आबूरोड स्थित भगवती रिसोर्ट में खेल एवं युवा मामले, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें माला, दुपट्टा और कमल पुष्प भेंट कर अभिनंदन किया गया, जिसके बाद स्थानीय जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सांवरिया ने मंत्री को आबूरोड क्षेत्र में बिजली की गंभीर समस्या से अवगत कराया, बताया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार हो रही कटौती से आमजन परेशान हैं। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपेश अग्रवाल ने आबूरोड में खेल मैदानों की कमी का मुद्दा उठाया, यह भी बताया कि केंद्रीय खेल मंत्री द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक धीमी गति के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरविंद अग्रवाल ने क्षेत्र में पशु चिकित्सालय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए अन्य स्थानों पर ले जाना पड़ता है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय गोठवाल ने प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई की सराहना करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से जिले का दौरा कर अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखते हैं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। इस मौके पर प्रभारी मंत्री विश्नोई ने मुख्यमंत्री के हालिया सिरोही दौरे को ऐतिहासिक बताया और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पोलो ग्राउंड की विशाल सभा, नक्की झील पर योग कार्यक्रम तथा मां अंबाजी के दर्शन जैसे आयोजनों में जनता की अभूतपूर्व भागीदारी देखी गई। मंत्री ने राज्य सरकार की विशेषता बताते हुए कहा कि सरकार जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी अपने कार्यकाल में ही सुनिश्चित करती है। इस कार्यक्रम में पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय गोठवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सांवरिया, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरविंद अग्रवाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपेश अग्रवाल, अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष राजीव मारू, ओबीसी मोर्चा जिला मंत्री दुर्गेश राव, युवा मोर्चा महामंत्री धर्मेंद्र शाक्य और भगवती रिसोर्ट के कमलेश अग्रवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आबूरोड स्थित भगवती रिसोर्ट में खेल एवं युवा मामले, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें माला, दुपट्टा और कमल पुष्प भेंट कर अभिनंदन किया गया, जिसके बाद स्थानीय जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सांवरिया ने मंत्री को आबूरोड क्षेत्र में बिजली की गंभीर समस्या से अवगत कराया, बताया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार हो रही कटौती से आमजन परेशान हैं। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपेश अग्रवाल ने आबूरोड में खेल मैदानों की कमी का मुद्दा उठाया, यह भी बताया कि
केंद्रीय खेल मंत्री द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक धीमी गति के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरविंद अग्रवाल ने क्षेत्र में पशु चिकित्सालय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए अन्य स्थानों पर ले जाना पड़ता है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय गोठवाल ने प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई की सराहना करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से जिले का दौरा कर अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखते हैं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। इस मौके पर प्रभारी मंत्री विश्नोई ने मुख्यमंत्री
के हालिया सिरोही दौरे को ऐतिहासिक बताया और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पोलो ग्राउंड की विशाल सभा, नक्की झील पर योग कार्यक्रम तथा मां अंबाजी के दर्शन जैसे आयोजनों में जनता की अभूतपूर्व भागीदारी देखी गई। मंत्री ने राज्य सरकार की विशेषता बताते हुए कहा कि सरकार जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी अपने कार्यकाल में ही सुनिश्चित करती है। इस कार्यक्रम में पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय गोठवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सांवरिया, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरविंद अग्रवाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपेश अग्रवाल, अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष राजीव मारू, ओबीसी मोर्चा जिला मंत्री दुर्गेश राव, युवा मोर्चा महामंत्री धर्मेंद्र शाक्य और भगवती रिसोर्ट के कमलेश अग्रवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को जालौर से जोधपुर जाते समय तखतगढ़ में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचने के बावजूद, भीषण गर्मी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और उनके आगमन पर जोरदार अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीनों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की वर्षा की और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाई। इस दौरान नगर अध्यक्ष फुटरमल सुथार और ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गहलोत ने तीन बार की पार्षद पुरीबाई का माला पहनाकर सम्मान भी किया। अपने संबोधन में गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यकाल की अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जिससे लाखों परिवारों को महंगे इलाज का लाभ मिला), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, महंगाई राहत कैंप और महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण जैसी ऐतिहासिक पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य आमजन को राहत प्रदान करना था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया, और कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तखतगढ़ के अलावा, गहलोत का बलाना, दुजाना, सांडेराव और गुंदोज में भी जोरदार स्वागत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, PCC महासचिव भूराराम सीरवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगरवासियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।4
