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मध्य प्रदेश के हरसूद में अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।
Jay kanare
मध्य प्रदेश के हरसूद में अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।
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- मध्य प्रदेश पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में 'Safe Click 2.0' नामक एक साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नवीनतम तरीकों से सावधान रहने और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, फेक कॉल, QR कोड स्कैम, OTP फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इन खतरों से बचाव के लिए, अभियान लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, OTP, बैंक PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करने की सलाह देता है। 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत, स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिकों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि वे किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो वे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने राज्य के नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। पुलिस का स्पष्ट मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बड़ी आर्थिक और व्यक्तिगत हानि से बचा जा सकता है।1
- कन्नौद में मंगलवार सुबह 9 बजे एक साइबर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चे, युवा और महिलाओं समेत आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मैराथन पुलिस महानिर्देशक कैलाश मकवाना के निर्देशन में चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी से बचाव और उसकी रिपोर्टिंग के संबंध में आमजन को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती सोम्या और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आदित्य तिवारी को अपने थाना अनुभागों में लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराने और जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया था। यह मैराथन दौड़ थाना कन्नौद प्रांगण से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य मार्ग, गणेश चौक, नगर पंचायत चौराहा, बायपास, महाराणा प्रताप तिराहा और साईं मंदिर होते हुए वापस थाना प्रांगण पर समाप्त हुई। इस दौड़ में क्षेत्र के छोटे बच्चों, खिलाड़ियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, पत्रकारगणों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धावकों के हाथों में साइबर स्लोगन संबंधी बैनर थे, जो जागरूकता का संदेश दे रहे थे। थाना प्रांगण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती सोम्या ने सभी को संबोधित करते हुए साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी, और दौड़ में विजयी प्रतिभागियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। थाना प्रभारी कन्नौद निरीक्षक तहजीब काजी ने सभी का आभार व्यक्त किया, इस पहल का मुख्य लक्ष्य आमजन को साइबर ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराकर जागरूक करना है।2
- रामकृष्ण मिशन इन्दौर द्वारा शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई है।1
- जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इसमें आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अपर कलेक्टर श्री जैन ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। ग्राम पांगरा तहसील कन्नौद निवासी पंकज मीणा ने शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जे को हटाने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए। भौंरासा निवासी आवेदिका जमना बाई पति राजाराम ने संबल योजना का लाभ दिलाने की मांग की, और हाटपीपल्या निवासी निर्मला पति सोहनलाल अजमेरा ने पेंशन लाभ के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार, ग्राम बरखेड़ा कोतापाई के रामप्रसाद ने अपनी कृषि भूमि के पास जल निकासी की समस्या के समाधान का अनुरोध किया। इन सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इनके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन के सीमांकन, बिजली बिल कम कराने, बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, नामाकंन, बंटवारा, रास्ते पर से अतिक्रमण हटवाने और नालियों की साफ-सफाई जैसे विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने इन सभी आवेदनों की जांच कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश पुनः संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए।3
- मध्य प्रदेश राज्य का गृह विभाग राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय का संचालन करता है, जो साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक विशेष कानून प्रवर्तन एजेंसी है। यह विभाग धोखाधड़ी से संबंधित सलाह जारी करने में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिसमें विशेष रूप से "डिजिटल गिरफ्तारी" और डीपफेक तकनीक जैसे मामले शामिल हैं। जनता तक पहुँचने और जागरूकता संबंधी जानकारी प्रसारित करने के लिए, मध्य प्रदेश साइबर पुलिस X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक चैनल बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त, यह विभाग धोखाधड़ी और साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो उपलब्ध कराने के लिए अपना खुद का यूट्यूब चैनल भी संचालित करता है।1
- कन्नौद के खातेगांव पुलिस ने ग्राम बरबई खेड़ा में किन्नर का वेश धारण कर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्या जैन ने मंगलवार दोपहर 3 बजे आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह वारदात 19 जून 2026 को हुई थी। घटना के बाद, पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। पुलिस जांच के दौरान, तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली महत्वपूर्ण सूचनाओं और लगातार गहन छानबीन के आधार पर इन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वयं किन्नर का भेष धारण कर डकैती की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया था, ताकि उन पर किसी को शक न हो और वे आसानी से लूट कर सकें। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटी गई दो सोने की मालाएं और एक सोने का टॉप्स बरामद किया गया है। इसके अतिरिक्त, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक चाकू और दो कारें भी पुलिस ने जब्त की हैं। पुलिस ने बरामद सभी सामानों को कब्जे में ले लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध किसी संगठित गिरोह से है या नहीं, और क्या उन्होंने पहले भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस जांच के आधार पर मामले में अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। खातेगांव पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है।1
- सनावद पुलिस थाने द्वारा समाज में बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। यह आयोजन "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा अभियान के अंतर्गत "सावधानी ही सुरक्षा है" संदेश के साथ थाना परिसर में हुआ। मैराथन दौड़ थाना परिसर से शुरू होकर बस स्टैंड, मोरटक्का चौराहा, जवाहर मार्ग, त्रिकोण चौराहा और शहर के विभिन्न रास्तों से गुजरती हुई वापस थाना परिसर में ही समाप्त हुई। इस पहल का मुख्य लक्ष्य आम जनता को साइबर अपराधों के बढ़ते दायरे के प्रति सचेत करना था। अभियान के तहत लोगों को बताया गया कि वे किसी के साथ भी अपना ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें, क्योंकि "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई अवधारणा नहीं होती। साथ ही, उन्हें किसी भी प्रकार की लुभावनी योजनाओं का हिस्सा न बनने की सलाह दी गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी साइबर अपराध के घटित होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क साधें। इस मैराथन में बड़ी संख्या में आम नागरिक और पुलिस प्रशासन के सदस्य उपस्थित रहे।2
- नवीन शिक्षा सत्र शुरू होते ही राखड़ ले जाने वाले डंपरों और बलगरों का परिवहन अब दिन में भी शुरू हो गया है, जबकि पहले इनका आवागमन केवल रात्रि के समय होता था। कंपनी द्वारा संचालित ये डंपर नियमों को ताक पर रखकर, आरटीओ द्वारा स्वीकृत बॉडी के अतिरिक्त तीन से चार फीट ऊपर बॉडी बढ़वाकर, भारी मात्रा में ओवरलोड राखड़ का बेरोकटोक परिवहन कर रहे हैं। सनावद-पुनासा मार्ग पर चांदनीपुरा मंदिर के पास एक ऐसे ही ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर ने राखड़ गिरा दी, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। सूखे मौसम में यह राखड़ उड़कर लोगों की आंखों में जाती है, वहीं बारिश के इस मौसम में मोटरसाइकिल सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ये ओवरलोड राखड़ से भरे डंपर खंडवा और खरगोन, दोनों जिलों से होकर गुजरते हैं, इसके बावजूद दोनों जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्रवाई न करना आम नागरिकों की समझ से परे है। इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। नगर के नागरिकों ने इन ओवरलोड डंपरों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सनावद नगर और आसपास की जनता को इस गंभीर समस्या से उचित न्याय मिल पाएगा, या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते बिना किसी कार्रवाई के ही यह मामला खत्म कर दिया जाएगा।4