मुंबई में साजिशन हत्या का शिकार हुआ झखरा का मजदूर, गाँव पहुंचा शव तो मचा कोहराम जगदीशपुर थाना क्षेत्र के झखरा पंचायत के वार्ड संख्या दो में उस समय मातम और आक्रोश का माहौल फैल गया, जब 21 वर्षीय विनायक चौधरी का शव मुंबई से उसके पैतृक गाँव लाया गया। बालेश्वर चौधरी के इकलौते पुत्र विनायक की 31 मार्च को मुंबई में एक साजिश के तहत निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही गाँव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनायक चौधरी करीब पांच महीने पहले गाँव के ही ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के साथ रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत कर घर की जिम्मेदारियों को संभालेगा, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को पुलिस के सहयोग से जैसे ही विनायक का शव गाँव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चार बहनों के इकलौते भाई की असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। माँ-बाप के करुण क्रंदन और बहनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। शव को देखने के लिए गाँव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया। घटना ने उस समय और भी भावनात्मक मोड़ ले लिया जब परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के दरवाजे पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि विनायक को काम के नाम पर बाहर ले जाया गया और वहीं उसकी जान चली गई, इसलिए इस मामले में ठेकेदार की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जगदीशपुर थानाध्यक्ष निशी कुमारी और नौतन थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह शव को वहां से हटवाया गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई गई। बताया जा रहा है कि विनायक की शादी आगामी 21 जून को मोतिहारी के लखौरा में तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अब वही घर मातम में डूबा हुआ है। एक हंसते-खेलते युवक की इस तरह साजिशन हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गाँव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों की एक ही मांग है—विनायक को न्याय मिले और इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई
मुंबई में साजिशन हत्या का शिकार हुआ झखरा का मजदूर, गाँव पहुंचा शव तो मचा कोहराम जगदीशपुर थाना क्षेत्र के झखरा पंचायत के वार्ड संख्या दो में उस समय मातम और आक्रोश का माहौल फैल गया, जब 21 वर्षीय विनायक चौधरी का शव मुंबई से उसके पैतृक गाँव लाया गया। बालेश्वर चौधरी के इकलौते पुत्र विनायक की 31 मार्च को मुंबई में एक साजिश के तहत निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही गाँव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनायक चौधरी करीब पांच महीने पहले गाँव के ही ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के साथ रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत कर घर की जिम्मेदारियों को संभालेगा, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को पुलिस के सहयोग से जैसे ही विनायक का शव गाँव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चार बहनों के इकलौते भाई की असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। माँ-बाप के करुण क्रंदन और बहनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। शव को देखने के लिए गाँव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया। घटना ने उस समय और भी भावनात्मक मोड़ ले लिया जब परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के दरवाजे पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि विनायक को काम के नाम पर बाहर ले जाया गया और वहीं उसकी जान चली गई, इसलिए इस मामले में ठेकेदार की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जगदीशपुर थानाध्यक्ष निशी कुमारी और नौतन थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह शव को वहां से हटवाया गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई गई। बताया जा रहा है कि विनायक की शादी आगामी 21 जून को मोतिहारी के लखौरा में तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अब वही घर मातम में डूबा हुआ है। एक हंसते-खेलते युवक की इस तरह साजिशन हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गाँव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों की एक ही मांग है—विनायक को न्याय मिले और इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई
- जगदीशपुर थाना क्षेत्र के झखरा पंचायत के वार्ड संख्या दो में उस समय मातम और आक्रोश का माहौल फैल गया, जब 21 वर्षीय विनायक चौधरी का शव मुंबई से उसके पैतृक गाँव लाया गया। बालेश्वर चौधरी के इकलौते पुत्र विनायक की 31 मार्च को मुंबई में एक साजिश के तहत निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही गाँव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनायक चौधरी करीब पांच महीने पहले गाँव के ही ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के साथ रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत कर घर की जिम्मेदारियों को संभालेगा, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को पुलिस के सहयोग से जैसे ही विनायक का शव गाँव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चार