जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में, भीलवाड़ा जिले में संचालित 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे कुल 2,242 कैफीनेटेड पेय पदार्थ के कैन जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक' अथवा 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में माना जाता है। उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की कार्रवाई में, फूड सेफ्टी टीम ने मैसर्स एसकेएस एजेंसी, पटेल नगर, भीलवाड़ा से 'चार्जड' ब्रांड के 1,410 कैन कैफीनेटेड बेवरेज तथा मैसर्स आधार काबरा, भोपालगंज, भीलवाड़ा से 'रेडबुल' ब्रांड के 832 कैन सीज किए। दोनों प्रतिष्ठानों से आवश्यक नमूने लेकर जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने आगाह किया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों को ऐसे उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसके लेबल, सामग्री एवं वैधानिक जानकारी का अवश्य परीक्षण करें तथा भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रति सतर्क रहें। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार एवं फहद खान ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में, भीलवाड़ा जिले में संचालित 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे कुल 2,242 कैफीनेटेड पेय पदार्थ के कैन जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक' अथवा 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में माना जाता है। उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की कार्रवाई
में, फूड सेफ्टी टीम ने मैसर्स एसकेएस एजेंसी, पटेल नगर, भीलवाड़ा से 'चार्जड' ब्रांड के 1,410 कैन कैफीनेटेड बेवरेज तथा मैसर्स आधार काबरा, भोपालगंज, भीलवाड़ा से 'रेडबुल' ब्रांड के 832 कैन सीज किए। दोनों प्रतिष्ठानों से आवश्यक नमूने लेकर जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने आगाह किया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों को ऐसे उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसके लेबल, सामग्री एवं वैधानिक जानकारी का अवश्य परीक्षण करें तथा भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रति सतर्क रहें। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार एवं फहद खान ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
- भीलवाड़ा शहर का प्रमुख सर्राफा बाजार बुधवार को व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों ने पिछले छह महीने से सड़क निर्माण और नालियों की मरम्मत का काम अधूरा पड़े रहने पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे, नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जल्द कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोबारा खोल दीं। व्यापारियों ने बताया कि लगभग छह माह पहले प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया था, जिस दौरान दुकानों के बाहर बनी नालियां, रैंप, सीढ़ियां, बोर्ड और होर्डिंग हटवा दिए गए थे। व्यापारियों ने प्रशासन का पूरा सहयोग किया और स्वयं भी अतिक्रमण हटाए, लेकिन इसके बाद सड़क और नालियों का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण टूटी सड़क और लगातार उड़ती धूल-मिट्टी के चलते ग्राहकों की संख्या बाजार में काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। सराफा बाजार होने के नाते, सोने-चांदी के व्यापार में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटे और अन्य उपकरण भी धूल के कारण खराब हो रहे हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि बारिश का मौसम शुरू होने से हालात और बिगड़ सकते हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार नगर निगम और जिला कलेक्टर कार्यालय में इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें मजबूर होकर बाजार बंद कर यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान, व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सड़क और नालियों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में, भीलवाड़ा जिले में संचालित 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम से बेचे जा रहे कुल 2,242 कैफीनेटेड पेय पदार्थ के कैन जब्त किए। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के अनुसार, कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक' अथवा 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक श्रेणी में माना जाता है। उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की कार्रवाई में, फूड सेफ्टी टीम ने मैसर्स एसकेएस एजेंसी, पटेल नगर, भीलवाड़ा से 'चार्जड' ब्रांड के 1,410 कैन कैफीनेटेड बेवरेज तथा मैसर्स आधार काबरा, भोपालगंज, भीलवाड़ा से 'रेडबुल' ब्रांड के 832 कैन सीज किए। दोनों प्रतिष्ठानों से आवश्यक नमूने लेकर जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने आगाह किया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों को ऐसे उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदने से पहले उसके लेबल, सामग्री एवं वैधानिक जानकारी का अवश्य परीक्षण करें तथा भ्रामक दावों वाले उत्पादों के प्रति सतर्क रहें। इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार एवं फहद खान ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।2
- भीलवाड़ा के रूडसेट संस्थान सुवाणा में 7 जुलाई से मोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विसिंग का नया बैच शुरू हो गया है। यह कोर्स उन बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो मोबाइल रिपेयरिंग सीखकर अपना स्वयं का रोजगार शुरू करना चाहते हैं। संस्थान में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा मोबाइल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सीटें सीमित हैं, और उन्हें पंजीकरण के लिए आज ही रूडसेट संस्थान सुवाणा, भीलवाड़ा से संपर्क करने के लिए कहा गया है।1
- भीलवाड़ा के आकोला स्थित पंचायत समिति मांडलगढ़ की ग्राम पंचायत सुरास में जन कल्याण ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान करके आमजन को राहत प्रदान की। शिविर में राजस्व, पंचायत राज, कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जलदाय, विद्युत और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने नाम संशोधन, राजस्व रिकॉर्ड, पेंशन, पट्टा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित अपने प्रकरण प्रस्तुत किए, जिनका विभागीय अधिकारियों द्वारा तुरंत निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया और आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। इस शिविर में उपखंड अधिकारी, विधायक प्रतिनिधि मुकेश खंडेलवाल, मांडलगढ़ ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्यामलाल अहीर, सरपंच प्रतिनिधि भैरूलाल सालवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य युवराज सिंह, लोकेश सुथार, कालू सिंह चौहान और नारायण गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई, जिससे सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक साथ मौजूदगी के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर सुलभ रूप से प्राप्त हुआ।2
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भीलवाड़ा जिले में एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लग्जरी और स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रश्मि आर्य ने आमजन से अपील की है कि वे बस में सफर करने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच अवश्य करें। यात्रियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बस में इमरजेंसी एग्जिट, दोनों ओर निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी हैमर जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध और कार्यशील हों। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसी बस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी दिखाई दे, तो ऐसी बस में यात्रा करने से बचें और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें, क्योंकि यात्रियों की थोड़ी सी जागरूकता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है। सचिव रश्मि आर्य ने बस संचालकों से भी सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पूर्ण पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- उदयपुर-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। इस घटना में एक ट्रक और बाइक के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई है।1