रेलवे प्रशासन की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा: बिलासपुर-शहडोल मंडल में लोको रनिंग स्टाफ के तेवर हुए 'तीखे', आर-पार की लड़ाई का ऐलान! शहडोल / बिलासपुर — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेल प्रशासन की तानाशाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लोको रनिंग स्टाफ का आक्रोश अब अपने चरम पर पहुँच गया है। बिजुरी में 13 दिनों से सुलग रहा असंतोष अब उग्र रूप ले चुका है, वहीं बिलासपुर समेत मंडल की तमाम लॉबियों में 9वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज (16 सितंबर 2026) शहडोल लॉबी से लेकर मंडल की हर लॉबी से करीब 350 लोको रनिंग स्टाफ ने सपरिवार उग्र रैली निकाली। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (DRM) और सहायक मंडल विद्युत अभियंता कार्यालय तक निकाली गई इस हुंकार रैली ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। अधिकारियों की कारगुजारियों पर तीखा हमला ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री शशांक कोष्टा पर प्रशासनिक तानाशाही, अनैतिक आचरण और भयाक्रांत माहौल बनाने के तीखे आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने दो-टूक कहा है कि अधिकारी की दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के कारण रेल संरक्षा दांव पर लग चुकी है। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: भ्रष्टाचार का खुला खेल: नियम और स्थापित नीतियों को ताक पर रखकर 217 पदोन्नत लोको पायलटों का शत-प्रतिशत ट्रांसफर कर रेलवे को करोड़ों की चपत लगाई गई। चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया और विरोध करने पर यूनियन सदस्यों को 'मेजर पेनाल्टी' की चार्जशीट थमा दी गई। श्रम का शोषण: नियम विरुद्ध तरीके से अत्यधिक लॉन्ग आवर्स ड्यूटी को दो भागों में तोड़कर कर्मचारियों के वास्तविक कार्य घंटों पर पर्दा डाला जा रहा है। खान-पान के नाम पर धांधली: रनिंग रूम्स में घटिया और सड़ा-गला खाना परोसा जा रहा है। विरोध करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जाता है, जबकि भ्रष्ट ठेकेदारों पर विभागीय मेहरबानी बरस रही है। शंटिंग के नाम पर जान से खिलवाड़: स्टेशनों और साइडिंगों पर शॉर्ट-कट तरीकों (वॉकी-टॉकी/मोबाइल) से शंटिंग का दबाव बनाया जाता है। जरा सी चूक पर गाज सीधे लोको पायलट पर गिराई जाती है, जबकि नियम पालन करने पर तबादले का चाबुक चलाया जाता है। बिना ट्रेनिंग मौत के कुएं में धकेलना: बिना किसी विधिवत प्रशिक्षण (PDC/हैंडलिंग/कंपीटेंसी) के ही स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट जारी कर मेल-एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियों का असुरक्षित संचालन कराया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना और फर्जी चार्जशीट: सैकड़ों कर्मचारियों को आधारहीन चार्जशीट देकर उनकी वर्षों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। ड्यूटी के दौरान भी डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे ट्रेन ऑपरेशन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आर-पार का ऐलान: उच्चस्तरीय या CBI जाँच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही संगठन के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर में माननीय प्रधान विद्युत मुख्य अभियंता से मुलाकात की। उन्होंने श्री शशांक कोष्टा के अमानवीय और तानाशाही रवैये की उच्चस्तरीय जाँच कराने और मंडल में भयमुक्त माहौल बनाने की कड़ी मांग रखी है। AILRSA ने दो-टोका चेतावनी दी है कि श्री कोष्टा के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय या सीबीआई (CBI) जाँच कराई जाए। जब तक रेल कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं होता और उनकी माँगे पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन संघर्ष और तीखा तथा अनवरत जारी रहेगा! अजय पाल
रेलवे प्रशासन की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा: बिलासपुर-शहडोल मंडल में लोको रनिंग स्टाफ के तेवर हुए 'तीखे', आर-पार की लड़ाई का ऐलान! शहडोल / बिलासपुर — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेल प्रशासन की तानाशाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लोको रनिंग स्टाफ का आक्रोश अब अपने चरम पर पहुँच गया है। बिजुरी में 13 दिनों से सुलग रहा असंतोष अब उग्र रूप ले चुका है, वहीं बिलासपुर समेत मंडल की तमाम लॉबियों में 9वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज (16 सितंबर 2026) शहडोल लॉबी से लेकर मंडल की हर लॉबी से करीब 350 लोको रनिंग स्टाफ ने सपरिवार उग्र रैली निकाली। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (DRM) और सहायक मंडल विद्युत अभियंता कार्यालय तक निकाली गई इस हुंकार रैली ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। अधिकारियों की कारगुजारियों पर तीखा हमला ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री शशांक कोष्टा पर प्रशासनिक तानाशाही, अनैतिक आचरण और भयाक्रांत माहौल बनाने के तीखे आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने दो-टूक कहा है कि अधिकारी की दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के कारण रेल संरक्षा दांव पर लग चुकी है। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: भ्रष्टाचार का खुला खेल: नियम और स्थापित नीतियों को ताक पर रखकर 217 पदोन्नत लोको पायलटों का शत-प्रतिशत ट्रांसफर कर रेलवे को करोड़ों की चपत लगाई गई। चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया और विरोध करने पर यूनियन सदस्यों को 'मेजर पेनाल्टी' की चार्जशीट थमा दी गई। श्रम का शोषण: नियम
