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- उत्तर प्रदेश मुख्यालय से जोनल संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट के अनुसार, योगी और मोदी ने जनता के बीच एक सम्मेलन या संबोधन किया। इस दौरान जनता को दुनिया भर में आसमान छू रहे पेट्रोलियम के दामों के मद्देनज़र सतर्क और सावधान रहने का संदेश दिया गया। इस रिपोर्ट में 'शुरू' ऐप का भी उल्लेख है, जिसमें बताया गया है कि 1 लाख लोग पहले ही इस ऐप से जुड़ चुके हैं। यह ऐप शहर, गांव और मोहल्ले की ऐसी वीडियोज़ सिर्फ ₹1 में उपलब्ध कराएगा, जो अन्य कहीं नहीं मिलेंगी।1
- एक तीखे काव्य कटाक्ष में, आरोप लगाया गया है कि कुछ 'नाटकबाज' जुमलेबाजी से देश को भरमा रहे हैं, बीफ कंपनियों से जमकर 'जनता खाया' है, और गौ सेवा के नाम पर केवल 'स्वांग रचाया' है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप है कि उसने ₹30 करोड़ का राजनीतिक चंदा लेकर 'खून से हाथ भी रंग लिए' हैं और देश को 'टोपी भी पहनाई' है। यह 'कड़वी सच्चाई' भारत की प्रमुख भैंस के मांस (बफेलो मीट) और प्रोसेस्ड फूड निर्यातक कंपनी अलाना ग्रुप द्वारा भाजपा को दिए गए चंदे की राशि 2024-25 में ₹30 करोड़ तक बढ़ने से उजागर हुई है। चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों द्वारा जमा की गई ऑडिट रिपोर्टें इनके योगदान की 'पोल खोलती हैं'। ऑडिट रिपोर्टों के अनुसार, अलाना ग्रुप ने यह राशि अपनी विभिन्न उद्यमों, जैसे एलनसंस प्राइवेट लिमिटेड, के माध्यम से दान की है। यह चंदा पिछले वर्षों की तुलना में सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि 2023-24 में यही राशि मात्र ₹2 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹30 करोड़ तक पहुँच गई। यह दान ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी ने ₹10,320 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है, जो उसके सबसे मुनाफे वाले व्यावसायिक दौर में से एक है। भारतीय कानूनन गाय और बछड़े का वध प्रतिबंधित होने के कारण, अलाना ग्रुप मुख्य रूप से 'हलाल बोनलेस बफेलो मीट' का दुनिया भर में सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। अलाना ग्रुप के अधिकारियों ने इस दान पर कहा कि यह योगदान सरकार की व्यापार-अनुकूल नीतियों, कर सुधारों और 'विकसित भारत' के निर्माण में उनके विश्वास का समर्थन करने के लिए था। पॉलिटिकल फंडिंग के इस खुलासे से पाठक राजनीतिक मंचों पर होने वाली बीफ और मीट की राजनीति तथा पार्टियों की विचारधारा के 'जीरो ग्राउंड का सत्य' समझ सकते हैं।1
- लखनऊ के कानपुर रोड स्थित अवध विहार कॉलोनी में बने महत्वपूर्ण छठ मैया पूजा स्थल, बधवा तालाब, पर उन्नाव जिले के भू-माफिया द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में रोष है। क्षेत्रीय प्रशासन पर आरोप है कि इस अवैध कब्जे को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं। भू-माफिया के खिलाफ संबंधित अधिकारियों को आवेदन भी दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।4
- बरसात के मौसम में कच्ची सड़क के कारण आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद के थाना जयसिंहपुर क्षेत्र के ग्राम अहिबरनपुर में 27 मई की रात लगभग 11:30 बजे एक संपत्ति विवाद को लेकर हुई मारपीट और गोलीबारी में दो लोग घायल हो गए। डायल 112 के माध्यम से स्थानीय थाने को विवाद की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जांच में सामने आया कि यह विवाद स्वर्गीय भगवती प्रसाद सिंह की दो पत्नियों—स्वर्गीय सुशीला सिंह और श्रीमती बिजली सिंह—से संबंधित है। सुशीला सिंह से हुए पांच बेटों और श्रीमती बिजली सिंह के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर वैचारिक मतभेद थे, जिसके चलते यह संघर्ष हुआ। घायलों में भगवती सिंह के पुत्र राजेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह की पुत्री सीता सिंह शामिल हैं। दोनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी जयसिंहपुर भेजा गया है, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और पुलिस बल मौजूद है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर अभियोग पंजीकृत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। इस मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है। उक्त घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर, श्री वृजनारायण सिंह की बाइट भी दर्ज की गई।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कौशल विकास से जुड़ा एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना ने सबको हैरत में डाल दिया है।1
- लखनऊ में बिजली विभाग की एक टीम जब चेकिंग करने पहुँची, तो वहाँ मौजूद लोगों ने उस टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की।1