मध्य प्रदेश पुलिस, जिसमें राज्य साइबर सेल और इंदौर/भोपाल पुलिस कमिश्नरेट शामिल हैं, ने 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक सतत साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को टास्क स्कैम, फर्जी केवाईसी और "डिजिटल गिरफ्तारी" के नाम पर होने वाली जबरन वसूली जैसी विभिन्न डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है। अभियान के तहत प्रमुख सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इनमें "डिजिटल गिरफ्तारी" के दौरान घबराने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारत में किसी भी कानूनी प्राधिकरण या पुलिस अधिकारी के पास वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं है। साथ ही, नागरिकों को अपने ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और सीवीवी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को कभी भी किसी के साथ साझा न करने और गोपनीय रखने के लिए कहा गया है। लोगों को अज्ञात वेब लिंक पर क्लिक करने या बिना मांगे APK फाइलें डाउनलोड करने से भी बचने की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश पुलिस, जिसमें राज्य साइबर सेल और इंदौर/भोपाल पुलिस कमिश्नरेट शामिल हैं, ने 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक सतत साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को टास्क स्कैम, फर्जी केवाईसी और "डिजिटल गिरफ्तारी" के नाम पर होने वाली जबरन वसूली जैसी विभिन्न डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है। अभियान के तहत प्रमुख सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इनमें "डिजिटल गिरफ्तारी" के दौरान घबराने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारत में किसी भी कानूनी प्राधिकरण या पुलिस अधिकारी के पास वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार नहीं है। साथ ही, नागरिकों को अपने ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और सीवीवी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को कभी भी किसी के साथ साझा न करने और गोपनीय रखने के लिए कहा गया है। लोगों को अज्ञात वेब लिंक पर क्लिक करने या बिना मांगे APK फाइलें डाउनलोड करने से भी बचने की चेतावनी दी गई है।
- कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर ओंकारेश्वर में एक अनूठा रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है, जहाँ रक्तदाताओं को बाबा ओंकार के वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल रही है। इस अभिनव पहल के परिणामस्वरूप, पिछले पाँच महीनों में कुल 2600 यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका है। यह अभियान बाबा ओंकार के दर्शन के साथ मानव सेवा को जोड़ने का एक अनुपम उदाहरण बन गया है, जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी नगर के वार्ड क्रमांक एक और दो के निवासी पिछले कुछ दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। बिजली बंद रहने के कारण इन वार्डों के लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है, खासकर बारिश के मौसम में, जहां जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है और उन्हें अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। नागरिकों ने यह भी बताया कि खेतों के किनारे बनी झोपड़पट्टियों और कच्चे मकानों में खतरा और भी अधिक है, और ओवरब्रिज निर्माण के चलते मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। इस समस्या को लेकर बिजली विभाग से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन आरोप है कि विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। स्थानीय विधायक ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग के अधिकारियों को समस्या हल करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे आक्रोशित होकर, आज वार्ड वासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या के समाधान की मांग की और एसडीएम के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।4
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- कन्नौद थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री से ग्रामीण महिलाएं अत्यधिक परेशान हैं। कन्नौद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर लगातार कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। जानकारी के अनुसार, शराब ठेकेदार द्वारा दोपहिया वाहनों के माध्यम से गांव-गांव में 'डायरी पद्धति' से अवैध शराब की बिक्री कराई जा रही है। इसी कारण क्षेत्र के कई गांवों में बार-बार झगड़े और गृह-क्लेश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संबंध में, विगत एक सप्ताह से आबकारी अधिकारी प्रेम यादव से कार्यालय जाकर और मोबाइल के माध्यम से चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी न तो कार्यालय में उपलब्ध होते हैं और न ही उनके द्वारा मोबाइल रिसीव किया जाता है। ग्राम सोनखेड़ी की महिलाएं अभी भी शराब की बिक्री बंद करने की मांग को लेकर कन्नौद कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।3
