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चंदौली जिले के धानापुर में खंड विकास अधिकारी के विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख अजय सिंह ने भाग लिया।
Ajay Singh
चंदौली जिले के धानापुर में खंड विकास अधिकारी के विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख अजय सिंह ने भाग लिया।
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- चंदौली जिले के धानापुर में खंड विकास अधिकारी के विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख अजय सिंह ने भाग लिया।1
- धीना के बरहनी विकासखंड स्थित गोपालपुर में प्राथमिक विद्यालय को जाने वाली खड़ंजा सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है, और कई बार बच्चे इन्हीं गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हुए हैं। गांव निवासी राधेश्याम उपाध्याय ने बताया कि इस सड़क का निर्माण लगभग 25 वर्ष पहले खड़ंजा लगाकर किया गया था। लंबे समय से इसकी मरम्मत न होने के कारण यह सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है और अब आवागमन के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त हो चुकी है। इसी स्थिति के मद्देनजर, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से तुरंत मांग की है कि विद्यालय मार्ग की शीघ्र मरम्मत और निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।2
- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक नया और गहरा विवाद सामने आया है, जहाँ भारतीय सैनिकों की शहादत से जुड़े आधिकारिक बयानों में गंभीर विरोधाभास देखा जा रहा है। ये conflicting statements घटनाक्रम को और भी जटिल बना रहे हैं। इस मामले में पहला बयान मई 2025 में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई द्वारा दिया गया था, जिसमें उन्होंने पुष्टि की थी कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। हालाँकि, इसके विपरीत, जुलाई 2025 में संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। इन दोनों बयानों के बाद, जून 2026 में सरकार ने 6 शहीद सैन्य कर्मियों के नाम सार्वजनिक किए, जिससे विरोधाभास और बढ़ गया। इन अलग-अलग बयानों में दिख रहा यह अंतर कई बड़े सवाल खड़े करता है: आखिर इन बयानों में इतना अंतर क्यों है? क्या ये ऑपरेशन के अलग-अलग चरणों की बात कर रहे थे, या इसके पीछे कोई और वजह है? 'आवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले की टाइमलाइन, तथ्यों और उठ रहे सवालों पर गहराई से प्रकाश डालने की कोशिश की है। इस गंभीर विषय पर, राष्ट्र उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है जिनके बलिदान पर यह विवाद खड़ा हुआ है।1
- वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 267/2026 के मामले में, दुईजा देवी नामक दादी ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई है। उनका नाबालिग पौत्र, जिसका नाम काजू बताया गया है, पिछले 20 दिनों से जेल में बंद है। दादी का कहना है कि उनके पौत्र को बिना पर्याप्त साक्ष्य के जेल में रखा गया है। दुईजा देवी ने पुलिस आयुक्त से इस पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है।1
- योगी शम्भू नाथ ने कहा है कि शत् चंडी महायज्ञ समाज की सामूहिक चिकित्सा है। यह बयान महायज्ञ के महत्व को रेखांकित करता है।1
- कर्मनाशा सिस्टम की राइट कैनाल के ब्रांच बेन रजवाहा का काम अभी भी अधूरा पड़ा है। इस रजवाहा पर कार्य पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल में शुरू हुआ था, लेकिन यह इस वर्ष जून का महीना बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। कार्य में इस भारी देरी के कारण धान की रोपाई का समय निकल गया है, जिसका असर किसान नेता राम अवध सिंह पर भी पड़ रहा है।1
- बनारस के सर सुंदर लाल हॉस्पिटल में मरीजों से पैसे लेने और उनके परिवार से मारपीट के मामले सामने आए हैं। यह आरोप लगाया गया है कि BHU अस्पताल में मरीज से मारपीट और वसूली की ऐसी घटनाएँ आए दिन होती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद इस पर कोई सुनवाई नहीं होती।1