विरुद्ध तरीके से अत्यधिक लॉन्ग आवर्स ड्यूटी को दो भागों में तोड़कर कर्मचारियों के वास्तविक कार्य घंटों पर पर्दा डाला जा रहा है। खान-पान के नाम पर धांधली: रनिंग रूम्स में घटिया और सड़ा-गला खाना परोसा जा रहा है। विरोध करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जाता है, जबकि भ्रष्ट ठेकेदारों पर विभागीय मेहरबानी बरस रही है। शंटिंग के नाम पर जान से खिलवाड़: स्टेशनों और साइडिंगों पर शॉर्ट-कट तरीकों (वॉकी-टॉकी/मोबाइल) से शंटिंग का दबाव बनाया जाता है। जरा सी चूक पर गाज सीधे लोको पायलट पर गिराई जाती है, जबकि नियम पालन करने पर तबादले का चाबुक चलाया जाता है। बिना ट्रेनिंग मौत के कुएं में धकेलना: बिना किसी विधिवत प्रशिक्षण (PDC/हैंडलिंग/कंपीटेंसी) के ही स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट जारी कर मेल-एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियों का असुरक्षित संचालन कराया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना और फर्जी चार्जशीट: सैकड़ों कर्मचारियों को आधारहीन चार्जशीट देकर उनकी वर्षों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। ड्यूटी के दौरान भी डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे ट्रेन ऑपरेशन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आर-पार का ऐलान: उच्चस्तरीय या CBI जाँच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही संगठन के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर में माननीय प्रधान विद्युत मुख्य अभियंता से मुलाकात की। उन्होंने श्री शशांक कोष्टा के अमानवीय और तानाशाही रवैये की उच्चस्तरीय जाँच कराने और मंडल में भयमुक्त माहौल बनाने की कड़ी मांग रखी है। AILRSA ने दो-टोका चेतावनी दी है कि श्री कोष्टा के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय या सीबीआई (CBI) जाँच कराई जाए। जब तक रेल कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं होता और उनकी माँगे पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन संघर्ष और तीखा तथा अनवरत जारी रहेगा! अजय पाल
- रेलवे प्रशासन की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा: बिलासपुर-शहडोल मंडल में लोको रनिंग स्टाफ के तेवर हुए 'तीखे', आर-पार की लड़ाई का ऐलान! शहडोल / बिलासपुर — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेल प्रशासन की तानाशाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लोको रनिंग स्टाफ का आक्रोश अब अपने चरम पर पहुँच गया है। बिजुरी में 13 दिनों से सुलग रहा असंतोष अब उग्र रूप ले चुका है, वहीं बिलासपुर समेत मंडल की तमाम लॉबियों में 9वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। आज (16 सितंबर 2026) शहडोल लॉबी से लेकर मंडल की हर लॉबी से करीब 350 लोको रनिंग स्टाफ ने सपरिवार उग्र रैली निकाली। क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (DRM) और सहायक मंडल विद्युत अभियंता कार्यालय तक निकाली गई इस हुंकार रैली ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। अधिकारियों की कारगुजारियों पर तीखा हमला ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (ऑपरेशन) श्री शशांक कोष्टा पर प्रशासनिक तानाशाही, अनैतिक आचरण और भयाक्रांत माहौल बनाने के तीखे आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने दो-टूक कहा है कि अधिकारी की दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के कारण रेल संरक्षा दांव पर लग चुकी है। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: भ्रष्टाचार का खुला खेल: नियम और स्थापित नीतियों को ताक पर रखकर 217 पदोन्नत लोको पायलटों का शत-प्रतिशत ट्रांसफर कर रेलवे को करोड़ों की चपत लगाई गई। चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देकर भ्रष्टाचार का खेल खेला गया और विरोध करने पर यूनियन सदस्यों को 'मेजर पेनाल्टी' की चार्जशीट थमा दी गई। श्रम का शोषण: नियम विरुद्ध तरीके से अत्यधिक लॉन्ग आवर्स ड्यूटी को दो भागों में तोड़कर कर्मचारियों के वास्तविक कार्य घंटों पर पर्दा डाला जा रहा है। खान-पान के नाम पर धांधली: रनिंग रूम्स में घटिया और सड़ा-गला खाना परोसा जा रहा है। विरोध करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जाता है, जबकि भ्रष्ट ठेकेदारों पर विभागीय मेहरबानी बरस रही है। शंटिंग के नाम पर जान से खिलवाड़: स्टेशनों और साइडिंगों पर शॉर्ट-कट तरीकों (वॉकी-टॉकी/मोबाइल) से शंटिंग का दबाव बनाया जाता है। जरा सी चूक पर गाज सीधे लोको पायलट पर गिराई जाती है, जबकि नियम पालन करने पर तबादले का चाबुक चलाया जाता है। बिना ट्रेनिंग मौत के कुएं में धकेलना: बिना किसी विधिवत प्रशिक्षण (PDC/हैंडलिंग/कंपीटेंसी) के ही स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट जारी कर मेल-एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियों का असुरक्षित संचालन कराया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना और फर्जी चार्जशीट: सैकड़ों कर्मचारियों को आधारहीन चार्जशीट देकर उनकी वर्षों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। ड्यूटी के दौरान भी डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे ट्रेन ऑपरेशन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आर-पार का ऐलान: उच्चस्तरीय या CBI जाँच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही संगठन के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर में माननीय प्रधान विद्युत मुख्य अभियंता से मुलाकात की। उन्होंने श्री शशांक कोष्टा के अमानवीय और तानाशाही रवैये की उच्चस्तरीय जाँच कराने और मंडल में भयमुक्त माहौल बनाने की कड़ी मांग रखी है। AILRSA ने दो-टोका चेतावनी दी है कि श्री कोष्टा के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय या सीबीआई (CBI) जाँच कराई जाए। जब तक रेल कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं होता और उनकी माँगे पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन संघर्ष और तीखा तथा अनवरत जारी रहेगा! अजय पाल2
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol1
- घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग कर डामर रोड मे सफेद लाइन बनाने का काम किया जा रहा है सड़क किनारे की रेखा हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पटपरा की जहां पर जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत छादा से पटपरा और पटपरा से नागो ताल के लिए डामर रोड का निर्माण किया गया है। विडंबना देखिए बरसात के समय जबकि रोड के किनारे की मिट्टी घास उगी हुई है डामर रोड गीली है उस पर सड़क किनारे की सफेद रेखा बनाई जा रही है बनने के बाद इतना सुखना संभव नहीं है क्योंकि बरसात का मौसम है और पानी भी गिर रहा है। उससे बड़ी बात यह है कि सड़क किनारे की रेखा बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है जहां लोग गैस एजेंसी में घंटों सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं अपने घर की उपयोग के लिए गैस सिलेंडर के लिए उन्हें आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिलता वहीं ठेकेदारों को रोड निर्माण के ऊपर किनारे की सफेद रेखा के लिए गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाता है।1
- स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* *बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।* *मध्य प्रदेश उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।1
- chotraw।ke।pas। बसा chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में2
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- शासकीय मॉडल कॉलेज शहपुरा के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण: नर्मदांचल गौ सेवा समिति थोढ़ा BRC में रहा *शासकीय मॉडल कॉलेज शहपुरा के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण: नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा BRC मे रहा।* *गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि,पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार: बिहारी लाल साहू* *छात्र-छात्राओं ने सीखा जैविक खेती का प्रायोगिक प्रशिक्षण* *डिंडौरी/शहपुरा।* शासकीय मॉडल कॉलेज शहपुरा जिला डिंडौरी के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत संचालित *"ऑर्गेनिक फार्मिंग - इट्स रिक्वायरमेंट एंड ग्लोबल अपॉर्च्युनिटीज"* विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज *नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा,शहपुरा में भ्रमण एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समिति के संचालक जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा छात्र-छात्राओं को जैविक खेती के विभिन्न आयामों जैसे - *जीवामृत, घनामृत, अग्निअस्त्र, बीजामृत,वर्मीवाश, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र* गोबर गैस बनाना, कम्पोस्ट खाद एवं केंचुआ खाद निर्माण की विधि को भौतिक रूप से प्रैक्टिकल करके सिखाया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर, सह-समन्वयक डॉ. अजय राय, डॉ. शाहीन बेगम अंसारी, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. दीपक अग्रवाल सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जैविक खेती के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ना और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है। छात्रों ने गौशाला में चल रहे विभिन्न उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई। कार्यक्रम में बी.ए. एवं बी.एस.सी. के लगभग 35 विद्यार्थियों ने भाग लिया।2
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस पर आइए, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ें:- विधायक श्री शरद कोल #सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya #शहडोल #shahdol1