- सनावद के शासकीय अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहिणी जाधव पर एक प्रसूता मरीज के परिजनों ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। ग्राम पीतनगर की मनीषा पति राहुल मंडलोई की डिलीवरी के बाद, उनकी परिजन अनीता मंडलोई बच्चे और माँ की दवाई व खानपान पर सलाह लेने डॉ. जाधव के पास गईं। इसी दौरान डॉक्टर रोहिणी जाधव कथित तौर पर गुस्सा हो गईं, उन्होंने अनीता मंडलोई का मोबाइल छीनकर फेंक दिया और तोड़ दिया। इस घटना से आहत होकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रभारी डॉ. के. एस. चौहान और जिला चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर डॉ. रोहिणी जाधव और अवैध वसूली में लिप्त आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने की मांग की। वहां मौजूद अन्य प्रसूता महिलाओं के परिजनों ने भी आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ताएं दिनभर अस्पताल में घूमकर डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को जांच के लिए निजी केंद्रों पर ले जाती हैं, साथ ही डॉक्टर और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध वसूली करने और समय पर इलाज न मिलने की शिकायतें भी सामने आईं। हालांकि, डॉ. रोहिणी जाधव ने इन आरोपों को निराधार बताया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि शासकीय अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा निजी क्लिनिक पर मरीज देखने, प्राइवेट जांच केंद्रों पर जांच करवाने और आशा कार्यकर्ताओं से मिलीभगत की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला सहित कई ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्था, डॉक्टरों का व्यवहार, आशा कार्यकर्ताओं और निजी जांच केंद्रों से मिलीभगत, और अस्पताल परिसर में फैली गंदगी जैसे मामलों का समाधान नहीं हुआ और दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अस्पताल का घेराव कर धरना प्रदर्शन करेंगे।4
- ओंकारेश्वर में पुलिस सेवाएं मुख्य रूप से मांधाता पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या सहायता के लिए, नागरिक सीधे थाना प्रभारी (TI) से +91704913004 पर संपर्क कर सकते हैं। मांधाता पुलिस स्टेशन, जिसका पिन कोड 451115 है, मुख्य मंदिर के निकट स्थित है और इसका आधिकारिक लैंडलाइन नंबर 07280-271227 है। पूरे मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम की निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खंडवा पुलिस द्वारा भी की जाती है। विस्तृत जानकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क के लिए, खंडवा जिला पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति यात्रा की योजना बना रहा है, तो दर्शन से संबंधित सही और आधिकारिक जानकारी श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।1
- ईरान की राजधानी तेहरान में 5 जुलाई 2026 को आयोजित नमाज़-ए-जनाज़ा का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और 30 से अधिक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, हदीस-ए-किसा की तिलावत और शोक सभाओं का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और आध्यात्मिक दिखाई दिया। समारोह की शुरुआत शहीद इमाम सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई के ताबूत को लाने के साथ हुई, जिसके बाद उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी श्रद्धांजलि के लिए प्रस्तुत किए गए। उपस्थित लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और “या ज़हरा” तथा अन्य धार्मिक नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान सहित इराक, रूस, चीन, कतर, ओमान, तुर्की, अफ़ग़ानिस्तान जैसे कई देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों से धार्मिक विद्वानों और प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस आयोजन को प्रमुखता से प्रसारित किया, विभिन्न समाचार चैनलों ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। हालाँकि, कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों की संख्या, उपस्थित लोगों के अनुमान और अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस आयोजन ने पश्चिम एशिया की राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियों को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है, और आने वाले दिनों में इसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर सभी की नजर बनी रहेगी। भारत के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा गया था और यह एक अच्छा अवसर था, जिसके तहत भारत का प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुआ। यह रिपोर्ट एएनटी आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाने, पिछले वर्ष की सोयाबीन की बीमा राशि के भुगतान और उर्वरक वितरण की विकास प्रणाली को बंद करने की मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनेक गांवों में मध्य प्रदेश सरकार का पुतला जलाया गया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को आम किसान यूनियन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें गांव-गांव विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। यूनियन का कहना है कि आगामी दिनों में जिले के हर गांव में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद शीघ्र ही जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय को घेरने के लिए "घेर डालो डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा। आज के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम भोनखेड़ी, सोनखेड़ी, नांदरा, गोयत और अन्य कई गांवों में सरकार के पुतले फूंके गए।1
- ग्राम नादिया में नदी पर बना पुलिया टूट चुका है। पुलिया टूटने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।1