दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह आग मिस्त्री यूनुस खान की दुकान में लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से टैंकरों से पानी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के कारण बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित 'साइन कार्यक्रम' के अंतर्गत, सोमवार को नागौर ब्लॉक के उड़ान क्लस्टर गूगेलाव में उपभोक्ता जागरूकता एवं मानकीकरण विषयक एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादों की पहचान करने, मानक चिन्हों के महत्व को समझने तथा उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। सेमिनार को संबोधित करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो के रिसोर्स पर्सन विजेंद्र प्रकाश हलचल ने उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु की खरीदारी करते समय उसके मानक चिन्ह को अनिवार्य रूप से देखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गैस चूल्हा, स्टोव, हेलमेट तथा विभिन्न विद्युत उपकरणों पर मानक चिन्ह अनिवार्य रूप से लगाया जाता है और उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पादों की खरीद में विशेष सावधानी बरतते हुए बिना मानक चिन्ह वाले उत्पादों से बचना चाहिए। हलचल ने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों के डायपर और गर्भनिरोधक उत्पादों की खरीद के समय आईएसआई मार्क की जांच करने की महत्ता बताई, जिसे उन्होंने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया। रिसोर्स पर्सन ने यह भी जानकारी दी कि देश में 23 हजार से अधिक भारतीय मानक निर्धारित किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 700 मानक संवेदनशील उत्पादों के लिए अनिवार्य श्रेणी में शामिल हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को भारतीय मानक ब्यूरो के 'बीआईएस केयर एप' के माध्यम से सीएमएल नंबर दर्ज कर किसी भी उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच करने का तरीका भी बताया। स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है और एचयूआईडी नंबर के माध्यम से आभूषण निर्माता की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विद्युत उपकरणों पर अंकित मानक चिन्हों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उपभोक्ता बीआईएस केयर एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता अधिकारों से संबंधित किसी भी शिकायत को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 और राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800180 6030 पर दर्ज कराया जा सकता है।1
- बीकानेर में अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आगामी 25 और 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में मोहल्ला व्यापारियान, दाऊजी रोड, मोहल्ला भिस्तियान, डिडू सिपाहियान, चुनघरान, धोबी तलाई, शीतला गेट, खटीकान, कुचिलपुरा, रामपुरा बस्ती तथा छोटी-बड़ी कर्बला क्षेत्र सहित विभिन्न जुलूस मार्गों और मोहल्लों की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही नाली क्रॉस की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य करवाने की भी मांग उठाई गई। कमेटी ने जुलूस मार्गों पर झूलते हुए बिजली के तारों को कसने, विद्युत लाइनों को सुरक्षित बनाने तथा ट्रांसफार्मरों का समय पर मेंटिनेंस कराने की भी मांग की है। इसके अलावा, ताजियों और अखाड़ों के गुजरने वाले मार्गों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में मोहर्रम के दौरान पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कसाइयों की बारी क्षेत्र सहित प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने की भी मांग शामिल है। कच्छावा ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम पर्व के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद विभिन्न जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर काजी, पूर्व महापौर, सैय्यद अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन जामी, शाकिर हुसैन चौपदार, रेहमत अली, हसन अली खिलजी तथा मेहबूब रंगरेज सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- नागौर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशानुसार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और साइबर जागरूकता पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप अधीक्षक पुलिस यातायात के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सचेत करना था। कार्यशाला के पहले सत्र में, उप अधीक्षक पुलिस यातायात उम्मेद सिंह ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और हेलमेट व सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लेन अनुशासन, यातायात चिह्नों और संकेतों का पालन करने, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने और नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित नए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में भी बताया। उप अधीक्षक ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए 'राहवीर योजना' और 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के बारे में बताया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को कानूनी बाध्यता से मुक्त रखा गया है और ₹25,000 की इनाम राशि दी जाती है। घायल व्यक्ति का सूचीबद्ध अस्पतालों में शुरुआती सात दिनों तक ₹1.5 लाख की सीमा तक मुफ्त इलाज भी किया जाता है। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क दुर्घटना बीमा योजना' के तहत, 'हिट एंड रन' मामलों में मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 और गंभीर घायल को ₹50,000 की सहायता राशि का प्रावधान है। कार्यशाला के दूसरे सत्र का मुख्य विषय "साइबर जागरूकता" रहा, जिसे उम्मेद सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए वर्तमान में सक्रिय साइबर अपराधों जैसे—डिजिटल अरेस्ट, स्केचलोन ऐप फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, एपीके (APK) फाइल संबंधित धोखाधड़ी, लॉटरी स्कैम, पार्सल स्कैम, केवाईसी (KYC) अपडेट फ्रॉड, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, साइबर स्लेवरी, सिम व बैंक खाता ब्लॉक होने संबंधी फर्जी कॉल्स, और फेक कस्टमर केयर नंबर के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और रुपये जमा होने संबंधी फर्जी मैसेज के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर जागरूकता सत्र में कानि० मुकनाराम (साइबर थाना) ने साइबर फ्रॉड होने पर की जाने वाली त्वरित कानूनी और तकनीकी कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने 'गोल्डन ऑवर' में शिकायत के महत्व को समझाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की कार्यप्रणाली बताई। इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल खोने पर 'राजकाज पोर्टल' के माध्यम से तत्काल पुलिस पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराने, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने और सर्च करने की पूरी प्रक्रिया का भी विस्तृत विवरण दिया। इस उपयोगी कार्यशाला में यातायात थाने से कानि० गणेशाराम, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- नागौर जिले के मूंडवा थाना क्षेत्र में सोमवार को भडाणा बाईपास पर एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, जायल निवासी प्रभु (42 वर्ष), उनकी पत्नी ललित (40 वर्ष) और पुत्र मुकेश (13 वर्ष) बुटाटी धाम मंदिर से दर्शन कर अपनी विक्की पर जायल लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक को ओवरटेक करते समय उनकी विक्की का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर कुचेरा की 108 एंबुलेंस सेवा तुरंत मौके पर पहुँची, जिसमें पायलट सुरेश छाबा और पीएमटी शीशपाल महिया शामिल थे। एंबुलेंस कर्मियों ने घायलों को प्राथमिक सहायता देकर उन्हें तत्काल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मूंडवा पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल तीनों घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।1