logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चतरा जिले की सड़कों पर कोयला ले जाने वाले भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और खतरनाक ओवरटेकिंग से लोगों में भारी दहशत फैल गई है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक कोयला हाईवा तेज गति से दौड़ते हुए अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बचता दिख रहा है। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसे चतरा का बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चालक रील बनाने के चक्कर में सड़कों को रेसिंग ट्रैक समझ बैठे हैं। शाम होते ही इन भारी वाहनों का सड़कों पर दबदबा बढ़ जाता है, जिससे आम लोग डर के साये में यात्रा करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि हजारों मौतों के बावजूद सड़कों पर गति नियंत्रण और निगरानी के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि सड़कों पर स्पीड कैमरे लगाए जाएं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

6 hrs ago
user_Headline jharkhand
Headline jharkhand
Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
6 hrs ago

चतरा जिले की सड़कों पर कोयला ले जाने वाले भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और खतरनाक ओवरटेकिंग से लोगों में भारी दहशत फैल गई है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक कोयला हाईवा तेज गति से दौड़ते हुए अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बचता दिख रहा है। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसे चतरा का बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चालक रील बनाने के चक्कर में सड़कों को रेसिंग ट्रैक समझ बैठे हैं। शाम होते ही इन भारी वाहनों का सड़कों पर दबदबा बढ़ जाता है, जिससे आम लोग डर के साये में यात्रा करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि हजारों मौतों के बावजूद सड़कों पर गति नियंत्रण और निगरानी के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि सड़कों पर स्पीड कैमरे लगाए जाएं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

More news from बिहार and nearby areas
  • गया जिले के सरवां में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के दौरान, कार्यकर्ताओं ने कई अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
    1
    गया जिले के सरवां में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के दौरान, कार्यकर्ताओं ने कई अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
    user_Ganesh Prasad  Ganesh Prasad
    Ganesh Prasad Ganesh Prasad
    पत्रकारिता बाराचट्टी, गया, बिहार•
    5 hrs ago
  • गया बायपास रोड पिछले दो महीनों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो न केवल आवागमन को मुश्किल बनाते हैं बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा भी पैदा कर रहे हैं। इन जानलेवा गड्ढों के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे यात्रियों और राहगीरों में डर का माहौल है। क्षेत्रीय जनता ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त बायपास रोड की तुरंत मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
    1
    गया बायपास रोड पिछले दो महीनों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो न केवल आवागमन को मुश्किल बनाते हैं बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा भी पैदा कर रहे हैं।

