कन्नौद थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री से ग्रामीण महिलाएं अत्यधिक परेशान हैं। कन्नौद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर लगातार कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार द्वारा दोपहिया वाहनों के माध्यम से गांव-गांव में 'डायरी पद्धति' से अवैध शराब की बिक्री कराई जा रही है। इसी कारण क्षेत्र के कई गांवों में बार-बार झगड़े और गृह-क्लेश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में, विगत एक सप्ताह से आबकारी अधिकारी प्रेम यादव से कार्यालय जाकर और मोबाइल के माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध होते हैं और न ही उनके द्वारा मोबाइल रिसीव किया जाता है। ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अभी भी शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।
कन्नौद थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री से ग्रामीण महिलाएं अत्यधिक परेशान हैं। कन्नौद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर लगातार कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार द्वारा
दोपहिया वाहनों के माध्यम से गांव-गांव में 'डायरी पद्धति' से अवैध शराब की बिक्री कराई जा रही है। इसी कारण क्षेत्र के कई गांवों में बार-बार झगड़े और गृह-क्लेश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में, विगत एक सप्ताह से आबकारी अधिकारी प्रेम यादव से कार्यालय जाकर और मोबाइल के
माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध होते हैं और न ही उनके द्वारा मोबाइल रिसीव किया जाता है। ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अभी भी शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।
- जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने बिलकिसगंज के जनजातीय ग्रामों सालीखेड़ा, पाटनी और बिलकिसगंज स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का आकलन करना था। इस दौरान, उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और खेल-खेल में भाषा तथा गणित की आधारभूत अवधारणाओं पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया। बच्चों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रीमती यादव ने शिक्षकों के साथ चर्चा करते हुए उन्हें निर्देशित किया कि कक्षाओं में अधिक से अधिक गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाए ताकि बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एफएलएन शिक्षण-सामग्री का प्रभावी और नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं को सहज तथा आनंददायक तरीके से अर्जित कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और मजबूत आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास की नींव है, जिसमें शिक्षकों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित प्रगति का सतत मूल्यांकन एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।1
- देवास के हाटपिपल्या में एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के नेतृत्व में तहसील का घेराव कर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई छात्रों ने बताया कि वे पहले भी लगातार चार साल से इस संबंध में ज्ञापन देते आ रहे हैं। इस ज्ञापन में छात्रों ने प्रमुखता से तीन मांगें रखीं। पहली मांग शासकीय बालक विद्यालय को तुड़वाकर नवीन भवन के साथ सीएम राइज स्कूल बनाने की है, क्योंकि स्कूल भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में है और उसका प्लास्टर गिर रहा है। पूर्व में प्लास्टर गिरने से दो बच्चों को चोटें भी आई थीं। दूसरी मांग शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फूले महाविद्यालय रखने की है। छात्रों ने तर्क दिया कि माता सावित्रीबाई फूले के त्याग और क्रांति के कारण ही देश के सर्वोच्च पद पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय जैसी महिलाएं विराजमान हैं, और कई अन्य महिलाएं भी बड़े पदों पर हैं, जो उनके संघर्ष के बिना संभव नहीं था। तीसरी और गंभीर मांग महाविद्यालय के प्राचार्य गौरीशंकर रोहित और शिक्षक कविंद्र भरद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य और शिक्षक ने एक छात्र को घसीटकर अंदर ले जाकर उसके साथ मारपीट की थी। एनएसयूआई ने इसकी जांच करवाकर प्राचार्य एवं शिक्षक को तत्काल शासकीय पद से बर्खास्त करने और संवैधानिक रूप से उचित कार्यवाही करने की मांग की। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक पटेल कप्तान, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौहान, एनएसयूआई अध्यक्ष अरुण बराया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण गुड्डू जायसवाल, पार्षद पिंटू जामोदिया, पार्षद अजीत राजावत, पार्षद बंशी तंवर, प्रशांत चौहान राजौदा, दीपक गुर्जर, मनोहर भाटिया, भारत भीलवाड़ा, राजेश गोलियां, राकेश वैष्णव, रविन्द्र पटेल, विशाल माली, आशीष मेसरा, राहुल चौहान, गणेश वर्मा, राहुल राजपूत, कुलदीप गुर्जर, रोहित राजपूत, मनोज कंठाली, देवराज पाटीदार, सुरेश सिसोदिया, हाजी एहसान मंसूरी, गोलू निजामुद्दीन काजी, प्रीतम चौधरी, आर्यन यादव सहित समस्त छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौहान ने व्यक्त किया।4
- मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी नगर के वार्ड क्रमांक एक और दो के निवासी पिछले कुछ दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। बिजली बंद रहने के कारण इन वार्डों के लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है, खासकर बारिश के मौसम में, जहां जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है और उन्हें अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। नागरिकों ने यह भी बताया कि खेतों के किनारे बनी झोपड़पट्टियों और कच्चे मकानों में खतरा और भी अधिक है, और ओवरब्रिज निर्माण के चलते मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। इस समस्या को लेकर बिजली विभाग से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन आरोप है कि विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। स्थानीय विधायक ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग के अधिकारियों को समस्या हल करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे आक्रोशित होकर, आज वार्ड वासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या के समाधान की मांग की और एसडीएम के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।4
- देवास जिले के पीपलरावाँ में युवाओं ने साइबर सुरक्षा से संबंधित एक दौड़ में भाग लिया।1
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- मध्य प्रदेश पुलिस, जिसमें राज्य साइबर सेल और इंदौर/भोपाल पुलिस कमिश्नरेट शामिल हैं, ने 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक सतत साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को टास्क स्कैम, फर्जी केवाईसी और "डिजिटल गिरफ्तारी" के नाम पर होने वाली जबरन वसूली जैसी विभिन्न डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है। अभियान के तहत प्रमुख सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इनमें "डिजिटल गिरफ्तारी" के दौरान घबराने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारत में किसी भी कानूनी प्राधिकरण या पुलिस अधिकारी के पास वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं है। साथ ही, नागरिकों को अपने ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और सीवीवी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को कभी भी किसी के साथ साझा न करने और गोपनीय रखने के लिए कहा गया है। लोगों को अज्ञात वेब लिंक पर क्लिक करने या बिना मांगे APK फाइलें डाउनलोड करने से भी बचने की चेतावनी दी गई है।1
- बुधवार दोपहर लगभग 1 बजे, इंदौर से खातेगांव मार्ग पर स्थित नेमावर रोड पर बरवाई खेड़ा टोल प्लाजा के आगे एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गौमाता की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने कन्नौद/इंदौर-बैतूल फोरलेन हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इस चक्का जाम के कारण लगभग एक घंटे तक राजमार्ग अवरुद्ध रहा, जिससे यात्री वाहनों, माल वाहक ट्रकों, रेत के डंपरों, तेल टैंकरों सहित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। चक्का जाम की सूचना मिलते ही खातेगांव तहसीलदार और कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काँजी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत की और लिखित आश्वासन मिलने के बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया गया।2
- जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इसमें आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अपर कलेक्टर श्री जैन ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। ग्राम पांगरा तहसील कन्नौद निवासी पंकज मीणा ने शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जे को हटाने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए। भौंरासा निवासी आवेदिका जमना बाई पति राजाराम ने संबल योजना का लाभ दिलाने की मांग की, और हाटपीपल्या निवासी निर्मला पति सोहनलाल अजमेरा ने पेंशन लाभ के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार, ग्राम बरखेड़ा कोतापाई के रामप्रसाद ने अपनी कृषि भूमि के पास जल निकासी की समस्या के समाधान का अनुरोध किया। इन सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इनके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन के सीमांकन, बिजली बिल कम कराने, बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, नामाकंन, बंटवारा, रास्ते पर से अतिक्रमण हटवाने और नालियों की साफ-सफाई जैसे विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने इन सभी आवेदनों की जांच कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश पुनः संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए।3
- मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाने, पिछले वर्ष की सोयाबीन की बीमा राशि के भुगतान और उर्वरक वितरण की विकास प्रणाली को बंद करने की मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनेक गांवों में मध्य प्रदेश सरकार का पुतला जलाया गया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को आम किसान यूनियन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें गांव-गांव विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। यूनियन का कहना है कि आगामी दिनों में जिले के हर गांव में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद शीघ्र ही जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय को घेरने के लिए "घेर डालो डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा। आज के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम भोनखेड़ी, सोनखेड़ी, नांदरा, गोयत और अन्य कई गांवों में सरकार के पुतले फूंके गए।1