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जालौर जिले में भव्य स्वागत किया गया। राजीव गांधी भवन में केसरी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया, जहाँ उन्हें सफा और माला पहनाई गई। इस कार्यक्रम में जिले भर से कई कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमिला मेघवाल, सुखराम बिश्नोई और अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर खान जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अशोक गहलोत का यह भव्य स्वागत किया गया।1
- उदयपुर संभाग के समस्त वैष्णव वैरागी समाज (आठ बैठक) की आम सभा जोगणिया माता मंदिर परिसर, गोवला पावर हाउस, उदयपुर में आयोजित हुई, जिसमें 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठन के आंतरिक विवादों के समाधान पर गहन चिंतन किया गया। बैठक में वैष्णव वैरागी आठ बैठक विकास समिति, उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद पर चर्चा हुई। परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अशोक वैष्णव ने पूरे घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद आम सभा ने कथित रूप से अध्यक्ष बनाए गए रमेश वैष्णव के विरोध में प्रस्ताव पारित किया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि नियमों के विरुद्ध अध्यक्ष बनने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को समाज स्वीकार नहीं करेगा। दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। विवाद के निष्पक्ष समाधान के लिए सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय मध्यस्थता समिति बनाने का निर्णय लिया गया। सभा में भविष्य के सामूहिक विवाह सम्मेलनों को विकास समिति के अध्यक्ष जमनादास वैष्णव के नेतृत्व में संचालित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया और उदयपुर के आसपास समाज के सामुदायिक भवन निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सामाजिक खर्चों और आधुनिक कुरीतियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से विवाह समारोहों में प्री-वेडिंग फोटो और वीडियो शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, पेरावणी (लेन-देन) पर रोक तथा उपहार देने-लेने की प्रथा समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव, पूर्व पार्षद रामदास वैष्णव, समाज के मौतबीर मोहन दास, बद्री दास रेबारियों का गुडा, अशोक वैष्णव मावली, बाबूदास, भरत दास, शंकर दास, माधव दास, धर्म दास, जमना दास सरपंच, दुर्गा दास, सहित मंडलो के महंत गण और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन युवाओं की टीम द्वारा किया गया, जिसमें युवाओं की भागीदारी अधिक रही। यह दर्शाता है कि समाज में विकास और सुधार के लिए युवा चिंतित हैं और अब समय के साथ आगे आना चाहते हैं। कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग महेंद्र वैष्णव, बालाजी स्टूडियो डांगियों की पंचोली द्वारा की गई, और संचालन हरीश वैष्णव ने किया।3
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।3
- जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।2
- उदयपुर संभाग के समस्त वैष्णव वैरागी समाज (आठ बैठक) की एक महत्वपूर्ण आम सभा जोगणिया माता मंदिर परिसर, गोवला पावर हाउस, उदयपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में उदयपुर संभाग से 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठन के आंतरिक विवादों को सुलझाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन और निर्णय लिए गए। बैठक का एक प्रमुख विषय वैष्णव वैरागी आठ बैठक विकास समिति, उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों के बीच चल रहा विवाद था। परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अशोक वैष्णव ने पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके बाद आम सभा ने कथित रूप से अध्यक्ष बनाए गए रमेश वैष्णव के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि नियमों के विरुद्ध अध्यक्ष बनने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को समाज स्वीकार नहीं करेगा। विवाद के दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई, वक्ताओं ने कहा कि दोनों पक्षों की मौजूदगी से निर्णय और अधिक ठोस हो सकते थे। इस विवाद के निष्पक्ष समाधान के लिए सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय मध्यस्थता समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। सामाजिक सुधारों के अंतर्गत, भविष्य के सामूहिक विवाह सम्मेलनों का संचालन विकास समिति के अध्यक्ष जमनादास वैष्णव के नेतृत्व में करने का निर्णय हुआ। इसके साथ ही, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया और उदयपुर के आसपास समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सामाजिक खर्च और आधुनिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें विवाह समारोहों में प्री-वेडिंग फोटो और वीडियो शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, 'पेरावणी' (लेन-देन) पर रोक, तथा उपहार देने-लेने की प्रथा को समाप्त करना शामिल है। इस बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव, पूर्व पार्षद रामदास वैष्णव, समाज के मौतबीर मोहन दास, बद्री दास रेबारियों का गुडा, अशोक वैष्णव मावली, बाबूदास, भरत दास, शंकर दास, माधव दास, धर्म दास, जमना दास सरपंच, दुर्गा दास सहित विभिन्न मंडलों के महंत गण और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हरीश वैष्णव ने किया और इसकी रिकॉर्डिंग बालाजी स्टूडियो डांगियों की पंचोली द्वारा की गई। यह पूरी पहल युवाओं की टीम द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें युवाओं की भागीदारी अधिक रही, जो दर्शाता है कि समाज के विकास और सुधार के लिए युवा चिंतित हैं और समय के साथ आगे आने को इच्छुक हैं।3
- पिंडवाड़ा के रोहिड़ा थाना क्षेत्र में भीमाना के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक बेकाबू कार डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में जा घुसी और सामने से आ रही लूना को टक्कर मार दी। इस मामले में पुलिस जांच में जुट गई है।1