चम्पावत के ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ लगातार बारिश के कारण लदिया और रतिया नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से 50 से अधिक श्रद्धालु उफनती नदी के बीच फंस गए थे। मौके पर पहले से तैनात एसडीआरएफ टीम ने उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तुरंत मोर्चा संभालते हुए, तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव अभियान में नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित की गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की सतर्कता और अग्रिम तैनाती की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। प्रशासन ने लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
चम्पावत के ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ लगातार बारिश के कारण लदिया और रतिया नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से 50 से अधिक श्रद्धालु उफनती नदी के बीच फंस गए थे। मौके पर पहले से तैनात एसडीआरएफ टीम ने उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तुरंत मोर्चा संभालते हुए, तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव अभियान में नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित की गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की सतर्कता और अग्रिम तैनाती की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। प्रशासन ने लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र में 46 वर्षीय अमन कुमार को उनकी पत्नी गुंजन कुमारी से कथित तौर पर गहरा आघात पहुँचा है। अमन कुमार की पत्नी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC TRE-2) की परीक्षा उत्तीर्ण कर सरकारी शिक्षिका का पद प्राप्त किया, लेकिन नौकरी मिलते ही उन्होंने अपने पति से अलग रहने का निर्णय लेते हुए उनसे सभी संबंध तोड़ लिए। रिपोर्ट के अनुसार, अमन कुमार ने अपनी पत्नी को पढ़ाने और सरकारी शिक्षिका बनाने के लिए दिन-रात मजदूरी की और यहाँ तक कि अपनी जमीन तक बेच दी थी। इसके बावजूद, अब गुंजन कुमारी अपने पूर्व प्रेमी से मिल रही हैं और वर्तमान में उसके साथ एक अलग किराए के कमरे में रह रही हैं।1
- Post by Ranjeet Kumar1
- देहरादून के रायपुर हाथीखाना चौक पर सड़क खोदे जाने के बाद अभी तक उसकी मरम्मत नहीं की गई है। मूल जानकारी के अनुसार, 'सिविल लाइन वालों' द्वारा खोदी गई इस सड़क के कारण लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है, ताकि उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान हो सके।1
- सहारनपुर के ग्राम माहेश्वरी खुर्द से बिजली विभाग की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ गांव के मुख्य प्रवेश मार्ग के किनारे लगी जर्जर बिजली की केबिल लाइन लगातार बड़े हादसों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली के खंभों पर लगी तारों में बार-बार आग लगती है और केबिल टूट जाती हैं। उनका कहना है कि सूचना मिलने पर विभाग के कर्मचारी केवल तार जोड़कर चले जाते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। बताया गया है कि ट्रांसफार्मर से आगे की पूरी लाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण हर कुछ घंटों में फॉल्ट होने से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह रास्ता गांव का मुख्य प्रवेश द्वार है, जहाँ दिनभर लोगों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है, जिससे किसी भी समय एक बड़े और गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन उनकी समस्या पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि तुरंत खराब केबिल और पूरी जर्जर लाइन को बदला जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। इस पूरी स्थिति को देखते हुए सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है।1
- चम्पावत के ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ लगातार बारिश के कारण लदिया और रतिया नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से 50 से अधिक श्रद्धालु उफनती नदी के बीच फंस गए थे। मौके पर पहले से तैनात एसडीआरएफ टीम ने उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तुरंत मोर्चा संभालते हुए, तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव अभियान में नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित की गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की सतर्कता और अग्रिम तैनाती की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। प्रशासन ने लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।1