इन जानलेवा गड्ढों के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे यात्रियों और राहगीरों में डर का माहौल है। क्षेत्रीय जनता ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त बायपास रोड की तुरंत मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
    user_Adarsh Raj
    Adarsh Raj
    बोधगया, गया, बिहार•
    6 hrs ago
  • यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी प्रकार की वसूली रोकने के स्पष्ट आदेश मौजूद हैं, तब भी यह संग्रह किसके संरक्षण में और किसके दम पर जारी है। यह स्थिति उन आदेशों की अवहेलना को दर्शाती है और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
    1
    यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी प्रकार की वसूली रोकने के स्पष्ट आदेश मौजूद हैं, तब भी यह संग्रह किसके संरक्षण में और किसके दम पर जारी है। यह स्थिति उन आदेशों की अवहेलना को दर्शाती है और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    बोधगया, गया, बिहार•
    22 hrs ago
  • गया शहर के विभिन्न वार्डों में मानसून के आगमन से पूर्व गया नगर निगम गयाजी द्वारा युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य के लिए जेसीबी, पोपलेन, मिनी लोडर जैसे विभिन्न संसाधनों के साथ-साथ मानव बल का भी उपयोग किया जा रहा है। नगर निगम का मुख्य उद्देश्य है कि मानसून के समय जलजमाव की समस्या उत्पन्न न हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, गया नगर निगम गयाजी क्षेत्र के सभी वार्डों में मानसून से पहले यह सघन सफाई कार्य लगातार जारी है।
    1
    गया शहर के विभिन्न वार्डों में मानसून के आगमन से पूर्व गया नगर निगम गयाजी द्वारा युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य के लिए जेसीबी, पोपलेन, मिनी लोडर जैसे विभिन्न संसाधनों के साथ-साथ मानव बल का भी उपयोग किया जा रहा है। नगर निगम का मुख्य उद्देश्य है कि मानसून के समय जलजमाव की समस्या उत्पन्न न हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, गया नगर निगम गयाजी क्षेत्र के सभी वार्डों में मानसून से पहले यह सघन सफाई कार्य लगातार जारी है।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    21 min ago
  • गया जिले के बाराचट्टी में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को दो विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया और बाद में जेल भेज दिया गया है।
    1
    गया जिले के बाराचट्टी में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को दो विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया और बाद में जेल भेज दिया गया है।
    user_Ganesh Prasad  Ganesh Prasad
    Ganesh Prasad Ganesh Prasad
    पत्रकारिता बाराचट्टी, गया, बिहार•
    8 hrs ago
  • बीबीसी दिनभर अब सिर्फ सुना ही नहीं जा सकता, बल्कि दर्शक इसे देख भी पाएंगे। आज के न्यूज़कास्ट में दो प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पहला मुद्दा 'कॉकरोच जनता पार्टी' से संबंधित है, जिसने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की है और न्यूज़कास्ट में पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी। वहीं, दूसरा मुद्दा इंडिया गठबंधन का है, जिसने काफी समय बाद दिल्ली में एक बैठक की है, हालांकि इस गठबंधन की एकजुटता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और आज भी ये सवाल बरकरार हैं। इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
    1
    बीबीसी दिनभर अब सिर्फ सुना ही नहीं जा सकता, बल्कि दर्शक इसे देख भी पाएंगे। आज के न्यूज़कास्ट में दो प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पहला मुद्दा 'कॉकरोच जनता पार्टी' से संबंधित है, जिसने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की है और न्यूज़कास्ट में पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी। वहीं, दूसरा मुद्दा इंडिया गठबंधन का है, जिसने काफी समय बाद दिल्ली में एक बैठक की है, हालांकि इस गठबंधन की एकजुटता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और आज भी ये सवाल बरकरार हैं। इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    1 hr ago
  • लातेहार सदर प्रखंड की ईचाक पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से हो रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत समिति सदस्य पर सरकारी धन का निजी हित में उपयोग करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य ग्रामीणों ने दावा किया है कि उनसे धोखे से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए, जिनका संबंध इस शिकायत से था। उपायुक्त लातेहार को सौंपे गए पहले आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नाली का निर्माण पंचायत समिति सदस्य के घर के पास किया जा रहा है, जिससे मुख्य रूप से एक निजी परिसर को लाभ मिल रहा है, जबकि इसका उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के बजाय निजी हित साधने के लिए हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित योजना की प्रशासनिक स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्यस्थल, निर्माण गुणवत्ता और आवश्यकता की जांच की मांग की है, साथ ही अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील भी की है। शिकायतकर्ताओं में हकीम अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद अंसारी, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद अब्दुल मोबिन, नौशाद आलम, अब्बास अंसारी, तजमुल अंसारी और ताईबुल अंसारी सहित कई ग्रामीण शामिल हैं, और इस आवेदन की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी भेजी गई है। इस बीच, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब कुछ ग्रामीणों ने उपायुक्त को एक और आवेदन सौंपकर बताया कि लातेहार कचहरी में उन्हें गांव के ही खुर्शीद अंसारी पिता इसरायल अंसारी ने जमीन संबंधी दस्तावेज बताकर धोखे से हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए थे। इन ग्रामीणों ने कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण दस्तावेज की वास्तविक प्रकृति को समझ नहीं पाए। उन्हें बाद में पता चला कि जिन कागजातों पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, वे 15वें वित्त आयोग की योजना से संबंधित शिकायत पत्र थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पंचायत समिति सदस्य रवि कौशल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने स्वयं कोई शिकायत की है। इन ग्रामीणों ने उपायुक्त से उनके नाम से किए गए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान को निरस्त करने और इस बात की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है कि किन परिस्थितियों में उनके हस्ताक्षरों का उपयोग शिकायत पत्र में किया गया। नाली निर्माण में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग और शिकायत पत्रों पर धोखे से हस्ताक्षर कराने के इन परस्पर विरोधी दावों के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जिला प्रशासन को दोनों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नाली निर्माण को लेकर लगाए गए आरोप सही हैं या शिकायत पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
    2
    लातेहार सदर प्रखंड की ईचाक पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से हो रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत समिति सदस्य पर सरकारी धन का निजी हित में उपयोग करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य ग्रामीणों ने दावा किया है कि उनसे धोखे से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए, जिनका संबंध इस शिकायत से था।

