विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सृष्टि सेवा समिति ने धरियावद क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांडला, ग्राम भूमणिया तथा ग्राम पंचायत गदवास के ग्राम साठपुर में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान सृष्टि सेवा समिति के प्रतिनिधि सुनील कुमार सुथार ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने अपने घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की भी अपील की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भांडला के ग्राम विकास अधिकारी चन्द्रप्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वच्छ और हरित पर्यावरण को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने सभी ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। वहीं, ग्राम पंचायत गदवास के सरपंच लालूराम मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने स्वयं पौधारोपण करके ग्रामीणों को प्रेरित किया और पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे उपस्थित लोग और अधिक जागरूक हुए। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया गया तथा ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सृष्टि सेवा समिति के उदयलाल मेघवाल, लक्ष्मण लाल रावल, कृषि सुपरवाइजर रामदयाल, भांडला के उपसरपंच अशोक, वार्ड पंच शंकरलाल और देवीलाल सहित बड़ी संख्या में महिलाओं तथा पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। सृष्टि सेवा समिति ने इस कार्यक्रम के माध्यम से 'प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।' थीम को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया, और यह कार्यक्रम 'स्वस्थ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य – यही है हमारी जिम्मेदारी' के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सृष्टि सेवा समिति ने धरियावद क्षेत्र की ग्राम पंचायत भांडला, ग्राम भूमणिया तथा ग्राम पंचायत गदवास के ग्राम साठपुर में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान सृष्टि सेवा समिति के प्रतिनिधि सुनील कुमार सुथार ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने अपने घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की भी अपील की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भांडला के ग्राम विकास अधिकारी चन्द्रप्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वच्छ और हरित पर्यावरण को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने सभी ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया। वहीं, ग्राम पंचायत गदवास के सरपंच लालूराम मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने स्वयं पौधारोपण करके ग्रामीणों को प्रेरित किया और पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे उपस्थित लोग और अधिक जागरूक हुए। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया गया तथा ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सृष्टि सेवा समिति के उदयलाल मेघवाल, लक्ष्मण लाल रावल, कृषि सुपरवाइजर रामदयाल, भांडला के उपसरपंच अशोक, वार्ड पंच शंकरलाल और देवीलाल सहित बड़ी संख्या में महिलाओं तथा पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। सृष्टि सेवा समिति ने इस कार्यक्रम के माध्यम से 'प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।' थीम को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया, और यह कार्यक्रम 'स्वस्थ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य – यही है हमारी जिम्मेदारी' के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
- मथुरा के बाद अब वृन्दावन में भी कॉकरोच देखे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने यमुना नदी में सीधे गिर रहे नालों की सच्चाई को उजागर किया है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नीमच में पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की गई है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान काटे गए एक बौद्ध (सप्तपर्णी) वृक्ष को जगदीश शर्मा और उनके साथियों ने अथक प्रयासों से पुनर्जीवित कर फिर से हरा-भरा बना दिया। उनके इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए, इन पर्यावरण प्रेमियों को 'वृक्ष मित्रों' के तौर पर सम्मानित भी किया गया।1
- नीमच स्थित ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एक पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कमांडेंट प्रमोद कुमार साहू ने पौधारोपण कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों और परिसरवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके तहत नीम, पीपल, आम, इमली, जामुन और बरगद सहित कुल 300 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए। कमांडेंट साहू ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने हरित एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र से शुक्रवार को 50 श्रद्धालुओं का एक जत्था रघु ट्रैवल्स के बैनर तले चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने भगवान श्रीराम, गंगा मैया, केदारनाथ और बद्रीनाथ के जयकारों के साथ जत्थे को अत्यंत उत्साहपूर्वक विदाई दी। रघु ट्रैवल्स बस के संचालक अशोक भोई ने यात्रियों को शुभकामनाएं देकर उनकी इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा में उपखंड क्षेत्र और आसपास के गांवों से लगभग 50 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। अशोक भोई ने बताया कि यात्रा के दौरान ये श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश, खाटूश्यामजी और पुष्कर सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, साथ ही उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यात्रा रवाना होने के दौरान बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं के परिजनों और शुभचिंतकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही। सभी ने यात्रियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए जयकारों के साथ उन्हें विदाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव का माहौल छा गया। अशोक भोई ने यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में अमरनाथ यात्रा का संचालन भी किया जाएगा।1
- पर्यावरण दिवस के अवसर पर पलसोड़ा में नीमच पाल सोड़ा जन अभियान परिषद और ग्राम पंचायत ने मिलकर पौधारोपण किया।1
- प्रतापगढ़ के आहड़ स्थित बारावरदा नर्सरी में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रमदान, वृक्षारोपण और पक्षियों के लिए परिंदे लगाने का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया, जिसका नेतृत्व देवगढ़ रेंजर लोकेश कुमार मीणा और धमोतर विकास अधिकारी राकेश मीणा ने किया। इस अवसर पर, जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पेड़ लगाना प्रकृति की सेवा करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, “पानी बचाओ, बिजली बचाओ, वृक्ष लगाओ, सबको पढ़ाओ” का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। आयोजकों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है और केवल सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त भारत का निर्माण संभव है।3
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मनासा तहसील के ग्राम भाटखेड़ी स्थित बालाजी मंदिर परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधारोपण किया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि एक पेड़ केवल पर्यावरण संतुलन का आधार नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए एक अमूल्य धरोहर भी है। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जनपद सीईओ सहित कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।1
- मंदसौर के भंडारिया में हुए एक मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद, पूरे गाँव में एक जुलूस निकाला गया। इस दौरान, भंडारिया गाँव 'पुलिस जिंदाबाद' के नारों से गूँज उठा, जिससे पुलिस कार्रवाई के प्रति जनता का समर्थन स्पष्ट रूप से सामने आया।1
- प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती पूजा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं मृतका के परिजन इसे हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सालमगढ़ थाना अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला प्रतीत होता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों का आरोप है कि युवती के शरीर पर चोटों के निशान थे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका है। उनका कहना है कि मामले की गहन जांच नहीं की गई और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। इसी संबंध में, बुधवार को मृतका के परिजन जिला मुख्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। परिजनों ने अपने ज्ञापन में कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी गहराई से जांच करवाने की मांग उठाई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।2