जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने बिलकिसगंज के जनजातीय ग्रामों सालीखेड़ा, पाटनी और बिलकिसगंज स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का आकलन करना था। इस दौरान, उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और खेल-खेल में भाषा तथा गणित की आधारभूत अवधारणाओं पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया। बच्चों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रीमती यादव ने शिक्षकों के साथ चर्चा करते हुए उन्हें निर्देशित किया कि कक्षाओं में अधिक से अधिक गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाए ताकि बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एफएलएन शिक्षण-सामग्री का प्रभावी और नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं को सहज तथा आनंददायक तरीके से अर्जित कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और मजबूत आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास की नींव है, जिसमें शिक्षकों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित प्रगति का सतत मूल्यांकन एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने बिलकिसगंज के जनजातीय ग्रामों सालीखेड़ा, पाटनी और बिलकिसगंज स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का आकलन करना था। इस दौरान, उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और खेल-खेल में भाषा तथा गणित की आधारभूत अवधारणाओं पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया। बच्चों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रीमती यादव ने शिक्षकों के साथ चर्चा करते हुए उन्हें निर्देशित किया कि कक्षाओं में अधिक से अधिक गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाए ताकि बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एफएलएन शिक्षण-सामग्री का प्रभावी और नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं को सहज तथा आनंददायक तरीके से अर्जित कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और मजबूत आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास की नींव है, जिसमें शिक्षकों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित प्रगति का सतत मूल्यांकन एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
- सीहोर के एम.एल.बी. स्कूल में साइबर सेल प्रभारी सुशील सालवे और अभिषेक चौहान द्वारा एक साइबर सुरक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान, साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रश्नोत्तरी और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन शामिल था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को "डिजिटल हाइजीन" अपनाने, मजबूत पासवर्ड बनाने, 2FA (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) का उपयोग करने और संदिग्ध लिंक से बचने के महत्वपूर्ण तरीके सिखाए गए। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी लोन ऐप और अन्य ऑनलाइन फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी गई। इस पहल के दौरान राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 9 जुलाई को कालापीपल दौरे से पहले, प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और यातायात को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरे के मद्देनजर कालापीपल एक सुरक्षा छावनी में बदल गया है। प्रशासन द्वारा हेलीपैड से लेकर रोड शो मार्ग और सभा स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस की चप्पे-चप्पे पर तैनाती रहेगी, खासकर हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक हर जगह खाकी वर्दी नजर आएगी।1
- कन्नौद थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री से ग्रामीण महिलाएं अत्यधिक परेशान हैं। कन्नौद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर लगातार कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार द्वारा दोपहिया वाहनों के माध्यम से गांव-गांव में 'डायरी पद्धति' से अवैध शराब की बिक्री कराई जा रही है। इसी कारण क्षेत्र के कई गांवों में बार-बार झगड़े और गृह-क्लेश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में, विगत एक सप्ताह से आबकारी अधिकारी प्रेम यादव से कार्यालय जाकर और मोबाइल के माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध होते हैं और न ही उनके द्वारा मोबाइल रिसीव किया जाता है। ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अभी भी शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।3
- मुख्यमंत्री मोहन यादव 9 जुलाई को कालापीपल में आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने किसानों और युवाओं से इस सम्मेलन का हिस्सा बनने और संबंधित वीडियो को साझा करने की अपील की है। विधायक ने लोगों से विशेष रूप से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है।1
- देवास जिले के पीपलरावाँ में युवाओं ने साइबर सुरक्षा से संबंधित एक दौड़ में भाग लिया।1
- देवास के हाटपिपल्या में एनएसयूआई और युवक कांग्रेस ने संयुक्त रूप से तहसील का घेराव किया और कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई द्वारा पहले भी लगातार चार सालों से ज्ञापन दिए जा चुके हैं। ज्ञापन में एनएसयूआई के छात्रों ने प्रमुख रूप से तीन मांगें उठाईं। पहली मांग में शासकीय बालक विद्यालय को तुड़वाकर उसके स्थान पर नवीन भवन के साथ एक सीएम राइज स्कूल का निर्माण करने की बात कही गई, क्योंकि उनका कहना था कि वर्तमान स्कूल पूरी तरह जर्जर अवस्था में है और उसका प्लास्टर गिर रहा है, जिससे पहले भी दो बच्चों को चोटें आई थीं। दूसरी मांग के तहत शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई_फूले महाविद्यालय रखने की पैरवी की गई। छात्रों ने तर्क दिया कि माता सावित्रीबाई फूले के त्याग और क्रांति के कारण ही आज देश के सर्वोच्च पद पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय विराजमान हैं, और कई महिलाएं बड़े पदों पर आसीन हैं, जो उनके संघर्ष के बिना संभव नहीं था। तीसरी मांग महाविद्यालय से जुड़े एक मामले पर केंद्रित थी, जिसमें प्राचार्य गौरीशंकर रोहित और शिक्षक कविंद्र भरद्वाज पर एक छात्र को घसीटकर अंदर ले जाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया। छात्रों ने मांग की कि इस घटना की जांच करवाकर प्राचार्य और शिक्षक को तत्काल शासकीय पद से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ संवैधानिक रूप से उचित कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक पटेल कप्तान, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौहान, एनएसयूआई अध्यक्ष अरुण बराया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण गुड्डू जायसवाल, पार्षद पिंटू जामोदिया, पार्षद अजीत राजावत, पार्षद बंशी तंवर, प्रशांत चौहान राजौदा, दीपक गुर्जर, मनोहर भाटिया, भारत भीलवाड़ा, राजेश गोलियां, राकेश वैष्णव, रविन्द्र पटेल, विशाल माली, आशीष मेसरा, राहुल चौहान, गणेश वर्मा, राहुल राजपूत, कुलदीप गुर्जर, रोहित राजपूत, मनोज कंठाली, देवराज पाटीदार, सुरेश सिसोदिया, हाजी एहसान मंसूरी, गोलू निजामुद्दीन काजी, प्रीतम चौधरी, आर्यन यादव सहित समस्त छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौहान ने सभी का आभार व्यक्त किया।1
- इंदौर-बैतूल हाईवे स्थित बरवाई खेड़ा टोल प्लाजा के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गौमाता की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों, विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और गोरक्षा कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया है। करीब एक घंटे से लगे इस भीषण जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिसमें यात्री वाहन, मालवाहक ट्रक, रेत डम्फर, तेल टैंकर और यहाँ तक कि आपातकालीन सेवाएँ भी फंसी हुई हैं। लोग जाम खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही खातेगांव तहसीलदार मौके पर पहुँच गए हैं और वे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर जाम खुलवाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।2
- जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने बिलकिसगंज के जनजातीय ग्रामों सालीखेड़ा, पाटनी और बिलकिसगंज स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान का आकलन करना था। इस दौरान, उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और खेल-खेल में भाषा तथा गणित की आधारभूत अवधारणाओं पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन किया। बच्चों ने भी इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रीमती यादव ने शिक्षकों के साथ चर्चा करते हुए उन्हें निर्देशित किया कि कक्षाओं में अधिक से अधिक गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाए ताकि बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एफएलएन शिक्षण-सामग्री का प्रभावी और नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं को सहज तथा आनंददायक तरीके से अर्जित कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और मजबूत आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास की नींव है, जिसमें शिक्षकों की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित प्रगति का सतत मूल्यांकन एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।1