ईरान की राजधानी तेहरान में 5 जुलाई 2026 को आयोजित नमाज़-ए-जनाज़ा का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और 30 से अधिक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, हदीस-ए-किसा की तिलावत और शोक सभाओं का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और आध्यात्मिक दिखाई दिया। समारोह की शुरुआत शहीद इमाम सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई के ताबूत को लाने के साथ हुई, जिसके बाद उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी श्रद्धांजलि के लिए प्रस्तुत किए गए। उपस्थित लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और “या ज़हरा” तथा अन्य धार्मिक नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान सहित इराक, रूस, चीन, कतर, ओमान, तुर्की, अफ़ग़ानिस्तान जैसे कई देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों से धार्मिक विद्वानों और प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस आयोजन को प्रमुखता से प्रसारित किया, विभिन्न समाचार चैनलों ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। हालाँकि, कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों की संख्या, उपस्थित लोगों के अनुमान और अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस आयोजन ने पश्चिम एशिया की राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियों को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है, और आने वाले दिनों में इसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर सभी की नजर बनी रहेगी। भारत के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा गया था और यह एक अच्छा अवसर था, जिसके तहत भारत का प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुआ। यह रिपोर्ट एएनटी आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी द्वारा प्रस्तुत की गई।
ईरान की राजधानी तेहरान में 5 जुलाई 2026 को आयोजित नमाज़-ए-जनाज़ा का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और 30 से अधिक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, हदीस-ए-किसा की तिलावत और शोक सभाओं का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और आध्यात्मिक दिखाई दिया। समारोह की शुरुआत शहीद इमाम सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई के ताबूत को लाने के साथ हुई, जिसके बाद उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी श्रद्धांजलि के लिए प्रस्तुत किए गए। उपस्थित लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और “या ज़हरा” तथा अन्य धार्मिक नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान सहित इराक, रूस, चीन, कतर, ओमान, तुर्की, अफ़ग़ानिस्तान जैसे कई देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों से धार्मिक विद्वानों और प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस आयोजन को प्रमुखता से प्रसारित किया, विभिन्न समाचार चैनलों ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। हालाँकि, कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों की संख्या, उपस्थित लोगों के अनुमान और अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस आयोजन ने पश्चिम एशिया की राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियों को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है, और आने वाले दिनों में इसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर सभी की नजर बनी रहेगी। भारत के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा गया था और यह एक अच्छा अवसर था, जिसके तहत भारत का प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुआ। यह रिपोर्ट एएनटी आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी द्वारा प्रस्तुत की गई।
- ओंकारेश्वर में पुलिस सेवाएं मुख्य रूप से मांधाता पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या सहायता के लिए, नागरिक सीधे थाना प्रभारी (TI) से +91704913004 पर संपर्क कर सकते हैं। मांधाता पुलिस स्टेशन, जिसका पिन कोड 451115 है, मुख्य मंदिर के निकट स्थित है और इसका आधिकारिक लैंडलाइन नंबर 07280-271227 है। पूरे मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम की निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खंडवा पुलिस द्वारा भी की जाती है। विस्तृत जानकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क के लिए, खंडवा जिला पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति यात्रा की योजना बना रहा है, तो दर्शन से संबंधित सही और आधिकारिक जानकारी श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।1
- मध्य प्रदेश के खालवा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आक्रोशित आदिवासी समाज संगठन ने खालवा थाने का घेराव कर पुलिस को ज्ञापन सौंपा। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना खालवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत उदयापुर गांव में हुई, जहाँ परिजनों का आरोप है कि एक मामूली विवाद के चलते बालिका के साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। सूचना मिलते ही खालवा पुलिस मौके पर पहुँची और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। खालवा थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर BNS और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश कर रही है और उसने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।1
- रामकृष्ण मिशन इन्दौर द्वारा शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई है।1
- ईरान की राजधानी तेहरान में 5 जुलाई 2026 को आयोजित नमाज़-ए-जनाज़ा का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और 30 से अधिक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, हदीस-ए-किसा की तिलावत और शोक सभाओं का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावुक और आध्यात्मिक दिखाई दिया। समारोह की शुरुआत शहीद इमाम सय्यद अली हुसैनी ख़ामेनई के ताबूत को लाने के साथ हुई, जिसके बाद उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी श्रद्धांजलि के लिए प्रस्तुत किए गए। उपस्थित लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और “या ज़हरा” तथा अन्य धार्मिक नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान सहित इराक, रूस, चीन, कतर, ओमान, तुर्की, अफ़ग़ानिस्तान जैसे कई देशों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों से धार्मिक विद्वानों और प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस आयोजन को प्रमुखता से प्रसारित किया, विभिन्न समाचार चैनलों ने इसे क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। हालाँकि, कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों की संख्या, उपस्थित लोगों के अनुमान और अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस आयोजन ने पश्चिम एशिया की राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियों को एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है, और आने वाले दिनों में इसके क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर सभी की नजर बनी रहेगी। भारत के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा गया था और यह एक अच्छा अवसर था, जिसके तहत भारत का प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुआ। यह रिपोर्ट एएनटी आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- मध्य प्रदेश राज्य का गृह विभाग राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय का संचालन करता है, जो साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक विशेष कानून प्रवर्तन एजेंसी है। यह विभाग धोखाधड़ी से संबंधित सलाह जारी करने में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिसमें विशेष रूप से "डिजिटल गिरफ्तारी" और डीपफेक तकनीक जैसे मामले शामिल हैं। जनता तक पहुँचने और जागरूकता संबंधी जानकारी प्रसारित करने के लिए, मध्य प्रदेश साइबर पुलिस X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक चैनल बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त, यह विभाग धोखाधड़ी और साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो उपलब्ध कराने के लिए अपना खुद का यूट्यूब चैनल भी संचालित करता है।1
- विधानसभा क्षेत्र माँधाता (175) के ग्राम भोगांवा में सनावद बायपास से कोठी-ओंकारेश्वर मुख्य मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में किसान कांग्रेस ने मंगलवार को एक अनोखा प्रदर्शन किया। लगभग 8 किलोमीटर लंबी यह सड़क बारिश के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और गहरे गड्ढों तथा तालाबों में बदल गई है, जिससे ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान कांग्रेस प्रदेश महासचिव गजेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में ग्रामीण युवाओं ने सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में 'बेशर्म' के पौधे लगाकर सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क की अनदेखी के कारण यह मार्ग हादसों का केंद्र बन गया है और हर दिन लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस गंभीर समस्या की ओर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान कई बार दिलाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस और क्षेत्रवासी जनहित में उग्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में मंडल कांग्रेस अध्यक्ष राकेश खाटरिया, जीतेन्द्र सिंह गुडिया, हर्षवर्धन सिंह सोलंकी, सियाराम भाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।4