Shuru
Apke Nagar Ki App…
नौगांव तोरण द्वार हादसे में राममिलन बुनकर की मौत हो जाने पर उनकी पत्नी को स्वेच्छानुदान निधि से2 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई पिछले दिनों नौगांव के धौरा रोड पर निर्माणाधीन तोरणद्वार के अचानक गिरने से करारागन्ज निवासी राममिलन बुनकर के असमय मृत्यु होने पर जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था जिस पर मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान निधि से दो लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है जो मृतक की पत्नी सोमवती बुनकर के बैंक खाते में जमा की गई । नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने दी जानकारी ।
The best news
नौगांव तोरण द्वार हादसे में राममिलन बुनकर की मौत हो जाने पर उनकी पत्नी को स्वेच्छानुदान निधि से2 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई पिछले दिनों नौगांव के धौरा रोड पर निर्माणाधीन तोरणद्वार के अचानक गिरने से करारागन्ज निवासी राममिलन बुनकर के असमय मृत्यु होने पर जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था जिस पर मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान निधि से दो लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है जो मृतक की पत्नी सोमवती बुनकर के बैंक खाते में जमा की गई । नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने दी जानकारी ।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll1
- पिछले दिनों नौगांव के धौरा रोड पर निर्माणाधीन तोरणद्वार के अचानक गिरने से करारागन्ज निवासी राममिलन बुनकर के असमय मृत्यु होने पर जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था जिस पर मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान निधि से दो लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है जो मृतक की पत्नी सोमवती बुनकर के बैंक खाते में जमा की गई । नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने दी जानकारी ।1
- इंस्टा पर प्यार, भोपाल के समीर के लिए घर छोड़ आई सिया 3 महीने बाद बक्से में मिला शव1
- युवाओं का आरोप है कि दामोदर यादव के हालिया बयानों से समाज में असंतोष की स्थिति बनी है। इसी के चलते संगठन के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा गया। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर 1 मार्च को आयोजित होने वाली सभा की अनुमति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- 👉🏻बागेश्वर धाम की पदयात्रा पर निकली अहमद खान गांव में श्री राधा कृष्ण का मंदिर बनाने का प्रण लिया 👉🏻अहमद खान बनेगे साइराम #रामचरितमानस को लेकर कर रहे हैं पदयात्रा 👉🏻बुंदेलखंड में ब्रिज के रसखान की एक झलक देखने को मिली (मनीष यादव) पलेरा: बुंदेलखंड के प्रसिद्ध मंदिर बागेश्वर धाम के लिए अहमद खान पदयात्रा पर निकले 40 बरसों से सनातन धर्म को मान रहे हैं सनातन धर्म की देवी देवताओं में खासी आस्था होने के कारण उन्होंने श्री राधे कृष्ण का मंदिर गांव टकटोली में बनवाने का प्रण लिया है बुंदेलखंड में ब्रज के संत कवि रसखान की एक झलक देखने को मिल रही है आस्था, विश्वास और मानवीय एकता की अनूठी मिसाल इन दिनों जिले में देखने को मिल रही है। पवित्र रमजान माह के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा सिर पर रामचरितमानस रखकर नंगे पैर बागेश्वर धाम की पदयात्रा किए जाने से लोग भावुक हो उठे हैं। यह यात्रा जहां धार्मिक समरसता का संदेश दे रही है, वहीं लोगों के बीच भाईचारे की भावना को भी मजबूत कर रही है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद के टकटोली गांव निवासी अहमद खान अपने लगभग 200 साथियों के साथ बागेश्वर धाम के लिए पैदल रवाना हुए हैं। उनके साथ महिलाओं और पुरुषों का बड़ा समूह भी शामिल है। यह जत्था प्रतिदिन करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करता है और रात्रि में विश्राम करने के बाद अगले दिन पुनः यात्रा शुरू करता है। कुल मिलाकर वे करीब 90 किलोमीटर की दूरी नंगे पैर तय कर रहे हैं। शुक्रवार को जब यह धार्मिक यात्रा टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर पहुंची, तो जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की। इस दौरान वातावरण जय श्रीराम और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे नगर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। अहमद खान ने बताया कि उन्होंने लगभग 40 वर्ष पहले यह स्वप्न देखा था कि वे सिर पर रामचरितमानस रखकर बागेश्वर धाम की यात्रा करेंगे। उनका कहना है कि यह यात्रा उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है, जो अब पूरा होने जा रहा है। वे बागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और वहां से लौटने के बाद अपना नया नाम “साई राम” रखेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें कुरान और रामचरितमानस दोनों से लगाव है। वे अपने गांव में ग्रामीणों के सहयोग से राधा-कृष्ण मंदिर निर्माण का भी संकल्प लेकर चल रहे हैं। उनका विश्वास है कि यह यात्रा प्रेम, आस्था और धार्मिक सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाएगी। इस अनोखी यात्रा ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बनकर लोगों के दिलों को छू लिया है। श्रद्धा और समर्पण से भरी यह पदयात्रा सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक एकता की मिसाल बनती नजर आ रही4
- मेरठ बहसूमा थानाक्षेत्र में पत्नी के प्रेमी की हत्या करने वाले प्रदीप ने पुलिस को जो छकाया वो सुनिए, तमंचा तानकर पुलिस के सामने कहा मैं अपना एनकाउंटर खुद करूंगा। 31,081 पुलिसवालों के भी हाथपांव फूल गए, वीडियो देखिए।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- हमारे देश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी हो सकती है, लेकिन बाबाओं की नहीं। अजय नाम का लड़का बाबा बनकर बैठ गया है, लोग अर्जी भी लगा रहे हैं। छतरपुर, मध्य प्रदेश ll हनुमान टोरिया क्षेत्र का मामला ll छतरपुर के अजय बाबा का यह मामला मुख्य रूप से हनुमान टोरिया क्षेत्र और उसके आस-पास के मोहल्लों से जुड़ा है। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, अजय नाम के इस युवक ने खुद को 'बाबा' घोषित कर लोगों की समस्याएं सुलझाने का दावा किया है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: अर्जी और दरबार: यह बाबा छतरपुर शहर के पठापुर रोड या हनुमान टोरिया जैसे इलाकों में सक्रिय बताया गया है, जहाँ लोग अपनी अर्जी लेकर पहुँच रहे हैं। संदर्भ: इस मामले की तुलना अक्सर छतरपुर के ही प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से की जा रही है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बनाम अंधविश्वास को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक स्थिति: छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी के बीच ऐसे 'स्वयंभू बाबाओं' के उभरने पर लोग कटाक्ष कर रहे हैं ll1