एक तीखे काव्य कटाक्ष में, आरोप लगाया गया है कि कुछ 'नाटकबाज' जुमलेबाजी से देश को भरमा रहे हैं, बीफ कंपनियों से जमकर 'जनता खाया' है, और गौ सेवा के नाम पर केवल 'स्वांग रचाया' है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप है कि उसने ₹30 करोड़ का राजनीतिक चंदा लेकर 'खून से हाथ भी रंग लिए' हैं और देश को 'टोपी भी पहनाई' है। यह 'कड़वी सच्चाई' भारत की प्रमुख भैंस के मांस (बफेलो मीट) और प्रोसेस्ड फूड निर्यातक कंपनी अलाना ग्रुप द्वारा भाजपा को दिए गए चंदे की राशि 2024-25 में ₹30 करोड़ तक बढ़ने से उजागर हुई है। चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों द्वारा जमा की गई ऑडिट रिपोर्टें इनके योगदान की 'पोल खोलती हैं'। ऑडिट रिपोर्टों के अनुसार, अलाना ग्रुप ने यह राशि अपनी विभिन्न उद्यमों, जैसे एलनसंस प्राइवेट लिमिटेड, के माध्यम से दान की है। यह चंदा पिछले वर्षों की तुलना में सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि 2023-24 में यही राशि मात्र ₹2 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹30 करोड़ तक पहुँच गई। यह दान ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी ने ₹10,320 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है, जो उसके सबसे मुनाफे वाले व्यावसायिक दौर में से एक है। भारतीय कानूनन गाय और बछड़े का वध प्रतिबंधित होने के कारण, अलाना ग्रुप मुख्य रूप से 'हलाल बोनलेस बफेलो मीट' का दुनिया भर में सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। अलाना ग्रुप के अधिकारियों ने इस दान पर कहा कि यह योगदान सरकार की व्यापार-अनुकूल नीतियों, कर सुधारों और 'विकसित भारत' के निर्माण में उनके विश्वास का समर्थन करने के लिए था। पॉलिटिकल फंडिंग के इस खुलासे से पाठक राजनीतिक मंचों पर होने वाली बीफ और मीट की राजनीति तथा पार्टियों की विचारधारा के 'जीरो ग्राउंड का सत्य' समझ सकते हैं।
एक तीखे काव्य कटाक्ष में, आरोप लगाया गया है कि कुछ 'नाटकबाज' जुमलेबाजी से देश को भरमा रहे हैं, बीफ कंपनियों से जमकर 'जनता खाया' है, और गौ सेवा के नाम पर केवल 'स्वांग रचाया' है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप है कि उसने ₹30 करोड़ का राजनीतिक चंदा लेकर 'खून से हाथ भी रंग लिए' हैं और देश को 'टोपी भी पहनाई' है। यह 'कड़वी सच्चाई' भारत की प्रमुख भैंस के मांस (बफेलो मीट) और प्रोसेस्ड फूड निर्यातक कंपनी अलाना ग्रुप द्वारा भाजपा को दिए गए चंदे की राशि 2024-25 में ₹30 करोड़ तक बढ़ने से उजागर हुई है। चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों द्वारा जमा की गई ऑडिट रिपोर्टें इनके योगदान की 'पोल खोलती हैं'। ऑडिट रिपोर्टों के अनुसार, अलाना ग्रुप ने यह राशि अपनी विभिन्न उद्यमों, जैसे एलनसंस प्राइवेट लिमिटेड, के माध्यम से दान की है। यह चंदा पिछले वर्षों की तुलना में सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि 2023-24 में यही राशि मात्र ₹2 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹30 करोड़ तक पहुँच गई। यह दान ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी ने ₹10,320 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है, जो उसके सबसे मुनाफे वाले व्यावसायिक दौर में से एक है। भारतीय कानूनन गाय और बछड़े का वध प्रतिबंधित होने के कारण, अलाना ग्रुप मुख्य रूप से 'हलाल बोनलेस बफेलो मीट' का दुनिया भर में सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। अलाना ग्रुप के अधिकारियों ने इस दान पर कहा कि यह योगदान सरकार की व्यापार-अनुकूल नीतियों, कर सुधारों और 'विकसित भारत' के निर्माण में उनके विश्वास का समर्थन करने के लिए था। पॉलिटिकल फंडिंग के इस खुलासे से पाठक राजनीतिक मंचों पर होने वाली बीफ और मीट की राजनीति तथा पार्टियों की विचारधारा के 'जीरो ग्राउंड का सत्य' समझ सकते हैं।
- लखनऊ में पति प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी तेरहवीं (त्रयोदशी) संस्कार और शांति प्रार्थना सभा का आयोजन उनके आवास पर किया गया। शोक की इस घड़ी में आयोजित हुई इस सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ शायर जितेन्द्र मिर्ज़ापूरी भी शामिल हुए। इस दौरान परिवार के एकजुट होने की भावुक तस्वीरों और वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल गई कि अपर्णा यादव सपा में शामिल हो रही हैं। हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं है।2
- उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों के कामकाज को लेकर लोगों की राय सामने आई है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रधानों के प्रदर्शन को नकारा गया है। राज्य के कुल 15,800 प्रधानों के कार्यों को लोगों ने अस्वीकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप 10% प्रधान भी अपनी रेटिंग में पूरे अंक प्राप्त करने में विफल रहे। हालांकि, इस मूल्यांकन के दौरान सड़क और शौचालय निर्माण से संबंधित कार्यों को बेहतर पाया गया है।1
- लखनऊ के थाना सआदतगंज क्षेत्र से पुलिस की कथित दबंगई का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक सिपाही पर एक युवक को थप्पड़ मारने और उसका मोबाइल छीनने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह सिपाही अम्बरगंज चौकी का है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में हिंदू नेता दीपू जायसवाल के घर पर एक संदिग्ध ड्रोन मंडराता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना को दीपू जायसवाल के घर की रेकी करने का प्रयास बताया जा रहा है। दीपू जायसवाल ने इस संबंध में हुसैनगंज थाना प्रभारी को लिखित रूप से सूचना दी है, जिसके बाद थाना प्रभारी ने मामले की तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।2
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में, मियागंज ब्लाक क्षेत्र की नगर पंचायत हैदराबाद स्थित ईदगाह में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। मौलाना मोहम्मद इस्लाम ने नमाज की इमामत की, जिसमें नगर पंचायत हैदराबाद के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए। नमाज के बाद, सभी ने मुल्क के अमन-चैन, कारोबार की बेहतरी और खैरो-बरकत के लिए दुआएं मांगीं। इस मौके पर लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। नगर पंचायत चौकी प्रभारी अपने पुलिस साथियों के साथ मौके पर मौजूद रहे और लोगों को बधाई दी। इसके अतिरिक्त, नगर पंचायत अध्यक्ष बृज किशोर, उनके पुत्र और लेखपाल ने भी गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की।1
- Post by KNINews1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया है। राज्य में इस बदले हुए मौसम के मद्देनजर, कल के लिए पूरे प्रदेश में तूफान का रेड अलर्ट जारी किया गया है।1
- मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र अंतर्गत महोली गांव में देर रात जमकर गोलियां चलने की सूचना से दहशत फैल गई। फायरिंग की आवाजों से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में भय और तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में प्रशासन का भय खत्म होता दिख रहा है, जिसके चलते असामाजिक तत्व खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फायरिंग करने वालों की पहचान करने में जुटी है। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही फायरिंग की इन घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1