गंगा दशहरा के पावन अवसर पर फतुहा के दरियापुर स्थित कटैया गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती और पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री राम जानकी मंदिर परिषद के तत्वावधान में हुए इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की आराधना की। पूरे घाट परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, दीपदान, भजन-कीर्तन और “हर-हर गंगे” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। महंत राम सुंदर शरण जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संत-महात्माओं और विद्वानों ने गंगा दशहरा के महत्व पर विस्तार से बताया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या के फलस्वरूप ही माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम के दौरान गंगा नदी में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वरिष्ठ पत्रकार अमरेश कुमार सिंह ने कहा कि अनेक शहरों के गंदे नाले और दूषित जल लगातार गंगा में छोड़े जा रहे हैं, जिससे माँ गंगा का पवित्र स्वरूप प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की और लोगों से भी गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक गंगा आरती, प्रसाद वितरण और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर दंत चिकित्सक राजीव कुमार, विजय वत्स, पंजाबी राय, अरुण झा, उदय नारायण तिवारी, रवि कुमार, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर फतुहा के दरियापुर स्थित कटैया गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती और पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री राम जानकी मंदिर परिषद के तत्वावधान में हुए इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की आराधना की। पूरे घाट परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, दीपदान, भजन-कीर्तन और “हर-हर गंगे” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। महंत राम सुंदर शरण जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संत-महात्माओं और विद्वानों ने गंगा दशहरा के महत्व पर विस्तार से बताया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या के फलस्वरूप ही माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम के दौरान गंगा नदी में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वरिष्ठ पत्रकार अमरेश कुमार सिंह ने कहा कि अनेक शहरों के गंदे नाले और दूषित जल लगातार गंगा में छोड़े जा रहे हैं, जिससे माँ गंगा का पवित्र स्वरूप प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की और लोगों से भी गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक गंगा आरती, प्रसाद वितरण और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर दंत चिकित्सक राजीव कुमार, विजय वत्स, पंजाबी राय, अरुण झा, उदय नारायण तिवारी, रवि कुमार, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर फतुहा के दरियापुर स्थित कटैया गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती और पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री राम जानकी मंदिर परिषद के तत्वावधान में हुए इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की आराधना की। पूरे घाट परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, दीपदान, भजन-कीर्तन और “हर-हर गंगे” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा। महंत राम सुंदर शरण जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संत-महात्माओं और विद्वानों ने गंगा दशहरा के महत्व पर विस्तार से बताया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या के फलस्वरूप ही माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम के दौरान गंगा नदी में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वरिष्ठ पत्रकार अमरेश कुमार सिंह ने कहा कि अनेक शहरों के गंदे नाले और दूषित जल लगातार गंगा में छोड़े जा रहे हैं, जिससे माँ गंगा का पवित्र स्वरूप प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की और लोगों से भी गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक गंगा आरती, प्रसाद वितरण और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर दंत चिकित्सक राजीव कुमार, विजय वत्स, पंजाबी राय, अरुण झा, उदय नारायण तिवारी, रवि कुमार, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।1
- पटना के फतुहा स्थित ईदगाह में बकरीद के मौके पर मुस्लिम भाइयों ने नमाज़ अदा की। नमाज़ के उपरांत, उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की बधाई दी। इस अवसर पर, स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद दिखा।1
- बाढ़ के प्रकोप के बीच गंगा नदी में एक डेंगी नाव बीच धारा में पलट गई है। इस गंभीर दुर्घटना के बाद, नाव में सवार 5 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना के कारण उमानाथ घाट पर भारी कोहराम मच गया है, जहाँ लोग लापता हुए व्यक्तियों को लेकर चिंतित हैं।1
- पटनासिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित प्रकाश पुंज पर्यटक स्थल के बाहर दर्जनों शराब की खाली बोतलें और कई सिगरेट के डिब्बे मिलने से बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। साक्ष्य मिटाने की कोशिश में इन बोतलों सहित अन्य चीजों को जलाने का प्रयास भी किया गया था। दरअसल, बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद लोग चोरी-छिपे शराब का सेवन कर रहे हैं और शराब का धंधा भी बदस्तूर जारी है। धंधेबाज पकड़े भी जाते हैं, लेकिन बिक्री धड़ल्ले से चलती रहती है। यह घटना बाजार समिति स्थित प्रकाश पुंज पर्यटक स्थल के ठीक बाहर की है, जिसके पास ही सिखों का तीर्थ स्थल गुरु का बाग भी मौजूद है। इस क्षेत्र में कई होटल और बैंक्वेट हॉल भी हैं, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु घूमने व दर्शन के लिए पहुँचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण पर्यटक और तीर्थ स्थल के समीप इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बोतलों का मिलना एक बड़ा सवाल पैदा करता है कि ये बोतलें आखिर कहाँ से आईं और किसने इन्हें वहाँ ठिकाने लगाया। प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह शराब की बोतलों का मिलना निश्चित रूप से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच एक अच्छा संदेश नहीं देगा, और यह घटना राज्य में शराबबंदी की प्रभावशीलता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है।3
- “द इंडियन लेनिन” के नाम से जाने जाने वाले बाबु जगदेव पर एक फ़िल्म बनाई गई है। यह फ़िल्म सभी दर्शकों के लिए एक बार अवश्य देखने योग्य बताई जा रही है। इस फ़िल्म का संबंध BLCP ITS ASHOK SAMRAT से है।1
- आज सुबह, पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के बाबा उमानाथ घाट के पास, बिंद टोला के लोग सब्जी लेने के लिए गंगा पार कर रहे थे, तभी तेज हवा के कारण उनकी नाव बीच गंगा में पलट गई। यह घटना एक तरफ समस्तीपुर और दूसरी तरफ पटना का बॉर्डर है। इस नाव पर कुल 12 लोग सवार थे। हादसे में 7 लोग, जिनमें महिलाएं और पुरुष शामिल थे, बीच गंगा में डूब गए। स्थानीय गोताखोरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला और एक पुरुष सहित दो व्यक्तियों को गंगा से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि पांच अन्य व्यक्ति अभी भी लापता हैं। नाव पर सवार कुछ अन्य लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल गए। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थानाध्यक्ष अपने जल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में, बाढ़ की अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) गरिमा लोहिया और बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपी) रामकृष्णा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लापता लोगों के गांवों का दौरा कर उनके परिजनों को सांत्वना दी और अगली कार्रवाई का आश्वासन दिया। पटना के जिलाधिकारी और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक भी घटना स्थल पर पहुंचे और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य सरकार के गोताखोरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, इस दौरान बाढ़ के एसडीएम और ग्रामीण एसपी भी मौजूद रहे।1
- बिहार में बकरीद (ईद-उल-अज़हा) का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। पटना के फुलवारी शरीफ समेत राज्य के विभिन्न मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा की गई। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अल्लाह की बारगाह में अमन, चैन, सुख-समृद्धि और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। फुलवारी शरीफ के जानीपुर, ईसापुर, नगवा, नया टोला, खलीलपुरा, सब्जपुरा, मिल्लत कॉलोनी, फेडरल कॉलोनी, रहमत नगर, नौशा, कुरकुरी और अन्य मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज़ अदा की। इस दौरान प्रसिद्ध खानकाह मुजीबिया, छोटी खानकाह, मदीना मस्जिद, नूरी मस्जिद, जामा मस्जिद फेडरल कॉलोनी और गौसिया मस्जिद जैसी मस्जिदों में सुबह से ही नमाज़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे इलाके में खुशी और हर्ष का माहौल देखा गया। प्रसिद्ध खानकाह मुजीबिया में पूर्व मंत्री श्याम रजक भी पहुंचे और लोगों को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद देते हुए आपसी भाईचारे, मोहब्बत और अमन कायम रखने की अपील की। नया टोला में भारी सुरक्षा व्यवस्था के तहत यातायात को रोककर बकरीद की नमाज़ अदा कराई गई। अल्वा कॉलोनी स्थित मस्जिद सादिक में भी लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा कर देश और समाज में सुख-शांति की दुआ मांगी। ईसापुर, नया टोला, कर्बला, महतवाना, साइन संगत, गुलिस्तान मोहल्ला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शांतिपूर्ण ढंग से नमाज़ अदा की गई। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा और कई वरीय अधिकारी लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। पटना के संपतचक, गौरीचक, परसा बाजार और आसपास के इलाकों में भी बकरीद की नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई। प्रशासन की मुस्तैदी और लोगों के सहयोग से यह पर्व पूरे सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इसके अलावा, बिहार के अन्य जिलों जैसे भागलपुर, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, नवादा और जमुई में भी बकरीद का पर्व अकीदत के साथ शांतिपूर्वक मनाया गया।2
- बकरीद के अवसर पर गांधी मैदान में कोई भी नेता नहीं पहुंचा। यह पिछले 20 साल में पहली बार हुआ है कि इस मौके पर कोई भी नेता गांधी मैदान नहीं गया। जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब वे इस कार्यक्रम में शामिल होते थे, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वहां नहीं पहुंचे।1