नागौर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशानुसार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और साइबर जागरूकता पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप अधीक्षक पुलिस यातायात के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सचेत करना था। कार्यशाला के पहले सत्र में, उप अधीक्षक पुलिस यातायात उम्मेद सिंह ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और हेलमेट व सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लेन अनुशासन, यातायात चिह्नों और संकेतों का पालन करने, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने और नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित नए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में भी बताया। उप अधीक्षक ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए 'राहवीर योजना' और 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के बारे में बताया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को कानूनी बाध्यता से मुक्त रखा गया है और ₹25,000 की इनाम राशि दी जाती है। घायल व्यक्ति का सूचीबद्ध अस्पतालों में शुरुआती सात दिनों तक ₹1.5 लाख की सीमा तक मुफ्त इलाज भी किया जाता है। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क दुर्घटना बीमा योजना' के तहत, 'हिट एंड रन' मामलों में मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 और गंभीर घायल को ₹50,000 की सहायता राशि का प्रावधान है। कार्यशाला के दूसरे सत्र का मुख्य विषय "साइबर जागरूकता" रहा, जिसे उम्मेद सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए वर्तमान में सक्रिय साइबर अपराधों जैसे—डिजिटल अरेस्ट, स्केचलोन ऐप फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, एपीके (APK) फाइल संबंधित धोखाधड़ी, लॉटरी स्कैम, पार्सल स्कैम, केवाईसी (KYC) अपडेट फ्रॉड, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, साइबर स्लेवरी, सिम व बैंक खाता ब्लॉक होने संबंधी फर्जी कॉल्स, और फेक कस्टमर केयर नंबर के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और रुपये जमा होने संबंधी फर्जी मैसेज के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर जागरूकता सत्र में कानि० मुकनाराम (साइबर थाना) ने साइबर फ्रॉड होने पर की जाने वाली त्वरित कानूनी और तकनीकी कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने 'गोल्डन ऑवर' में शिकायत के महत्व को समझाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की कार्यप्रणाली बताई। इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल खोने पर 'राजकाज पोर्टल' के माध्यम से तत्काल पुलिस पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराने, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने और सर्च करने की पूरी प्रक्रिया का भी विस्तृत विवरण दिया। इस उपयोगी कार्यशाला में यातायात थाने से कानि० गणेशाराम, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नागौर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशानुसार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और साइबर जागरूकता पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप अधीक्षक पुलिस यातायात के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सचेत करना था। कार्यशाला के पहले सत्र में, उप अधीक्षक पुलिस यातायात उम्मेद सिंह ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और हेलमेट व सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आह्वान किया।
साथ ही, उन्होंने लेन अनुशासन, यातायात चिह्नों और संकेतों का पालन करने, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने और नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित नए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में भी बताया। उप अधीक्षक ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए 'राहवीर योजना' और 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के बारे में बताया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को कानूनी बाध्यता से मुक्त रखा गया है और ₹25,000 की इनाम राशि दी जाती है। घायल व्यक्ति का सूचीबद्ध अस्पतालों में शुरुआती सात दिनों तक ₹1.5 लाख की सीमा तक मुफ्त इलाज भी किया जाता है। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क दुर्घटना बीमा योजना'
के तहत, 'हिट एंड रन' मामलों में मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 और गंभीर घायल को ₹50,000 की सहायता राशि का प्रावधान है। कार्यशाला के दूसरे सत्र का मुख्य विषय "साइबर जागरूकता" रहा, जिसे उम्मेद सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए वर्तमान में सक्रिय साइबर अपराधों जैसे—डिजिटल अरेस्ट, स्केचलोन ऐप फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, एपीके (APK) फाइल संबंधित धोखाधड़ी, लॉटरी स्कैम, पार्सल स्कैम, केवाईसी (KYC) अपडेट फ्रॉड, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, साइबर स्लेवरी, सिम व बैंक खाता ब्लॉक होने संबंधी फर्जी कॉल्स, और फेक कस्टमर केयर नंबर के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और रुपये जमा
होने संबंधी फर्जी मैसेज के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर जागरूकता सत्र में कानि० मुकनाराम (साइबर थाना) ने साइबर फ्रॉड होने पर की जाने वाली त्वरित कानूनी और तकनीकी कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने 'गोल्डन ऑवर' में शिकायत के महत्व को समझाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की कार्यप्रणाली बताई। इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल खोने पर 'राजकाज पोर्टल' के माध्यम से तत्काल पुलिस पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराने, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने और सर्च करने की पूरी प्रक्रिया का भी विस्तृत विवरण दिया। इस उपयोगी कार्यशाला में यातायात थाने से कानि० गणेशाराम, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित 'साइन कार्यक्रम' के अंतर्गत, सोमवार को नागौर ब्लॉक के उड़ान क्लस्टर गूगेलाव में उपभोक्ता जागरूकता एवं मानकीकरण विषयक एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पादों की पहचान करने, मानक चिन्हों के महत्व को समझने तथा उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। सेमिनार को संबोधित करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो के रिसोर्स पर्सन विजेंद्र प्रकाश