नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।
नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा
में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों
के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त
है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।
- रामकृष्ण मिशन इन्दौर द्वारा शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई है।1
- पुनासा/मुंदी क्षेत्र में बीती रात से लगातार हुई तेज बारिश के कारण मुंदी-बीड़ मार्ग पर स्थित घोड़ाघाट नाला उफान पर आ गया। नाले के रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन रुक गया और यातायात प्रभावित रहा। इसी दौरान, एक गाय ने रपटा पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी। गाय नाले में गिर गई और कुछ दूरी तक पानी के साथ बहती चली गई। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ में चिंता छा गई, जो घोड़ाघाट नाले में पानी आने की खबर मिलते ही वहाँ जमा हो गई थी। हालांकि, कुछ दूरी आगे जाकर गाय सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलने में सफल रही, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में, जब नाले में पानी का बहाव कम हुआ, तब रपटे से वाहनों का आवागमन एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सका।1
- खंडवा शहर में ट्रैफिक पुलिस ने तेज आवाज वाले बुलेट बाइक साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। निगम चौराहे पर, जब्त किए गए 54 'कानफोड़ू' साइलेंसरों को रोलर चलाकर पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया गया। पुलिस का मुख्य मकसद ऐसे बाइक सवारों को सबक सिखाना और आमजन को तेज शोर से राहत दिलाना है, जो अपनी बुलेट बाइकों पर अत्यधिक आवाज वाले साइलेंसर का इस्तेमाल करते हैं।1
- बिचोली मर्दाना गांव में एक तेंदुए के घुसने की सूचना मिली है, जिसने एक बाइक सवार पर हमला किया। तेंदुए के इस हमले का पूरा नज़ारा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग के लोग तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं।1
- इंदौर में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के तहत, इंदौर के 95 प्रतिशत भवनों में अब वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।1
- इंदौर में तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ब्राउन शुगर की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को लेकर की गई है, जिसकी जांच अब शुरू कर दी गई है।1
- नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।4