हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को छिदगांव स्थित गंजाल नदी के पुल सहित करना से गोदड़ी और गोदड़ी से नयागांव के बीच के रपटों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बरसात के मौसम में आवागमन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद पुल-पुलियाओं पर आवश्यक सूचना बोर्ड और बेरीकेड लगाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जलमग्न होने की स्थिति में पैदल और वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोका जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने करताना से गोदड़ी और गोदड़ी से नयागांव के बीच स्थित रपटों के उन्नयन के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान, ग्राम काथड़ी और गोदड़ी में बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतें सामने आईं, जिस पर विभागीय कर्मचारी को तत्काल ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को छिदगांव-टेमागांव मार्ग पर मौजूद गड्ढों को भरने के लिए भी निर्देशित किया। इस निरीक्षण में एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू, सीईओ जनपद पंचायत सुश्री चेतना पाटिल और संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बुधवार, 8 जुलाई 2026 को छिदगांव स्थित गंजाल नदी के पुल सहित करना से गोदड़ी और गोदड़ी से नयागांव के बीच के रपटों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बरसात के मौसम में आवागमन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद पुल-पुलियाओं पर आवश्यक सूचना बोर्ड और बेरीकेड लगाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जलमग्न होने की स्थिति में पैदल और वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोका जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने करताना से गोदड़ी और गोदड़ी से
नयागांव के बीच स्थित रपटों के उन्नयन के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान, ग्राम काथड़ी और गोदड़ी में बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतें सामने आईं, जिस पर विभागीय कर्मचारी को तत्काल ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को छिदगांव-टेमागांव मार्ग पर मौजूद गड्ढों को भरने के लिए भी निर्देशित किया। इस निरीक्षण में एसडीएम टिमरनी श्री संजीव नागू, सीईओ जनपद पंचायत सुश्री चेतना पाटिल और संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- खंडवा जिले के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। एक समझौते के तहत विज्ञान वर्ग से 12वीं उत्तीर्ण 60 बेटों और 60 बेटियों को तीन वर्षीय जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण पर प्रत्येक विद्यार्थी पर आने वाला लगभग ₹5 लाख का संपूर्ण व्यय आईआईटी बॉम्बे ग्रुप द्वारा वहन किया जाएगा। यह प्रशिक्षण केंद्र शीघ्र ही खेड़ी में प्रारंभ किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, प्रतिभागियों को न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह वेतन वाले रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।1
- कन्नौद थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री से ग्रामीण महिलाएं अत्यधिक परेशान हैं। कन्नौद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर लगातार कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार द्वारा दोपहिया वाहनों के माध्यम से गांव-गांव में 'डायरी पद्धति' से अवैध शराब की बिक्री कराई जा रही है। इसी कारण क्षेत्र के कई गांवों में बार-बार झगड़े और गृह-क्लेश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में, विगत एक सप्ताह से आबकारी अधिकारी प्रेम यादव से कार्यालय जाकर और मोबाइल के माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध होते हैं और न ही उनके द्वारा मोबाइल रिसीव किया जाता है। ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अभी भी शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।3
- आज के समय में रिश्ते-नाते अब बिसरी बातें हो गए हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि लोग उसी थाली में छेद करने लगे हैं जिसमें वे खाते हैं। यह दुनिया स्वार्थी हो गई है, जहाँ कोई भी व्यक्ति बिना किसी मतलब के किसी दूसरे की सुध नहीं लेता और न ही कोई पूछताछ करता है।1
- भारतीय रेलवे के फर्स्ट एसी (1AC) केबिन को 'हनीमून सुइट' या 'सुहागरात की सेज' की तरह सजाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो को देखकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है, जहाँ एक तरफ लोग इसे एक बेहद अनोखा और रोमांटिक सरप्राइज मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और रेलवे नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रेन के पूरे प्राइवेट कूपे को गुलाब की पंखुड़ियों, गुब्बारों और लाइट्स से सजाया गया है। दीवार पर "I Love You" भी लिखा गया है, जिससे कूपे को बिल्कुल किसी 5-स्टार होटल जैसा रूप दे दिया गया है। कुछ यूजर्स इस क्रिएटिविटी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि कपल ने अपने सफर को यादगार बना दिया है। इसके विपरीत, बड़ी संख्या में लोग इस घटना से नाराज़ और चिंतित हैं। वे रेल मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करके यह पूछ रहे हैं कि क्या चलती ट्रेन या रेलवे परिसर के भीतर किसी प्राइवेट डेकोरेटर को लाकर इस तरह की सजावट करने की अनुमति है।1
- मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाने, पिछले वर्ष की सोयाबीन की बीमा राशि के भुगतान और उर्वरक वितरण की विकास प्रणाली को बंद करने की मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनेक गांवों में मध्य प्रदेश सरकार का पुतला जलाया गया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को आम किसान यूनियन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें गांव-गांव विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। यूनियन का कहना है कि आगामी दिनों में जिले के हर गांव में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद शीघ्र ही जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय को घेरने के लिए "घेर डालो डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा। आज के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम भोनखेड़ी, सोनखेड़ी, नांदरा, गोयत और अन्य कई गांवों में सरकार के पुतले फूंके गए।1
- ओंकारेश्वर में पुलिस सेवाएं मुख्य रूप से मांधाता पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या सहायता के लिए, नागरिक सीधे थाना प्रभारी (TI) से +91704913004 पर संपर्क कर सकते हैं। मांधाता पुलिस स्टेशन, जिसका पिन कोड 451115 है, मुख्य मंदिर के निकट स्थित है और इसका आधिकारिक लैंडलाइन नंबर 07280-271227 है। पूरे मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम की निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खंडवा पुलिस द्वारा भी की जाती है। विस्तृत जानकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क के लिए, खंडवा जिला पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति यात्रा की योजना बना रहा है, तो दर्शन से संबंधित सही और आधिकारिक जानकारी श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।1
- भारत सरकार ने ‘पीएम राहत’ (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) योजना लागू की है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्तियों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार सरकारी और चिन्हित निजी अस्पतालों में मिलेगा। यह जानकारी जिला परिवहन अधिकारी ने दी है। अधिकारी के अनुसार, भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, जबकि समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से इनमें से कई जानें बचाई जा सकती हैं। यदि दुर्घटना पीड़ितों को पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाया जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को टाला जा सकता है। किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित, राहगीर या दुर्घटना स्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 डायल करके निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस सहायता प्राप्त कर सकता है। इस योजना के अंतर्गत, किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों की अवधि तक प्रति व्यक्ति ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। ऐसे मामलों में जहाँ जान को खतरा नहीं है, अधिकतम 24 घंटे तक और जीवन के लिए घातक मामलों में अधिकतम 48 घंटे तक स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत पुलिस प्रमाणीकरण के अधीन होगी। ‘पीएम राहत योजना’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दुर्घटना पीड़ित को वित्तीय बाधाओं के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहना पड़े। यह योजना सड़क दुर्घटना में पीड़ितों का जीवन बचाने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है।1
- कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा सोमवार को सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बाबरी स्थित मां नर्मदा तट से शुरू हुई थी, जो बुधवार को शिवपुर तहसील के ग्राम निरखी पहुँची। ग्राम निरखी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ मूंग खरीदी से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद, मध्य प्रदेश सरकार के प्रति विरोध व्यक्त करते हुए, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता अजय सिंह पटेल ने इस यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह किसान अधिकार यात्रा सिवनी मालवा तहसील के प्रत्येक गांव तक पहुँचकर किसानों की समस्याओं को लेकर जनजागरण कर रही है, ताकि उनकी आवाज़ सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मूंग की खरीदी तो कर रही है, लेकिन प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम की सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, पटेल ने खरीदी प्रक्रिया को भी अनियमितताओं से घिरा बताया और कहा कि इन्हीं मुख्य मुद्दों को लेकर बाबरी घाट से इस किसान अधिकार यात्रा का आरंभ किया गया है। एक अन्य कांग्रेस नेता समीर शर्मा ने जानकारी दी कि जब यह यात्रा सिवनी मालवा मुख्यालय पहुँचेगी, तब मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इसमें शामिल होंगे। शर्मा ने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई पूरी लगन से लड़ रही है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की सभी माँगें पूरी नहीं हो जातीं।1