उपायुक्त लातेहार को सौंपे गए पहले आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नाली का निर्माण पंचायत समिति सदस्य के घर के पास किया जा रहा है, जिससे मुख्य रूप से एक निजी परिसर को लाभ मिल रहा है, जबकि इसका उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के बजाय निजी हित साधने के लिए हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित योजना की प्रशासनिक स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्यस्थल, निर्माण गुणवत्ता और आवश्यकता की जांच की मांग की है, साथ ही अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील भी की है। शिकायतकर्ताओं में हकीम अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद अंसारी, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद अब्दुल मोबिन, नौशाद आलम, अब्बास अंसारी, तजमुल अंसारी और ताईबुल अंसारी सहित कई ग्रामीण शामिल हैं, और इस आवेदन की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी भेजी गई है।

इस बीच, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब कुछ ग्रामीणों ने उपायुक्त को एक और आवेदन सौंपकर बताया कि लातेहार कचहरी में उन्हें गांव के ही खुर्शीद अंसारी पिता इसरायल अंसारी ने जमीन संबंधी दस्तावेज बताकर धोखे से हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए थे। इन ग्रामीणों ने कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण दस्तावेज की वास्तविक प्रकृति को समझ नहीं पाए। उन्हें बाद में पता चला कि जिन कागजातों पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, वे 15वें वित्त आयोग की योजना से संबंधित शिकायत पत्र थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पंचायत समिति सदस्य रवि कौशल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने स्वयं कोई शिकायत की है। इन ग्रामीणों ने उपायुक्त से उनके नाम से किए गए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान को निरस्त करने और इस बात की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है कि किन परिस्थितियों में उनके हस्ताक्षरों का उपयोग शिकायत पत्र में किया गया।

नाली निर्माण में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग और शिकायत पत्रों पर धोखे से हस्ताक्षर कराने के इन परस्पर विरोधी दावों के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जिला प्रशासन को दोनों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नाली निर्माण को लेकर लगाए गए आरोप सही हैं या शिकायत पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    4 hrs ago
  • औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड की पोगर पंचायत के रजौरा गांव में सोमवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई, जिसमें कुल सात लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से चोटिल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इस घटना में पहले पक्ष से सुरेंद्र यादव और रविंद्र यादव घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से अजय यादव, उनकी पत्नी ललिता देवी, संतोष कुमार, उनके पिता संजय यादव और कन्हाई यादव के घायल होने की जानकारी मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान लाठी-डंडे और अन्य हथियारों का भी प्रयोग किया गया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रफीगंज थाना अध्यक्ष ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है तथा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    1
    औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड की पोगर पंचायत के रजौरा गांव में सोमवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई, जिसमें कुल सात लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से चोटिल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।

इस घटना में पहले पक्ष से सुरेंद्र यादव और रविंद्र यादव घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से अजय यादव, उनकी पत्नी ललिता देवी, संतोष कुमार, उनके पिता संजय यादव और कन्हाई यादव के घायल होने की जानकारी मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान लाठी-डंडे और अन्य हथियारों का भी प्रयोग किया गया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रफीगंज थाना अध्यक्ष ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है तथा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.