लोकेशन कटनी जिला कटनी कटनी से जिला ब्यूरो चीफ अभिमन्यु विश्वकर्मा की रिपोर्ट “मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?” जर्जर स्कूल दीवार ने ली 5वीं के छात्र की जान, अब जवाब दे प्रशासन — राकेश जैन कक्का कटनी/कैमोर। कैमोर क्षेत्र के बम्हनगवां स्थित शासकीय विद्यालय में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। जर्जर बाउंड्री वाल गिरने से कक्षा 5वीं के छात्र राजकुमार बर्मन की मौत ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझाया, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों को भी बेनकाब कर दिया है। सवाल सीधा है—क्या सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं? घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की दीवार लंबे समय से कमजोर और जर्जर थी। कई बार शिकायतें और अनुरोध किए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आखिर कब तक लापरवाही के नाम पर मासूमों की जान जाती रहेगी? वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन कक्का ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का परिणाम है। यदि समय रहते मरम्मत कार्य किया गया होता तो आज एक मासूम छात्र जीवित होता। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूल भवनों की हालत खस्ताहाल है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बच्चे पढ़ने जाएं और असुरक्षित भवनों की वजह से अपनी जान गंवा दें। राकेश जैन कक्का ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिले के सभी शासकीय स्कूलों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। जहां भी भवन, छत, दीवार या बाउंड्री वाल जर्जर स्थिति में हैं, वहां तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। सरकार को शिक्षा बजट में विशेष प्रावधान कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हर वर्ष अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। बम्हनगवां की यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि चेतावनी है। यदि अब भी व्यवस्था नहीं चेती तो ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। राजकुमार बर्मन की असमय मौत पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय है। प्रशासन को अब संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों दिखानी होगी, तभी इस मासूम को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकेगी। सादर प्रकाशनार्थ हेतु आपका राकेश जैन कक्का
लोकेशन कटनी जिला कटनी कटनी से जिला ब्यूरो चीफ अभिमन्यु विश्वकर्मा की रिपोर्ट “मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?” जर्जर स्कूल दीवार ने ली 5वीं के छात्र की जान, अब जवाब दे प्रशासन — राकेश जैन कक्का कटनी/कैमोर। कैमोर क्षेत्र के बम्हनगवां स्थित शासकीय विद्यालय में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। जर्जर बाउंड्री वाल गिरने से कक्षा 5वीं के छात्र राजकुमार बर्मन की मौत ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझाया, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों को भी बेनकाब कर दिया है। सवाल सीधा है—क्या सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं? घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की दीवार लंबे समय से कमजोर और जर्जर थी। कई बार शिकायतें और अनुरोध किए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आखिर कब तक लापरवाही के नाम पर मासूमों की जान जाती रहेगी? वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन कक्का ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का परिणाम है। यदि समय रहते मरम्मत कार्य किया गया होता तो आज एक मासूम छात्र जीवित होता। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के नाम
पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूल भवनों की हालत खस्ताहाल है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बच्चे पढ़ने जाएं और असुरक्षित भवनों की वजह से अपनी जान गंवा दें। राकेश जैन कक्का ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिले के सभी शासकीय स्कूलों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। जहां भी भवन, छत, दीवार या बाउंड्री वाल जर्जर स्थिति में हैं, वहां तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। सरकार को शिक्षा बजट में विशेष प्रावधान कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हर वर्ष अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। बम्हनगवां की यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि चेतावनी है। यदि अब भी व्यवस्था नहीं चेती तो ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। राजकुमार बर्मन की असमय मौत पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय है। प्रशासन को अब संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों दिखानी होगी, तभी इस मासूम को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकेगी। सादर प्रकाशनार्थ हेतु आपका राकेश जैन कक्का
- मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद में रिश्वत का आरोप: महिला ने कई बार कलेक्टर के सामने लगाई गुहार नहीं मिला न्याय1
- कटनी जिले में पान मसाला पाउच और सिगरेट के दाम में अचानक आज विगत 15 दिनों से आज सी लगी पड़ी है आपको कट्टी में जमा को खोरो चलते छोटी सी पान दुकान चलाने वाला छोटा व्यापारी बड़े जमाखोरों के हाथों की कठपुतलिय बंद कर रह गया है बड़ी व्यापारियों ने बड़े स्तर पर पान मसाला पाउच और सिगरेट कुछ जमा कर दबा लिया है और ऊंचे दाम पर छोटे दुकानदारों को झड़ने से भेजा जा रहा है पान मसाला पाउच एक ऐसा उत्पाद है जिसे हर कोई बड़ी शौक से खाता है पर अब खाने वालों की बड़े व्यापारी बकरियां देखने में लगे हुए ₹10 बिकने वाला राजश्री पान मसाला पाउच 15 कैसे 15 क विमल 10 वाला 15 20 वाला 25 40 वाला 50 और 60 में पूछे दम पर छोटे व्यापारी बेचने को मजबूर वहीं जिला प्रशासन भी बड़े व्यापारियों की हाथों की कठपुतली बनकर बाजार का मुख्य दर्शन तरीके से मुख सहमति के अनुसार चुपचाप बैठा हुआ है1
- सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के गांव-गांव में मांझी आरक्षण पर चौपाल लगाई जाए, ताकि छोटी-बड़ी चर्चा से समाधान निकले। सभी संगठनों को एक मंच पर आकर अपने-अपने जिलों में समाज तक आरक्षण की हुंकार पहुँचानी होगी। समाज की ताकत हमारी एकजुटता में है। जब हम संगठित होंगे, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित और मजबूत होंगे। आइए, एक स्वर में समाजहित के लिए आगे बढ़ें। ✍️ श्याम निषाद राजा निषाद राज उत्थान समिति कटनी मध्यप्रदेश #kewat #Manjhi#nishad #kewatsamaj # आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर निमिहा मोहल्ला कटनी मध्यप्रदेश निषाद जयंती समारोह के लिए जगह जगह बैठकों का आयोजन किया गया जिसमें की श्री वेंकट निषाद श्री संतोष निषाद(सरपंच मझगवां)श्री जयनारायण निषाद(पार्षद)श्री श्याम निषाद श्री राकेश निषाद(पब्लिक न्यूज)एवम सभी निषाद बन्धु बैठक पर उपस्थित रहे राजा निषाद राज उत्थान समिति कटनी मध्यप्रदेश1
- Post by बलराम सिंह राजपूत2
- कटनी में स्कूल में शौचालय की दीवार गिरी, 5वीं कक्षा के छात्र की मौतः परिजन बोले- एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची1
- एमपीईबी कॉलोनी से 9वीं का छात्र रहस्यमय ढंग से लापता, हफ्तेभर बाद भी सुराग नहीं* पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी मंगठार से कक्षा 9वीं का एक नाबालिग आदिवासी छात्र बीते एक सप्ताह से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है।घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है,वहीं कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिंहपमर थाना नौरोजाबाद निवासी गंगाराम बैगा उम्र 26 वर्ष हाल निवास क्वार्टर नंबर डी-190 एमपीईबी कॉलोनी मंगठार,संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। उनके साथ उनके चाचा का बेटा नीरज बैगा पिता छोटेलाल बैगा रहकर पढ़ाई कर रहा था। नीरज विद्याभारती सरस्वती हाई स्कूल, एमपीईबी कॉलोनी में कक्षा 9वीं का छात्र है।बताया गया है कि 10 फरवरी की सुबह लगभग 9:30 बजे नीरज रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकला, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा।परिजनों ने रिश्तेदारी और परिचितों में काफी तलाश की, किंतु उसका कोई सुराग नहीं लग सका। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए पाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नीरज बैगा के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल थाना पाली या नजदीकी पुलिस को सूचित करें।2
- मैहर: आदिवासियों की साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन हड़पने का पर्दाफाश; EOW ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला रीवा/मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में आदिवासियों की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए बेचने और करोड़ों रुपये के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने इस संबंध में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? EOW रीवा के एसपी डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला मैहर जिले के ग्राम बदनपुर का है। यहाँ अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के समीप स्थित आदिवासियों की लगभग 3.5 हेक्टेयर (साढ़े तीन हेक्टेयर) जमीन को फर्जी तरीके से हड़प लिया गया।1
- नहीं दे रहा है नगर निगम प्रशासन ध्यान आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर तक सड़क व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को करना पड़ता हैं समस्याओ का सामना नवरात्र पर्व भी नजदीक आ रहे है लेकिन सड़क मार्ग की हालत गंभीर रूप से है कृपया सड़क मार्ग सही करवाने में नगर निगम प्रशासन ध्यान दे1