राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के बाद बीजापुर जिले को नए पुलिस अधीक्षक के रूप में आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता मिले हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आगमन पर उनका स्वागत किया है। इस नई प्रशासनिक नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अब सभी की निगाहें जिले में उनके काम करने के तौर-तरीकों और प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं। आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता के पदभार संभालने के साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस-जन संवाद और जनसंपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में नए पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करने और विभिन्न थानों का दौरा करने की संभावना है।
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के बाद बीजापुर जिले को नए पुलिस अधीक्षक के रूप में आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता मिले हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आगमन पर उनका स्वागत किया है। इस नई प्रशासनिक नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अब सभी की निगाहें जिले में उनके काम करने के तौर-तरीकों और प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं। आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता के पदभार संभालने के साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस-जन संवाद और जनसंपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में नए पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करने और विभिन्न थानों का दौरा करने की संभावना है।
- कोंडागांव पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ लेकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक बीज भंडार संचालक को बदनाम करने और जेल भेजने की धमकी देकर उनसे ₹30 हजार की वसूली की थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से ₹30 हजार नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार और मोबाइल फोन समेत कुल ₹6.40 लाख की संपत्ति भी जब्त की है।1
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर स्थित थाना सिटी कोतवाली में 11 जुलाई दोपहर साढ़े 3 बजे शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कांकेर पुलिस को मिले नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में कांकेर पुलिस को एक नई बस और तीन स्कॉर्पियो वाहन प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आधुनिक संसाधनों से पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बेहतर और त्वरित पुलिस सेवाएं प्रदान करने में पुलिस को काफी सहायता मिलेगी।1
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- कोंडागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र स्थित ग्राम चेमा में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने लगभग ₹54 लाख की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में पुलिया और सीसी सड़क का निर्माण शामिल है। इस कार्यक्रम के दौरान, श्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए कहा कि बस्तर के दूरस्थ इलाकों में निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।1
- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे शनिवार को कांकेर के कोतवाली थाना में पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में विकसित की गई 'ई-मालखाना' प्रणाली का शुभारंभ किया। क्यूआर (QR) कोड आधारित इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से जब्त वाहनों, मोबाइल, नकदी, हथियार, आभूषण और एनडीपीएस प्रकरणों सहित सभी केस प्रॉपर्टी का पूरी तरह से सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद भोजराज नाग ने की। इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी तथा नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक भी उपस्थित रहे।1
- सुकमा के NH-30 पर ग्राम पंचायत ढोंडरा के पास बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक अज्ञात वाहन ने 16 गौवंशों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में सभी 16 गौवंशों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वाहन चालक ने गौवंशों को जानबूझकर कई बार गाड़ी को रिवर्स करके कुचला है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना को अंजाम देने वाले वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।2