बहनों के इकलौते भाई की असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। माँ-बाप के करुण क्रंदन और बहनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। शव को देखने के लिए गाँव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया। घटना ने उस समय और भी भावनात्मक मोड़ ले लिया जब परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को ठेकेदार नागेंद्र चौधरी के दरवाजे पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि विनायक को काम के नाम पर बाहर ले जाया गया और वहीं उसकी जान चली गई, इसलिए इस मामले में ठेकेदार की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जगदीशपुर थानाध्यक्ष निशी कुमारी और नौतन थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह शव को वहां से हटवाया गया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई गई। बताया जा रहा है कि विनायक की शादी आगामी 21 जून को मोतिहारी के लखौरा में तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अब वही घर मातम में डूबा हुआ है। एक हंसते-खेलते युवक की इस तरह साजिशन हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गाँव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों की एक ही मांग है—विनायक को न्याय मिले और इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई1
- Nitish Kumar guh Nalanda jila ki ghatna hua1
- Post by RAJHANSH VERMA1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- नौतन/ जगदीशपुर थाना क्षेत्र के झाखरा पंचायत, वार्ड नंबर दो के मनियारी गांव निवासी बालेश्वर चौधरी के 22 वर्षीय पुत्र विनायक चौधरी का शव शुक्रवार को गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया । वहीं ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों के भारी भीड़ की सुचना पर पहुंचे नौतन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान, जगदीशपुर थानाध्यक्ष निशी कुमारी ने प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, पुर्व मुखिया जयप्रकाश सिंह, ज़िप सदस्य अरशद राजा, पंसस अशलम अंसारी समेत अन्य समाजसेवियों के मदद व सहयोग से परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराते हुए शव का अंतिम संस्कार करवाया। तथा न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बीते 31 मार्च को मुंबई में विनायक की निर्मम हत्या कर दी गई। जिसकी सूचना परिजनों को 1 अप्रैल को मिली है। उस दिन से परिवार के लोगों में कोहराम मचा हुआ। ग्रामीणों के द्वारा यह भी बताया गया कि 20 मई को विनायक की शादी मोतिहारी के लखौरा गांव में होने वाली थी। एकाएक खुशी का पल गम में बदल गया। विनायक मुंबई में सेंट्रिग का काम करता था। जिससे परिवार का भरण पोषण होता था। चार बहनों के बीच एकलौता भाई की हत्या परिवार के लोगों को झकझोर कर रखा दिया है। परिजनों का रो रोकर बूरा हाल हों गया।विनायक के तीन बहनों की शादी हो चुकी है जबकि एक बहन अभी भी कंवारी है। जिसका शादी कराना बाकी है।विनायक की मां जन्मजात विकलांग है और पिता मंदबुद्धि के है। इस हत्या ने परिवार का सहारा छिन लिया है ।अब एक बहन की शादी और माता-पिता का देखभाल ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं ।।1
- *ब्रेकिंग कुशीनगर अपडेट* सेवरही थाना क्षेत्र के सिराज नगर स्थित ग्रीन लेन इंटरनेशनल स्कूल में अचानक 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। 👉 सभी बच्चों को तत्काल सेवरही सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को स्वस्थ पाकर घर भेज दिया गया। 👉 मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर व पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने स्थिति का जायजा लिया। 👉 जांच में सामने आया कि स्कूल के पास कूड़ा-करकट व भांग के पौधे जलाए जाने से उठे धुएं के कारण बच्चों को हल्की बेचैनी हुई थी। 👉 स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही, फिलहाल सभी बच्चे पूरी तरह स्वास्थ्य हैं सभी को सकुशल घर पहुंचा दिया गया बाइट - महेंद्र सिंह तंवर जिलाधिकारी कुशीनगर1
- मुंबई में मजदूर विनायक चौधरी की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड अंतर्गत झखरा पंचायत के वार्ड नंबर 2 निवासी बालेश्वर चौधरी के पुत्र विनायक चौधरी की मुंबई में निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक विनायक चौधरी रोज़गार के सिलसिले में मुंबई गया हुआ था। परिजनों के अनुसार, उसकी शादी आगामी 21 जून को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित लखौरा में तय हुई थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई। विनायक अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी चार बहनें हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है, जबकि एक बहन अभी अविवाहित है। परिवार वालों ने इस हत्या में ठेकेदार नागेंद्र चौधरी की मिलीभगत का आरोप लगाया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इधर, जैसे ही विनायक का शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां जन्मजात विकलांग हैं, जबकि पिता बालेश्वर चौधरी भी सामान्य रूप से सक्षम नहीं बताए जा रहे हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- bhai jhagada karte hue mere peene ke bad jhagada karte hue Daru pikar jhagada karte hue1