हलचल ने उपभोक्ताओं को किसी भी वस्तु की खरीदारी करते समय उसके मानक चिन्ह को अनिवार्य रूप से देखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गैस चूल्हा, स्टोव, हेलमेट तथा विभिन्न विद्युत उपकरणों पर मानक चिन्ह अनिवार्य रूप से लगाया जाता है और उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पादों की खरीद में विशेष सावधानी बरतते हुए बिना मानक चिन्ह वाले उत्पादों से बचना चाहिए। हलचल ने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों के डायपर और गर्भनिरोधक उत्पादों की खरीद के समय आईएसआई मार्क की जांच करने की महत्ता बताई, जिसे उन्होंने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया। रिसोर्स पर्सन ने यह भी जानकारी दी कि देश में 23 हजार से अधिक भारतीय मानक निर्धारित किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 700 मानक संवेदनशील उत्पादों के लिए अनिवार्य श्रेणी में शामिल हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं को भारतीय मानक ब्यूरो के 'बीआईएस केयर एप' के माध्यम से सीएमएल नंबर दर्ज कर किसी भी उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच करने का तरीका भी बताया। स्वर्ण आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है और एचयूआईडी नंबर के माध्यम से आभूषण निर्माता की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विद्युत उपकरणों पर अंकित मानक चिन्हों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उपभोक्ता बीआईएस केयर एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता अधिकारों से संबंधित किसी भी शिकायत को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 और राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800180 6030 पर दर्ज कराया जा सकता है।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- यह अवसर एक दिन में ₹28,500 की आय का दावा करता है, जिसे एक छोटी आय नहीं बताया गया है। संदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों को भी इतनी दैनिक आय नहीं मिलती है। इच्छुक लोगों से आग्रह किया गया है कि वे सोचने के बजाय तुरंत काम शुरू करें और जल्द से जल्द संपर्क करें, क्योंकि इस विशेष ऑफ़र का आज आख़िरी दिन है।1
- बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ में एक कैबिनेट मंत्री ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान जानकारी प्रदान की गई।1
- गुरु तीर्थ श्री कोलायत जी में ज्येष्ठ अधिक मास सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र कपिल सरोवर की मनमोहक झलकियाँ देखने को मिलीं।1
- नागौर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशानुसार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और साइबर जागरूकता पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप अधीक्षक पुलिस यातायात के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सचेत करना था। कार्यशाला के पहले सत्र में, उप अधीक्षक पुलिस यातायात उम्मेद सिंह ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और हेलमेट व सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लेन अनुशासन, यातायात चिह्नों और संकेतों का पालन करने, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, खतरनाक ओवरटेकिंग से बचने और नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने से संबंधित नए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में भी बताया। उप अधीक्षक ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए 'राहवीर योजना' और 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के बारे में बताया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को कानूनी बाध्यता से मुक्त रखा गया है और ₹25,000 की इनाम राशि दी जाती है। घायल व्यक्ति का सूचीबद्ध अस्पतालों में शुरुआती सात दिनों तक ₹1.5 लाख की सीमा तक मुफ्त इलाज भी किया जाता है। 'मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क दुर्घटना बीमा योजना' के तहत, 'हिट एंड रन' मामलों में मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 और गंभीर घायल को ₹50,000 की सहायता राशि का प्रावधान है। कार्यशाला के दूसरे सत्र का मुख्य विषय "साइबर जागरूकता" रहा, जिसे उम्मेद सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए वर्तमान में सक्रिय साइबर अपराधों जैसे—डिजिटल अरेस्ट, स्केचलोन ऐप फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, एपीके (APK) फाइल संबंधित धोखाधड़ी, लॉटरी स्कैम, पार्सल स्कैम, केवाईसी (KYC) अपडेट फ्रॉड, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, साइबर स्लेवरी, सिम व बैंक खाता ब्लॉक होने संबंधी फर्जी कॉल्स, और फेक कस्टमर केयर नंबर के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और रुपये जमा होने संबंधी फर्जी मैसेज के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर जागरूकता सत्र में कानि० मुकनाराम (साइबर थाना) ने साइबर फ्रॉड होने पर की जाने वाली त्वरित कानूनी और तकनीकी कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने 'गोल्डन ऑवर' में शिकायत के महत्व को समझाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की कार्यप्रणाली बताई। इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल खोने पर 'राजकाज पोर्टल' के माध्यम से तत्काल पुलिस पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराने, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने और सर्च करने की पूरी प्रक्रिया का भी विस्तृत विवरण दिया। इस उपयोगी कार्यशाला में यातायात थाने से कानि० गणेशाराम, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- नागौर जिले के मूंडवा थाना क्षेत्र में सोमवार को भडाणा बाईपास पर एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, जायल निवासी प्रभु (42 वर्ष), उनकी पत्नी ललित (40 वर्ष) और पुत्र मुकेश (13 वर्ष) बुटाटी धाम मंदिर से दर्शन कर अपनी विक्की पर जायल लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक को ओवरटेक करते समय उनकी विक्की का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर कुचेरा की 108 एंबुलेंस सेवा तुरंत मौके पर पहुँची, जिसमें पायलट सुरेश छाबा और पीएमटी शीशपाल महिया शामिल थे। एंबुलेंस कर्मियों ने घायलों को प्राथमिक सहायता देकर उन्हें तत्काल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मूंडवा पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल तीनों घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।1