पुनासा/मुंदी क्षेत्र में बीती रात से लगातार हुई तेज बारिश के कारण मुंदी-बीड़ मार्ग पर स्थित घोड़ाघाट नाला उफान पर आ गया। नाले के रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन रुक गया और यातायात प्रभावित रहा। इसी दौरान, एक गाय ने रपटा पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी। गाय नाले में गिर गई और कुछ दूरी तक पानी के साथ बहती चली गई। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ में चिंता छा गई, जो घोड़ाघाट नाले में पानी आने की खबर मिलते ही वहाँ जमा हो गई थी। हालांकि, कुछ दूरी आगे जाकर गाय सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलने में सफल रही, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में, जब नाले में पानी का बहाव कम हुआ, तब रपटे से वाहनों का आवागमन एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सका।
पुनासा/मुंदी क्षेत्र में बीती रात से लगातार हुई तेज बारिश के कारण मुंदी-बीड़ मार्ग पर स्थित घोड़ाघाट नाला उफान पर आ गया। नाले के रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन रुक गया और यातायात प्रभावित रहा। इसी दौरान, एक गाय ने रपटा पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी। गाय नाले में गिर गई और कुछ दूरी तक पानी के साथ बहती चली गई। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ में चिंता छा गई, जो घोड़ाघाट नाले में पानी आने की खबर मिलते ही वहाँ जमा हो गई थी। हालांकि, कुछ दूरी आगे जाकर गाय सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलने में सफल रही, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में, जब नाले में पानी का बहाव कम हुआ, तब रपटे से वाहनों का आवागमन एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सका।
- पुनासा/मुंदी क्षेत्र में बीती रात से लगातार हुई तेज बारिश के कारण मुंदी-बीड़ मार्ग पर स्थित घोड़ाघाट नाला उफान पर आ गया। नाले के रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन रुक गया और यातायात प्रभावित रहा। इसी दौरान, एक गाय ने रपटा पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी। गाय नाले में गिर गई और कुछ दूरी तक पानी के साथ बहती चली गई। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ में चिंता छा गई, जो घोड़ाघाट नाले में पानी आने की खबर मिलते ही वहाँ जमा हो गई थी। हालांकि, कुछ दूरी आगे जाकर गाय सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलने में सफल रही, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में, जब नाले में पानी का बहाव कम हुआ, तब रपटे से वाहनों का आवागमन एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सका।1
- खंडवा जिले के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। एक समझौते के तहत विज्ञान वर्ग से 12वीं उत्तीर्ण 60 बेटों और 60 बेटियों को तीन वर्षीय जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण पर प्रत्येक विद्यार्थी पर आने वाला लगभग ₹5 लाख का संपूर्ण व्यय आईआईटी बॉम्बे ग्रुप द्वारा वहन किया जाएगा। यह प्रशिक्षण केंद्र शीघ्र ही खेड़ी में प्रारंभ किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, प्रतिभागियों को न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह वेतन वाले रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।1
- रामकृष्ण मिशन इन्दौर द्वारा शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई है।1
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।1
- खंडवा जिले की हरसूद तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बारूद माल के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी ने माननीय सरपंच और सचिव महोदय से एक विनम्र निवेदन किया है। निवासी ने अधिकारियों का ध्यान वार्ड नंबर 10 की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि उन्हें किसी समस्या से 'बहुत तकलीफ' हो रही है, जिसके निवारण या उसे हटाने का अनुरोध किया गया है।1
- खंडवा शहर में ट्रैफिक पुलिस ने तेज आवाज वाले बुलेट बाइक साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। निगम चौराहे पर, जब्त किए गए 54 'कानफोड़ू' साइलेंसरों को रोलर चलाकर पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया गया। पुलिस का मुख्य मकसद ऐसे बाइक सवारों को सबक सिखाना और आमजन को तेज शोर से राहत दिलाना है, जो अपनी बुलेट बाइकों पर अत्यधिक आवाज वाले साइलेंसर का इस्तेमाल करते हैं।1
- ओंकारेश्वर में पुलिस सेवाएं मुख्य रूप से मांधाता पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या सहायता के लिए, नागरिक सीधे थाना प्रभारी (TI) से +91704913004 पर संपर्क कर सकते हैं। मांधाता पुलिस स्टेशन, जिसका पिन कोड 451115 है, मुख्य मंदिर के निकट स्थित है और इसका आधिकारिक लैंडलाइन नंबर 07280-271227 है। पूरे मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम की निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खंडवा पुलिस द्वारा भी की जाती है। विस्तृत जानकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क के लिए, खंडवा जिला पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति यात्रा की योजना बना रहा है, तो दर्शन से संबंधित सही और आधिकारिक जानकारी श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।1
- नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।4